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Hamirpur (Himachal) News: लहसुन के दाम दोगुने, किसानों ने बढ़ाया रकबा
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गोहर (मंडी) बीते सीजन में लहसुन के दाम 100 रुपये प्रति किलो से अधिक मिलने के बाद गोहर के किसानों का रुझान इस नकदी फसल की ओर बढ़ा है। बेहतर मुनाफे की उम्मीद में कई किसानों ने गेहूं, चना और हरे मटर की बिजाई कम कर लहसुन का रकबा बढ़ाने पर जोर दिया है। उपमंडल में लहसुन की बिजाई का कार्य शुरू हो गया है।
गोहर के मौवीसेरी, पिपलागलू, बैला, सकोहर, काथला, छपराहण, बसी, मझोठी और खारसी सहित कई क्षेत्रों में किसान बिजाई में जुटे हैं। किसान भीम सिंह, खेम राज, केसर सिंह, बेलीराम, शेर सिंह, गोपाल सिंह, दुनी चंद, हेम लाल, किशोरी लाल, सुनील कुमार, सोहन लाल, तुलसी राम और मोहर सिंह ने बताया कि इस बार लहसुन के दाम पिछले वर्ष के मुकाबले करीब दोगुने रहे। इससे उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ।
कई किसानों ने अगली फसल के लिए पहले ही बीज संभालकर रखा था। इस बार किसान दो से पांच क्विंटल तक लहसुन की बिजाई कर रहे हैं। किसानों के अनुसार घर-द्वार पर ही अच्छे दाम मिलने से उपज को बाजार तक पहुंचाने की परेशानी कम होती है। बेहतर आमदनी के चलते वे पारंपरिक फसलों के बजाय नकदी फसलों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अक्तूबर के मध्य से नवंबर के मध्य तक लहसुन की बिजाई का समय अनुकूल रहता है। गोहर में करीब 120 हेक्टेयर भूमि पर इसकी खेती होती है। वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर बेहतर पैदावार और मुनाफा हासिल किया जा सकता है।
कृषि विभाग के एसएमएम गगनदीप ने बताया कि इस साल लहसुन के अच्छे दाम मिलने से किसानों का रुझान बढ़ा है। किसान इन दिनों बिजाई के कार्य में जुटे हैं।
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गोहर के मौवीसेरी, पिपलागलू, बैला, सकोहर, काथला, छपराहण, बसी, मझोठी और खारसी सहित कई क्षेत्रों में किसान बिजाई में जुटे हैं। किसान भीम सिंह, खेम राज, केसर सिंह, बेलीराम, शेर सिंह, गोपाल सिंह, दुनी चंद, हेम लाल, किशोरी लाल, सुनील कुमार, सोहन लाल, तुलसी राम और मोहर सिंह ने बताया कि इस बार लहसुन के दाम पिछले वर्ष के मुकाबले करीब दोगुने रहे। इससे उन्हें अच्छा मुनाफा हुआ।
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कई किसानों ने अगली फसल के लिए पहले ही बीज संभालकर रखा था। इस बार किसान दो से पांच क्विंटल तक लहसुन की बिजाई कर रहे हैं। किसानों के अनुसार घर-द्वार पर ही अच्छे दाम मिलने से उपज को बाजार तक पहुंचाने की परेशानी कम होती है। बेहतर आमदनी के चलते वे पारंपरिक फसलों के बजाय नकदी फसलों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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कृषि विशेषज्ञों के अनुसार अक्तूबर के मध्य से नवंबर के मध्य तक लहसुन की बिजाई का समय अनुकूल रहता है। गोहर में करीब 120 हेक्टेयर भूमि पर इसकी खेती होती है। वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर बेहतर पैदावार और मुनाफा हासिल किया जा सकता है।
कृषि विभाग के एसएमएम गगनदीप ने बताया कि इस साल लहसुन के अच्छे दाम मिलने से किसानों का रुझान बढ़ा है। किसान इन दिनों बिजाई के कार्य में जुटे हैं।