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ओमिक्रॉन को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, प्रत्येक खंड में बनेगा अलग-अलग वार्ड
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में लगा ऑक्सीजन प्लांट।
- फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। राष्ट्रीय कोविड सुपर मॉडल समिति की भविष्यवाणी के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर सक्रिय हो गया है। जिले में बुधवार तक ओमिक्रॉन का कोई भी संक्रमित मामला नहीं आया है, लेकिन तीसरी लहर की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग ने इससे निपटने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने प्रत्येक स्वास्थ्य खंड में पांच-पांच बिस्तरों की अलग से व्यवस्था करने के निर्देश सभी बीएमओ को दिए हैं और यह अलग वार्ड खंड स्तर पर बना दिए गए हैं। इन वार्डों में बाहरी देशों से आने वाले लोग जो संक्रमित पाए जाएंगे, उन्हें रखा जाएगा। अगर उनके सैंपल ओमिक्रॉन जांच में भी पॉजिटिव आते हैं तो भी वह इन्हीं वार्डों में रहेंगे। वर्तमान में जिले के स्वास्थ्य खंड सुजानपुर में विदेश से लौटने वाला जिले का एकमात्र कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति आइसोलेट है। इसका सैंपल ओमिक्रॉन जांच के लिए भेजा गया है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय जगोता ने कहा कि प्रत्येक खंड में पांच-पांच बिस्तरों की व्यवस्था ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर की गई है। विदेशों से आने के बाद संक्रमित पाए जाने वाले लोगों को यहां रखा जाएगा। जिले में करीब 150 लोग विदेशों से लौटे हैं। जिनमें से महज एक आरटीपीसीआर जांच में कोरोना पॉजिटिव आया है। इसका सैंपल ओमिक्रॉन जांच के लिए भी भेजा गया है, लेकिन अभी तक इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। ओमिक्रॉन से निपटने के लिए भी जिले में वही एसओपी जारी की गई है। लोगों को दो गज दूरी मास्क है जरूरी का पालन करना होगा।
वहीं, सीएमओ डॉ. आरके अग्निहोत्री ने कहा कि सभी स्वास्थ्य खंडों के अधिकारियों को ओमिक्रॉन से संबंधित दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं और अपने अपने स्वास्थ्य खंड में बिस्तरों का प्रावधान करने के भी आदेश दिए गए हैं।
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आईसीयू में चार वेंटिलेटर, कोविड वार्ड में हैं दस बेड
डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर की इंसेटिव केयर यूनिट और कोविड वार्ड में 14 बिस्तरों की सुविधा है। आईसीयू में चार वेंटिलेटर है। यहां गंभीर मरीजों को रखा जाता है। अगर ओमिक्रॉन का मामला कोई आता है और वह गंभीर होगा तो उसे यहीं आईसीयू में रखा जाएगा। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में दस बिस्तर का कोविड वार्ड भी है। अस्पताल में चिकित्सक पूरे हैं। अगर मामले बढ़ेंगे तो फील्ड और विभिन्न स्वास्थ्य खंडों से भी चिकित्सक बुलाए जाएंगे।
जिले में 180 बेड के हैं तीन कोविड केयर सेंटर
जिले में सिविल अस्पताल टौणी देवी में 40 बिस्तर, सलासी में 40 बिस्तर और आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में 100 बिस्तर की सुविधा है। वर्तमान में यह कोविड केयर सेंटर खाली पड़े हुए हैं। ओमिक्रॉन के खतरे के बीच मामले बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग इन कोविड केयर केंद्रों का प्रयोग करेगा।
जिले में 400 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 300 से ज्यादा बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर
जिले में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए 400 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और तीन सौ से अधिक बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर और इतने ही छोटे सिलिंडर हैं। वहीं, जिले में चार ऑक्सीजन प्लांट भी हैं। इनका निर्माण कोविड काल में ही किया गया है। जिले में ऑक्सीजन किल्लत से निपटने के लिए यह ऑक्सीजन प्लांट, कंसंट्रेटर और सिलिंडर हैं। मरीजों को घर पर प्रयोग के लिए भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए जाएंगे।
