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Hamirpur (Himachal) News: शिक्षा पर महंगाई की मार, पढ़ाई करना हुआ महंगा
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हमीरपुर। महंगाई की मार अब विद्यार्थियों की पढ़ाई-लिखाई पर भी पड़ने लगी है। बच्चों की पाठय पुस्तकों की कीमत में इस बार 10 से 15 फीसदी की वृद्धि हुई है। बाजार में दुकानदारों ने कॉपियों, किताबों, पेन, पेंसिल, मार्कर, शॉर्पनर और इरेजर के दाम 10 से 15 फीसदी तक बढ़ा दिए हैं। जिससे अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल और कॉलेज में पढ़ाना मुश्किल हो गया है। गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को महंगाई के कारण परेशानी हो रही है।
बीते वर्ष दसवीं कक्षा की किताबों का एक सेट 1181 रुपये में आ जाता था लेकिन अब 1291 प्रति सेट के हिसाब से बिक रहा है। एक पुस्तक के दाम में 10 से 12 रुपये की वृद्धि हुई है। पुस्तकों के एक सेट में अलग-अलग विषयों की 12 पुस्तकें शामिल हैं। वहीं, पुस्तकों की कीमतों में हुई वृद्धि से अभिभावकों को बच्चों के लिए किताबें लेने में काफी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कागज के दाम बढ़ने से कॉपी, किताबों के दामों में काफी वृद्धि हुई है। वहीं, अभिभावकों का कहना है शिक्षा फ्री दी जानी चाहिए ताकि एक शिक्षित और सभ्य समाज का निर्माण हो सके।
क्या कहते हैं अभिभावक
महंगाई से आम लोगों का जीना दूभर हो चुका है। अब स्टेशनरी के दाम बढ़ने से बच्चों को किताबें लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -अंजू, अभिभावक।
पहले किताबों का एक सेट 800 से 1000 रुपये में आ जाता था लेकिन अब काफी महंगा है। स्टेशनरी के दाम बढ़ने से बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना भी मुश्किल हो गया है।
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-वंदना कुमारी, अभिभावक
खाने की चीजों से लेकर अब पढ़़ाई-लिखाई में उपयोग होने वाली कॉपी, पेन पेंसिल और किताबों के दाम भी कई गुणा बढ़ा दिए गए हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
-सन्नी, ठाकुर।
पूर्व में 1,000 रुपये में किताबों के सेट से लेकर स्कूल बैग और अन्य पढ़ाई में उपयोग होने वाला सामान आसानी से आ जाता था लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण अब 1,000 रुपये में किताबों का सेट भी नहीं मिल पा रहा है।
-सपना, अभिभावक
किताबों के सेटों के दाम: कक्षाएं
वर्ष 2022 वर्ष 2023
छठी 1100 1150
सातवीं 900 1000
आठवीं 1050 1180
नौवीं 1000 1192
दसवीं 1181 1291
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बीते वर्ष दसवीं कक्षा की किताबों का एक सेट 1181 रुपये में आ जाता था लेकिन अब 1291 प्रति सेट के हिसाब से बिक रहा है। एक पुस्तक के दाम में 10 से 12 रुपये की वृद्धि हुई है। पुस्तकों के एक सेट में अलग-अलग विषयों की 12 पुस्तकें शामिल हैं। वहीं, पुस्तकों की कीमतों में हुई वृद्धि से अभिभावकों को बच्चों के लिए किताबें लेने में काफी आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कागज के दाम बढ़ने से कॉपी, किताबों के दामों में काफी वृद्धि हुई है। वहीं, अभिभावकों का कहना है शिक्षा फ्री दी जानी चाहिए ताकि एक शिक्षित और सभ्य समाज का निर्माण हो सके।
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क्या कहते हैं अभिभावक
महंगाई से आम लोगों का जीना दूभर हो चुका है। अब स्टेशनरी के दाम बढ़ने से बच्चों को किताबें लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। -अंजू, अभिभावक।
पहले किताबों का एक सेट 800 से 1000 रुपये में आ जाता था लेकिन अब काफी महंगा है। स्टेशनरी के दाम बढ़ने से बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना भी मुश्किल हो गया है।
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-वंदना कुमारी, अभिभावक
खाने की चीजों से लेकर अब पढ़़ाई-लिखाई में उपयोग होने वाली कॉपी, पेन पेंसिल और किताबों के दाम भी कई गुणा बढ़ा दिए गए हैं, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
-सन्नी, ठाकुर।
पूर्व में 1,000 रुपये में किताबों के सेट से लेकर स्कूल बैग और अन्य पढ़ाई में उपयोग होने वाला सामान आसानी से आ जाता था लेकिन बढ़ती महंगाई के कारण अब 1,000 रुपये में किताबों का सेट भी नहीं मिल पा रहा है।
-सपना, अभिभावक
किताबों के सेटों के दाम: कक्षाएं
वर्ष 2022 वर्ष 2023
छठी 1100 1150
सातवीं 900 1000
आठवीं 1050 1180
नौवीं 1000 1192
दसवीं 1181 1291