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ओलावृष्टि से गाड़ियों की शीशे, पानी की टंकियों की ढक्कन टूटे
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Fri, 20 May 2016 07:19 PM IST
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शीशे टूटने से कार मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। शुक्रवार की दोपहर को तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा था जो बारिश के बाद सीधे 30 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला मुख्यालय हमीरपुर में शुक्रवार को दोपहर बार आसमान से राहत की फुहारों के साथ आफत भी बरसी। दोपहर चार बजे के बाद शुरू हुई बारिश के साथ एकाएक ओलावृष्टि शुरू हो गई। ओलों का काफी बड़ा आकार देखकर हर कोई हैरान था।
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सड़क और बाजार में घूम रहे लोगों ने खुद को बचाने के लिए साथ लगती दुकानों में पनाह ली। हालांकि भारी ओलावृष्टि से आम और लीची की फसल को भारी नुकसान पहुंचा। पतझड़ के मौसम की तरह पेड़ों से पत्तों के गिरने का सिलसिला शुरू हो गया।
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ओलावृष्टि से पार्किंग और सड़क किनारे खड़ी करीब एक दर्जन से अधिक गाड़ियों की शीशे टूट गए। शीशे टूटने से कार मालिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। वहीं बीते दो दिनों से आसमान से बरस रही आग से लोगों को काफी राहत मिली।
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शुक्रवार की दोपहर को तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा था जो बारिश के बाद सीधे 30 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। तापमान में आई भारी गिरावट से लोगों ने राहत की सांस ली हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों सुनील कुमार, पवन शर्मा, अरुण ठाकुर, रोहित शर्मा और रिंकू ने बताया कि ओलों का आकार काफी बड़ा था। अगर लोग भाग कर दुकानों में पनाह नहीं लेते तो घायल हो सकते थे।
ओलावृष्टि से मकान की छतों पर रखी पानी की टंकियों के ढक्कन भी टूट गए। खराब मौसम के बीच बिजली भी गुल हो गई। बिजली की आंख मिचौनी से लोगों को काफी परेशानी हुई।
बागवान अमी चंद, बीएस ठाकुर, प्रदीप सिंह और प्रताप चंद ने बताया कि ओलावृष्टि से आम और लीच की फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। पत्तों के साथ आम और लीची भी जमीन पर आ गिरी है।