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Hamirpur (Himachal) News: दियोटसिद्ध मंदिर परिसर में बंदरों के हमले से चार श्रद्धालु घायल
Sun, 17 May 2026 12:43 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 17 May 2026 12:43 AM IST
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बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में बंदर ने काटा श्रद्धालु। संवाद
दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में शनिवार सुबह गेट नंबर तीन के पास बंदरों के हमले में पंजाब के लुधियाना से आए चार श्रद्धालु घायल हो गए। अचानक हुए इस हमले से मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
घायलों की पहचान नीतू (42), हर्ष (16), वंश (10) और करण शर्मा (45) के रूप में हुई है। सभी श्रद्धालु बाबा बालक नाथ के दर्शन के लिए लुधियाना से पहुंचे थे।
घटना के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में स्थित चिकित्सालय की जानकारी नहीं थी, जिसके चलते वे उपचार के लिए शाहतलाई के एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उनका इलाज करवाया गया।
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बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में बंदरों से बचाव के लिए कुछ स्थानों पर जालियां लगाई गई हैं, लेकिन अन्य खुले रास्तों से बंदर परिसर में प्रवेश कर जाते हैं।
मंदिर अधिकारी सुभाष मल्होत्रा ने बताया कि मंदिर चिकित्सालय में श्रद्धालुओं के लिए प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कर्मियों को बंदरों से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) का स्टॉक एक दिन पहले समाप्त हो गया था, जिसके लिए नया ऑर्डर दे दिया गया है और जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध करवा दी जाएगी।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने और बंदरों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। वहीं, श्रद्धालुओं ने मंदिर न्यास से मांग की है कि परिसर में बंदरों के बढ़ते आतंक पर स्थायी और प्रभावी नियंत्रण के उपाय किए जाएं, ताकि दर्शनार्थियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।
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घायलों की पहचान नीतू (42), हर्ष (16), वंश (10) और करण शर्मा (45) के रूप में हुई है। सभी श्रद्धालु बाबा बालक नाथ के दर्शन के लिए लुधियाना से पहुंचे थे।
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घटना के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में स्थित चिकित्सालय की जानकारी नहीं थी, जिसके चलते वे उपचार के लिए शाहतलाई के एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां उनका इलाज करवाया गया।
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बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में बंदरों से बचाव के लिए कुछ स्थानों पर जालियां लगाई गई हैं, लेकिन अन्य खुले रास्तों से बंदर परिसर में प्रवेश कर जाते हैं।
मंदिर अधिकारी सुभाष मल्होत्रा ने बताया कि मंदिर चिकित्सालय में श्रद्धालुओं के लिए प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कर्मियों को बंदरों से श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) का स्टॉक एक दिन पहले समाप्त हो गया था, जिसके लिए नया ऑर्डर दे दिया गया है और जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध करवा दी जाएगी।
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने और बंदरों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। वहीं, श्रद्धालुओं ने मंदिर न्यास से मांग की है कि परिसर में बंदरों के बढ़ते आतंक पर स्थायी और प्रभावी नियंत्रण के उपाय किए जाएं, ताकि दर्शनार्थियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।