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घर में पांडुलिपि पड़ी है तो करवाएं उसका पंजीकरण : संतोष
Sun, 17 May 2026 12:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 17 May 2026 12:52 AM IST
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हमीरपुर। भारत सरकार संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के अंतर्गत देश की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, दस्तावेजीकरण एवं अभिलेखीकरण का कार्य किया जा रहा है।
जिला भाषा अधिकारी संतोष कुमार पटियाल ने बताया कि देश में आज भी अनेक प्राचीन एवं दुर्लभ पांडुलिपियां घरों, मंदिरों, मठों, निजी परिवारों, संस्थाओं और विभिन्न समुदायों के पास सुरक्षित हैं, लेकिन उनका अभी तक कोई आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार नहीं हो पाया है। इन अमूल्य सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के उद्देश्य से संस्कृति मंत्रालय ने ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान आरंभ किया है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति, परिवार, संस्था अथवा समुदाय के पास किसी भी प्रकार की पांडुलिपियां, हस्तलिखित ग्रंथ, पुराने दस्तावेज अथवा ऐतिहासिक अभिलेख उपलब्ध हैं और वे अभी तक सूचीबद्ध या पंजीकृत नहीं हुए हैं, तो उनकी सूचना जिला भाषा अधिकारी कार्यालय, हमीरपुर को उपलब्ध करवाई जाए।
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संबंधित पांडुलिपियों के पंजीकरण के लिए त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ज्ञान भारतम मोबाइल एप एवं आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी लोग ऑनलाइन सर्वेक्षण में भाग लेकर अपनी पांडुलिपियों का पंजीकरण करवा सकते हैं।
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जिला भाषा अधिकारी संतोष कुमार पटियाल ने बताया कि देश में आज भी अनेक प्राचीन एवं दुर्लभ पांडुलिपियां घरों, मंदिरों, मठों, निजी परिवारों, संस्थाओं और विभिन्न समुदायों के पास सुरक्षित हैं, लेकिन उनका अभी तक कोई आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार नहीं हो पाया है। इन अमूल्य सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के उद्देश्य से संस्कृति मंत्रालय ने ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान आरंभ किया है।
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उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति, परिवार, संस्था अथवा समुदाय के पास किसी भी प्रकार की पांडुलिपियां, हस्तलिखित ग्रंथ, पुराने दस्तावेज अथवा ऐतिहासिक अभिलेख उपलब्ध हैं और वे अभी तक सूचीबद्ध या पंजीकृत नहीं हुए हैं, तो उनकी सूचना जिला भाषा अधिकारी कार्यालय, हमीरपुर को उपलब्ध करवाई जाए।
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संबंधित पांडुलिपियों के पंजीकरण के लिए त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि ज्ञान भारतम मोबाइल एप एवं आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी लोग ऑनलाइन सर्वेक्षण में भाग लेकर अपनी पांडुलिपियों का पंजीकरण करवा सकते हैं।