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शिक्षकों को अनुबंध नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता लाभ मिले : संघ
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हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की राज्यस्तीय बैठक में मौजूद पदाधिकारी व सदस्य।
- फोटो : Hamirpur-HP
भोरंज (हमीरपुर)। हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की राज्य स्तरीय बैठक राज्य प्रधान नरेश महाजन की अध्यक्षता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भोरंज में हुई।
बैठक में 150 से अधिक राज्य, जिला और खंड कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के राज्य महामंत्री नरोत्तम वर्मा, वित्त सचिव परस राम,वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश नरियाल, राकेश शर्मा, मुख्य संरक्षक अजय शर्मा, प्रतिवेदना कमेटी अध्यक्ष मनसा राम, कांगड़ा जिला प्रधान नरेश धीमान, बिलासपुर जिला प्रधान यशवीर रणौत, महासचिव सुनील ठाकुर, मंडी जिला के प्रधान अश्वनी गुलेरिया, हमीरपुर जिला प्रधान संजीव ठाकुर, महासचिव राजकुमार, चंबा जिला के प्रधान संजय ठाकुर, सोलन जिला के प्रधान कश्मीरी ठाकुर मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक में राज्य महासचिव ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया गया।
इसमें राज्य सरकार की ओर से छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को प्रदेश में लागू करने और एलटी को टीजीटी का दर्जा देने के लिए संघ ने सरकार का धन्यवाद किया। इसके बाद सभी जिलों के प्रधानों ने अपने जिला से संबंधित शिक्षकों की मांगों को रखा। बैठक में जिन मुद्दों को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग के सम्मुख उठाने को लेकर सहमति हुई उनमें पुरानी पेंशन को पुन: बहाल करना, छठे वेतन आयोग को पंजाब की तर्ज पर अक्षरश: लागू करना, सीधी भर्ती से अनुबंध पर नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों को उनकी अनुबंध नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता लाभ देना, टीजीटी से प्रवक्ता पदों पर शीघ्र अति शीघ्र पदोन्नति की जाए, लेक्चरर स्कूल न्यू और मुख्य अध्यापकों की फाइनल वरिष्ठता सूची शीघ्र जारी करने के लिए शिक्षा विभाग से मांग की गई।
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इसके साथ प्रधानाचार्यों की पदोन्नति को नियमित करना, कंपनी के अधीन कंप्यूटर शिक्षकों को पॉलिसी में लाकर शिक्षा विभाग में समायोजित किया जाए, एसएमसी पर तैनात अध्यापकों के लिए स्थायी नीति बनाकर सरकारी क्षेत्र में लाना, सरकारी स्कूलों में तैनात वोकेशनल प्रशिक्षकों को भी सरकारी पालिसी में लाना, 26-4-2010 के बाद पदोन्नत हुए टीजीटी को पहले की तरह मुख्याध्यापक बनाना व विकल्प की शर्त में एक मुश्त शब्द को हटाया जाए और एक मुश्त शब्द के स्थान पर यह पदोन्नति लगातार होती रहनी चाहिए, चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए केंद्र की तरह हेल्थ कार्ड सभी कर्मचारियों को देना, प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापकों और स्कूल प्रवक्ता न्यू की पदोन्नति सूचियां शीघ्र अति शीघ्र जारी करना और डीपीई को समान पद समान वेतन का लाभ दिया जाए। संघ ने संयुक्त मांग रखी कि दसवीं, जमा दो के टर्म दो की परीक्षाएं सुबह के समय और नवमीं और जमा एक के पेपर दोपहर बाद पहले की तरह लिए जाएं।
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बैठक में 150 से अधिक राज्य, जिला और खंड कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ के राज्य महामंत्री नरोत्तम वर्मा, वित्त सचिव परस राम,वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश नरियाल, राकेश शर्मा, मुख्य संरक्षक अजय शर्मा, प्रतिवेदना कमेटी अध्यक्ष मनसा राम, कांगड़ा जिला प्रधान नरेश धीमान, बिलासपुर जिला प्रधान यशवीर रणौत, महासचिव सुनील ठाकुर, मंडी जिला के प्रधान अश्वनी गुलेरिया, हमीरपुर जिला प्रधान संजीव ठाकुर, महासचिव राजकुमार, चंबा जिला के प्रधान संजय ठाकुर, सोलन जिला के प्रधान कश्मीरी ठाकुर मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक में राज्य महासचिव ने बैठक का एजेंडा प्रस्तुत किया गया।
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इसमें राज्य सरकार की ओर से छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को प्रदेश में लागू करने और एलटी को टीजीटी का दर्जा देने के लिए संघ ने सरकार का धन्यवाद किया। इसके बाद सभी जिलों के प्रधानों ने अपने जिला से संबंधित शिक्षकों की मांगों को रखा। बैठक में जिन मुद्दों को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग के सम्मुख उठाने को लेकर सहमति हुई उनमें पुरानी पेंशन को पुन: बहाल करना, छठे वेतन आयोग को पंजाब की तर्ज पर अक्षरश: लागू करना, सीधी भर्ती से अनुबंध पर नियुक्त शिक्षकों व कर्मचारियों को उनकी अनुबंध नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता लाभ देना, टीजीटी से प्रवक्ता पदों पर शीघ्र अति शीघ्र पदोन्नति की जाए, लेक्चरर स्कूल न्यू और मुख्य अध्यापकों की फाइनल वरिष्ठता सूची शीघ्र जारी करने के लिए शिक्षा विभाग से मांग की गई।
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इसके साथ प्रधानाचार्यों की पदोन्नति को नियमित करना, कंपनी के अधीन कंप्यूटर शिक्षकों को पॉलिसी में लाकर शिक्षा विभाग में समायोजित किया जाए, एसएमसी पर तैनात अध्यापकों के लिए स्थायी नीति बनाकर सरकारी क्षेत्र में लाना, सरकारी स्कूलों में तैनात वोकेशनल प्रशिक्षकों को भी सरकारी पालिसी में लाना, 26-4-2010 के बाद पदोन्नत हुए टीजीटी को पहले की तरह मुख्याध्यापक बनाना व विकल्प की शर्त में एक मुश्त शब्द को हटाया जाए और एक मुश्त शब्द के स्थान पर यह पदोन्नति लगातार होती रहनी चाहिए, चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए केंद्र की तरह हेल्थ कार्ड सभी कर्मचारियों को देना, प्रधानाचार्य, मुख्याध्यापकों और स्कूल प्रवक्ता न्यू की पदोन्नति सूचियां शीघ्र अति शीघ्र जारी करना और डीपीई को समान पद समान वेतन का लाभ दिया जाए। संघ ने संयुक्त मांग रखी कि दसवीं, जमा दो के टर्म दो की परीक्षाएं सुबह के समय और नवमीं और जमा एक के पेपर दोपहर बाद पहले की तरह लिए जाएं।