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Hamirpur (Himachal) News: अवाहदेवी माता मंदिर में नवमी पर चार हजार श्रद्धालुओं ने टेका माथा
Thu, 02 Oct 2025 01:13 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 02 Oct 2025 01:13 AM IST
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अवाहदेवी माता मंदिर में आयोजित शत चंडी महायज्ञ में भाग लेते मंदिर कमेटी के पदाधिकारी व श्रद्धाल
संवाद न्यूज एजेंसी
अवाहदेवी/लदरौर (हमीरपुर)। शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर अवाहदेवी माता मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर प्रांगण में जुटी रही और माता के जयकारे लगते रहे।
इस दौरान अवाहदेवी माता मंदिर में चार हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। 22 सितंबर को प्रथम नवरात्र से प्रारंभ हुए पाठात्मक शत चंडी महायज्ञ का समापन नवमी को पूर्णाहुति के साथ हुआ।
इस दौरान मंदिर परिसर भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। सुबह 10:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन आरंभ और दोपहर 1:00 बजे शत चंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति डाली गई।
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नवरात्र समापन के बाद दशहरे के दिन भी अवाहदेवी माता मंदिर में पारंपरिक आयोजन होंगे। सुबह 10:00 बजे सिंदूर प्रथा निभाई जाएगी। इसके उपरांत अस्थाई मूर्तियों की भव्य विसर्जन यात्रा अवाहदेवी से कांडापतन (लघु हरिद्वार) तक निकाली जाएगी। ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और जयकारों के बीच यह शोभायात्रा भक्तिमय उल्लास और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगी।
इसी प्रकार, संतोषी माता मंदिर लदरौर में भी भक्तों की भीड़ रही। यहां पर तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद लिया।
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अवाहदेवी/लदरौर (हमीरपुर)। शारदीय नवरात्र की नवमी तिथि पर अवाहदेवी माता मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर प्रांगण में जुटी रही और माता के जयकारे लगते रहे।
इस दौरान अवाहदेवी माता मंदिर में चार हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए। 22 सितंबर को प्रथम नवरात्र से प्रारंभ हुए पाठात्मक शत चंडी महायज्ञ का समापन नवमी को पूर्णाहुति के साथ हुआ।
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इस दौरान मंदिर परिसर भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। सुबह 10:00 बजे वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन आरंभ और दोपहर 1:00 बजे शत चंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति डाली गई।
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नवरात्र समापन के बाद दशहरे के दिन भी अवाहदेवी माता मंदिर में पारंपरिक आयोजन होंगे। सुबह 10:00 बजे सिंदूर प्रथा निभाई जाएगी। इसके उपरांत अस्थाई मूर्तियों की भव्य विसर्जन यात्रा अवाहदेवी से कांडापतन (लघु हरिद्वार) तक निकाली जाएगी। ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और जयकारों के बीच यह शोभायात्रा भक्तिमय उल्लास और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगी।
इसी प्रकार, संतोषी माता मंदिर लदरौर में भी भक्तों की भीड़ रही। यहां पर तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद लिया।