जिले में दस सरकारी एंबुलेंस हैं मौजूद
जिले में अगर कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप आता है तो दस एंबुलेंस मरीजों के लिए उपलब्ध हैं। इनमें से आठ एंबुलेंस 108 नंबर और दो एंबुलेंस सीएमओ कार्यालय की खुद की हैं। इसके अलावा कई समाजसेवी संगठनों ने भी एंबुलेंस दान दी हैं और बड़सर व हमीरपुर में समाजसेवी स्वयं भी एंबुलेंस का संचालन करते हैं।
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जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय जगोता ने कहा कि प्रत्येक खंड में पांच-पांच बिस्तरों की व्यवस्था ओमिक्रॉन के खतरे को लेकर की गई है। विदेशों से आने के बाद संक्रमित पाए जाने वाले लोगों को यहां रखा जाएगा। जिले में करीब 150 लोग विदेशों से लौटे हैं। जिनमें से महज एक आरटीपीसीआर जांच में कोरोना पॉजिटिव आया है। इसका सैंपल ओमिक्रॉन जांच के लिए भी भेजा गया है, लेकिन अभी तक इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। ओमिक्रॉन से निपटने के लिए भी जिले में वही एसओपी जारी की गई है। लोगों को दो गज दूरी मास्क है जरूरी का पालन करना होगा।
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वहीं, सीएमओ डॉ. आरके अग्निहोत्री ने कहा कि सभी स्वास्थ्य खंडों के अधिकारियों को ओमिक्रॉन से संबंधित दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं और अपने अपने स्वास्थ्य खंड में बिस्तरों का प्रावधान करने के भी आदेश दिए गए हैं।
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आईसीयू में चार वेंटिलेटर, कोविड वार्ड में हैं दस बेड
डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर की इंसेटिव केयर यूनिट और कोविड वार्ड में 14 बिस्तरों की सुविधा है। आईसीयू में चार वेंटिलेटर है। यहां गंभीर मरीजों को रखा जाता है। अगर ओमिक्रॉन का मामला कोई आता है और वह गंभीर होगा तो उसे यहीं आईसीयू में रखा जाएगा। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में दस बिस्तर का कोविड वार्ड भी है। अस्पताल में चिकित्सक पूरे हैं। अगर मामले बढ़ेंगे तो फील्ड और विभिन्न स्वास्थ्य खंडों से भी चिकित्सक बुलाए जाएंगे।
जिले में 180 बेड के हैं तीन कोविड केयर सेंटर
जिले में सिविल अस्पताल टौणी देवी में 40 बिस्तर, सलासी में 40 बिस्तर और आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में 100 बिस्तर की सुविधा है। वर्तमान में यह कोविड केयर सेंटर खाली पड़े हुए हैं। ओमिक्रॉन के खतरे के बीच मामले बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग इन कोविड केयर केंद्रों का प्रयोग करेगा।
जिले में 400 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, 300 से ज्यादा बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर
जिले में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए 400 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और तीन सौ से अधिक बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर और इतने ही छोटे सिलिंडर हैं। वहीं, जिले में चार ऑक्सीजन प्लांट भी हैं। इनका निर्माण कोविड काल में ही किया गया है। जिले में ऑक्सीजन किल्लत से निपटने के लिए यह ऑक्सीजन प्लांट, कंसंट्रेटर और सिलिंडर हैं। मरीजों को घर पर प्रयोग के लिए भी ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए जाएंगे।
जिले में दस सरकारी एंबुलेंस हैं मौजूद
जिले में अगर कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप आता है तो दस एंबुलेंस मरीजों के लिए उपलब्ध हैं। इनमें से आठ एंबुलेंस 108 नंबर और दो एंबुलेंस सीएमओ कार्यालय की खुद की हैं। इसके अलावा कई समाजसेवी संगठनों ने भी एंबुलेंस दान दी हैं और बड़सर व हमीरपुर में समाजसेवी स्वयं भी एंबुलेंस का संचालन करते हैं।