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Hamirpur (Himachal) News: नागरिक अस्पतालों में आइसाेलेशन वार्ड तैयार, कइयों में विशेषज्ञ नहीं
Wed, 29 Nov 2023 10:27 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 29 Nov 2023 10:27 AM IST
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हमीरपुर। एवियन इन्फ्लूएंजा एच9एन2 बीमारी को जिला में खंड स्तर पर आइसाेलेशन वार्ड तैयार कर दिए गए हैं। जिला के पांच नागरिक अस्पतालों में इस सिलसिले में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हर नागरिक अस्पताल में कम से कम दो आइसाेलेशन बिस्तर की व्यवस्था की गई है। जिला में बेशक विभाग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं, लेकिन कई अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी चल रही है।
एवियन इन्फ्लूएंजा एच9एन2 बीमारी को लेकर जारी अलर्ट के बाद भी लोग लापरवाह बने हुए हैं। अस्पतालों और बाजारों में स्वास्थ्य विभाग के अलर्ट पर सावधानी बरतना बेमानी ही साबित हो रहा है। भीड़ भरे बाजार तो दूर अस्पतालों में लोग मास्क पहन कर नहीं पहुंच रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञों की कमी के कारण बीमारी के फैलने की स्थिति में हालत मुश्किल हो सकते हैं।
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में बाल रोग विभाग में छह डाक्टर तैनात हैं। मौसम परिवर्तन के बाद ठंड से बच्चे फ्लू और जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। कॉलेज की ओपीडी में रोजाना निमोनिया अथवा बुखार के लक्षणों के वाले मरीज पहुंच रहे हैं। मगर निमोनिया की पुष्टि बेहद कम मरीजों में हो रही है। हालांकि लक्षण पाए जाने पर ओपीडी में डॉक्टर पूरी सावधानियां बरत रहे हैं।
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भोरंज, बड़सर और सुजानपुर में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं
जिला हमीरपुर में पांच नागरिक अस्पताल बड़सर, सुजानपुर, टौणीदेवी, नादौन और भोरंज में आइसाेलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं। महज नादौन और टौणीदेवी में बाल रोग विशेषज्ञ तैनात हैं, जबकि तीन अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों के बच्चों के बीमार होने पर अभिभावकों को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर का ही रुख करना पड़ता है।
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर आरके अग्रिहोत्री ने बताया कि एवियन इन्फ्लूएंजा एच9एन2 बीमारी को लेकर खंड स्तर पर अलर्ट जारी किया गया है। जिला के नागरिक अस्पतालों में व्यापक व्यवस्था करते हुए आइसोलेशन वार्ड भी स्थापित कर दिए हैं। दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था है।
राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के चिकित्सा अधीक्षक अनिल वर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में छह बाल रोग विशेषज्ञ हैं। बुखार और जुकाम के लक्षण वाले मरीजों की संख्या में कोई अधिक इजाफा नहीं है। हालांकि किसी भी मरीज में लक्षण पाएं जाने पर पूरी सावधानी बरती जा रही है।
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एवियन इन्फ्लूएंजा एच9एन2 बीमारी को लेकर जारी अलर्ट के बाद भी लोग लापरवाह बने हुए हैं। अस्पतालों और बाजारों में स्वास्थ्य विभाग के अलर्ट पर सावधानी बरतना बेमानी ही साबित हो रहा है। भीड़ भरे बाजार तो दूर अस्पतालों में लोग मास्क पहन कर नहीं पहुंच रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य संस्थानों में विशेषज्ञों की कमी के कारण बीमारी के फैलने की स्थिति में हालत मुश्किल हो सकते हैं।
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में बाल रोग विभाग में छह डाक्टर तैनात हैं। मौसम परिवर्तन के बाद ठंड से बच्चे फ्लू और जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। कॉलेज की ओपीडी में रोजाना निमोनिया अथवा बुखार के लक्षणों के वाले मरीज पहुंच रहे हैं। मगर निमोनिया की पुष्टि बेहद कम मरीजों में हो रही है। हालांकि लक्षण पाए जाने पर ओपीडी में डॉक्टर पूरी सावधानियां बरत रहे हैं।
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भोरंज, बड़सर और सुजानपुर में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं
जिला हमीरपुर में पांच नागरिक अस्पताल बड़सर, सुजानपुर, टौणीदेवी, नादौन और भोरंज में आइसाेलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं। महज नादौन और टौणीदेवी में बाल रोग विशेषज्ञ तैनात हैं, जबकि तीन अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों के बच्चों के बीमार होने पर अभिभावकों को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर का ही रुख करना पड़ता है।
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर आरके अग्रिहोत्री ने बताया कि एवियन इन्फ्लूएंजा एच9एन2 बीमारी को लेकर खंड स्तर पर अलर्ट जारी किया गया है। जिला के नागरिक अस्पतालों में व्यापक व्यवस्था करते हुए आइसोलेशन वार्ड भी स्थापित कर दिए हैं। दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था है।
राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के चिकित्सा अधीक्षक अनिल वर्मा ने कहा कि मेडिकल कॉलेज में छह बाल रोग विशेषज्ञ हैं। बुखार और जुकाम के लक्षण वाले मरीजों की संख्या में कोई अधिक इजाफा नहीं है। हालांकि किसी भी मरीज में लक्षण पाएं जाने पर पूरी सावधानी बरती जा रही है।