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मासिक धर्म और स्वच्छता के लिए लड़कियों का ही नहीं, लड़कों का भी जागरूक होना आवश्यक : बिरला

Sun, 17 Dec 2023 12:38 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Dec 2023 12:38 AM IST
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It is necessary for not only girls but also boys to be aware about menstruation and hygiene: Birla
केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ सीडीपीओ बलबीर
हमीरपुर। मासिक धर्म और स्वच्छता के लिए लड़कियों का ही नहीं बल्कि लड़कों का भी जागरूक होना जरूरी है। यह आज के समय की जरूरत है। यह बात बाल विकास परियोजना अधिकारी हमीरपुर बलवीर बिरला ने शनिवार को केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर में आयोजित अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियंस स्माइल्स कार्यक्रम के दौरान कही। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास परियोजना हमीरपुर का विशेष सहयोग रहा।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना अधिकारी बलवीर बिरला ने की। इस दौरान प्रधानाचार्य सुनील चौहान, पीचएसी कुठेड़ा की मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रिया, बड़ा आयुष वेलनेस सेंटर के अधिकारी डॉ. दिनेश भाटिया, आयुष वेलनेस सेंटर लंबलू की अधिकारी डॉ. प्रियंका, पर्यवेक्षक एवं संरक्षण अधिकारी हमीरपुर-2 प्रदीप चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहेे। पीएचसी कुठेड़ा की मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रिया, बड़ा आयुष वेलनेस सेंटर के अधिकारी डॉ. दिनेश भाटिया, आयुष वेलनेस सेंटर लंबलू की अधिकारी डॉ. प्रियंका ने भी बच्चों को संबोधित किया और बच्चों को मासिक धर्म व स्वच्छता रखने के बारे में टिप्स दिए। चिकित्सकों ने कहा कि किशोरावस्था में शरीर में कई परिवर्तन आते हैं। ऐसे में बच्चों को घबराना नहीं है और अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना है। लड़कियों में एनीमिया सबसे ज्यादा पाया जाता है। ऐसे में लड़कियों को अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखना चाहिए। किशोरावस्था में बच्चे स्वस्थ रहने के लिए खेलों को अपनाएं, रोज योग करें, अंकुरित दालें, सब्जियां, फल, ड्राई फ्रूट आदि खाएं। इसके अलावा ‘वो दिन योजना’ और अपराजिता कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को माहवारी के समय स्वच्छता और आहार का किस प्रकार विशेष ध्यान रखना चाहिए, इसकी जानकारी दी। उन्होंने 100 गोल्डन डेज के विषय में भी विद्यार्थियों को बताया। डॉ. रिया ठाकुर ने बताया कि आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस समस्या को समझा जा रहा है और भारतीय समाज में माहवारी की समस्या से संबंधित कई कुरीतियां के निराकरण के लिए हम सफलतापूर्वक प्रयास कर रहे हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता विषय पर भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें कक्षा ग्यारहवीं की सानिया शर्मा ने प्रथम, स्मृति ने द्वितीय और कक्षा बारहवीं के नवी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
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बाक्स:
क्या कहती हैं बेटियां और लड़के
वो दिन योजना और अपराजिता कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को महावारी व स्वच्छता के लिए जागरूक किया। वहीं जागरूकता शिविरों से सरकारी योजनाओं की सही जानकारी लोगों तक पहुंचती है। केंद्र और प्रदेश सरकार की कई कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं, लोगों को इसका लाभ उठाना चाहिए। साथ ही अन्य लोगों को भी जागरूक करना चाहिए।
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-बलवीर बिरला, सीडीपीओ, हमीरपुर।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी मिली। किशोरावस्था में विद्यार्थियों को सहायता की आवश्यकता होती है। ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों को बहुत सहायता मिलती है।
सुनील चौहान, प्रधानाचार्य।

कार्यक्रम में ऐसी जानकारी दी गई जो इस आयु में उन्हें काफी सहयोग करेगी। जिन बातों का पूर्व में पता नहीं था, उनके बारे में पता चला। क्योंकि लड़कियों के साथ-साथ लड़कों का भी जागरूक होना अति आवश्यक है।
अनिकेत शर्मा, कक्षा जमा दो।


अंदाज कुछ अलग है मेरे सोचने का... किशोरावस्था हमारे जीवन की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था है। इसलिए हममें जो भी परिवर्तन होना है उस बारे में सजग होना चाहिए। लड़कियों के साथ-साथ लड़कों को भी जागरूक करने की बहुत आवश्यकता है। इससे कई प्रथाओं का अंत होगा और लड़कियां भी अपने आप को सुरक्षित महसूस करेंगी।

आनन सरोच, कक्षा जमा दो
ऐसे कार्यक्रमों से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है तथा जीवन में झिझक खत्म होती है। ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन लड़कियों के लिए बहुत फायदेमंद है।
आंचल, कक्षा जमा दो।

इस तरह के कार्यक्रम बेटियों को प्रोत्साहित करते हैं। इससे प्रेरित होकर बेटियां उत्कृष्ट प्रदर्शन करती हैं। ऐसे कार्यक्रम करवाने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन का धन्यवाद करना चाहते हैं। कई बार लड़कियां मासिक धर्म के बारे में बात करने में सजग नहीं होती हैं लेकिन ऐसे कार्यक्रमों से पता चलता है कि हमें किस समय कैसे अपनी और दूसरी लड़कियों की सहायता करनी है।

अंतरिक्षा, कक्षा जमा एक।


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