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Hamirpur (Himachal) News: प्रशिक्षु इंजीनियरों को साक्षात्कार के टिप्स दिए
Sun, 24 Nov 2024 04:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 24 Nov 2024 04:11 AM IST
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एनआईटी हमीरपुर में आयोजित संगोष्ठी में उपस्थित आयोजक एवं मुख्यातिथि। संस्थान।
हमीरपुर। एनआईटी हमीरपुर के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से क्रॉस-कल्चरल मैनेजमेंट और अंतरराष्ट्रीय मानव संसाधन अभ्यास पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। केमिकल इंजीनियरिंग विभाग ने तृतीय और अंतिम वर्ष के बीटेक छात्रों के लिए क्रॉस-कल्चरल मैनेजमेंट और अंतरराष्ट्रीय मानव संसाधन अभ्यास पर संगोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में इंदौर स्थित आरआरएस एचआर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक श्रीलेखा गौर उपस्थित रहीं। संगोष्ठी की शुरुआत केमिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक गर्ग के औपचारिक स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने श्रीलेखा गौर का स्वागत किया और इंजीनियरिंग शिक्षा एवं कॅरिअर विकास में वैश्विक दृष्टिकोण के महत्व पर विचार रखे। श्रीलेखा गौर ने छात्रों के साथ एक प्रेरक और जानकारीपूर्ण सत्र साझा किया। उन्होंने साक्षात्कार कौशल, प्रश्नोत्तर तकनीक, व्यवहारिक आकलन, तकनीकी और विश्लेषणात्मक मूल्यांकन और कमजोरियों एवं ताकतों को पहचानने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बहुसांस्कृतिक टीमों को प्रबंधित करने की व्यावहारिक रणनीतियों को साझा किया और क्रॉस-कल्चरल सहयोग की चुनौतियों एवं लाभों पर चर्चा की। उनके सत्र ने अंतरराष्ट्रीय मानव संसाधन अभ्यास को अपनाने के फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन डॉ. अमित अरोड़ा और डॉ. हम्माद सिद्दीकी के आभार भाषण से हुआ।
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इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में इंदौर स्थित आरआरएस एचआर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक श्रीलेखा गौर उपस्थित रहीं। संगोष्ठी की शुरुआत केमिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक गर्ग के औपचारिक स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने श्रीलेखा गौर का स्वागत किया और इंजीनियरिंग शिक्षा एवं कॅरिअर विकास में वैश्विक दृष्टिकोण के महत्व पर विचार रखे। श्रीलेखा गौर ने छात्रों के साथ एक प्रेरक और जानकारीपूर्ण सत्र साझा किया। उन्होंने साक्षात्कार कौशल, प्रश्नोत्तर तकनीक, व्यवहारिक आकलन, तकनीकी और विश्लेषणात्मक मूल्यांकन और कमजोरियों एवं ताकतों को पहचानने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बहुसांस्कृतिक टीमों को प्रबंधित करने की व्यावहारिक रणनीतियों को साझा किया और क्रॉस-कल्चरल सहयोग की चुनौतियों एवं लाभों पर चर्चा की। उनके सत्र ने अंतरराष्ट्रीय मानव संसाधन अभ्यास को अपनाने के फायदों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का समापन डॉ. अमित अरोड़ा और डॉ. हम्माद सिद्दीकी के आभार भाषण से हुआ।
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