{"_id":"6649f8e719c81ae9b4035955","slug":"forests-burnt-in-722-hectare-area-in-hamirpur-forest-division-the-largest-in-terms-of-area-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-127976-2024-05-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: वन मंडल हमीरपुर में 722 हेक्टेयर एरिया में जले जंगल, क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे अधिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: वन मंडल हमीरपुर में 722 हेक्टेयर एरिया में जले जंगल, क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे अधिक
विज्ञापन
जिले में सुरक्षा के दावे खोखले, नहीं बचा एक भी जंगल
सक्रिय बीटों की निगरानी करने में वन विभाग हुआ विफल
सबसे पहले सक्रिय बीटों में लगी आग, नहीं बची वन संपदा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। प्रदेश में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटे जिले हमीरपुर में सबसे अधिक वन संपदा राख हुई है। आग लगने की घटनाओं के मामले में बेशक हमीरपुर जिला प्रदेश में दूसरे नंबर पर है लेकिन क्षेत्रफल के लिहाज से प्रदेश में सबसे आगे है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि जंगलों की आग को बुझाने के कितने संजीदा प्रयास विभाग और प्रशासन की ओर से किए जा रहे हैं। विभाग और प्रशासन के आग पर काबू पाने के तमाम दावे हमीरपुर मंडल में धरे के धरे रह गए हैं। वन विभाग हमीरपुर की ओर से फायर सीजन को लेकर की गई तमाम तैयारियां शून्य साबित हुई हैं। जिले में 722 हेक्टेयर क्षेत्र में जंगल राख हो गए हैं। करोड़ों की वन संपदा के साथ वन्य प्राणी भी खाक हो रहे हैं। आग वन्य प्राणियों के जीवन को भी लील रही है। प्रचंड गर्मी से इंसानों के पसीने छूट रहे हैं तो जंगलों में जानवरों और पक्षियों के आशियाने तक राख हो रहे हैं। वन मंडल हमीरपुर जंगलों में आग लगने की घटनाओं के लिहाज से प्रदेश में दूसरे नंबर है। यहां पर 73 बार जंगलों में आग की घटनाएं दर्ज हुई जबकि धर्मशाला मंडल में 107 आग की घटनाएं सामने आई हैं। जिले में आग की भेंट चढ़ा 180 हेक्टेयर एरिया ऐसा है जिसपर पौधरोपण किया गया था। लाखों रुपये इस प्लांटेशन पर खर्च हुए लेकिन चंद दिनों में सब राख हो गया है। ऐसे में ताजा की गई प्लांटेशन को आग से बचाने के विभाग के दावे फिर फिसड्डी साबित हो रहे हैं।
खतरे का अनुमान, फिर भी लाचारी
हमीरपुर वन मंडल के तहत अति संवेदनशील घोषित वन बीट पर आग की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि विभाग को पूर्वानुमान होने के बावजूद जंगलों को आग से बचाने के दावों के बीच विभाग लाचार ही साबित हो रहा है। आग लगने का अनुमान होने के बावजूद वन संपदा को बचाने के प्रयास यहां पर नजर नहीं आए हैं। विभाग की ओर से तीन वर्षों से सबसे अधिक सक्रिय बीटों को निगरानी में रखा था ताकि इन क्षेत्रों को बचाया जा सके लेकिन सबसे पहले यही जंगल एक-एक करके आग की भेंट चढ़े हैं।
ब्यान:
जिो की 70 बीटों पर वन विभाग और दमकल विभाग के कर्मचारी वन संपदा को आग से बचाने में लगे हुए हैं। सबसे अधिक सक्रिय बीटों पर अधिक ध्यान रखा जा रहा है ताकि आग की घटनाओं को कम किया जा सके ।
विज्ञापन
अंकित सिंह डीएफओ हमीरपुर।
विज्ञापन
सक्रिय बीटों की निगरानी करने में वन विभाग हुआ विफल
सबसे पहले सक्रिय बीटों में लगी आग, नहीं बची वन संपदा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। प्रदेश में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटे जिले हमीरपुर में सबसे अधिक वन संपदा राख हुई है। आग लगने की घटनाओं के मामले में बेशक हमीरपुर जिला प्रदेश में दूसरे नंबर पर है लेकिन क्षेत्रफल के लिहाज से प्रदेश में सबसे आगे है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि जंगलों की आग को बुझाने के कितने संजीदा प्रयास विभाग और प्रशासन की ओर से किए जा रहे हैं। विभाग और प्रशासन के आग पर काबू पाने के तमाम दावे हमीरपुर मंडल में धरे के धरे रह गए हैं। वन विभाग हमीरपुर की ओर से फायर सीजन को लेकर की गई तमाम तैयारियां शून्य साबित हुई हैं। जिले में 722 हेक्टेयर क्षेत्र में जंगल राख हो गए हैं। करोड़ों की वन संपदा के साथ वन्य प्राणी भी खाक हो रहे हैं। आग वन्य प्राणियों के जीवन को भी लील रही है। प्रचंड गर्मी से इंसानों के पसीने छूट रहे हैं तो जंगलों में जानवरों और पक्षियों के आशियाने तक राख हो रहे हैं। वन मंडल हमीरपुर जंगलों में आग लगने की घटनाओं के लिहाज से प्रदेश में दूसरे नंबर है। यहां पर 73 बार जंगलों में आग की घटनाएं दर्ज हुई जबकि धर्मशाला मंडल में 107 आग की घटनाएं सामने आई हैं। जिले में आग की भेंट चढ़ा 180 हेक्टेयर एरिया ऐसा है जिसपर पौधरोपण किया गया था। लाखों रुपये इस प्लांटेशन पर खर्च हुए लेकिन चंद दिनों में सब राख हो गया है। ऐसे में ताजा की गई प्लांटेशन को आग से बचाने के विभाग के दावे फिर फिसड्डी साबित हो रहे हैं।
खतरे का अनुमान, फिर भी लाचारी
हमीरपुर वन मंडल के तहत अति संवेदनशील घोषित वन बीट पर आग की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि विभाग को पूर्वानुमान होने के बावजूद जंगलों को आग से बचाने के दावों के बीच विभाग लाचार ही साबित हो रहा है। आग लगने का अनुमान होने के बावजूद वन संपदा को बचाने के प्रयास यहां पर नजर नहीं आए हैं। विभाग की ओर से तीन वर्षों से सबसे अधिक सक्रिय बीटों को निगरानी में रखा था ताकि इन क्षेत्रों को बचाया जा सके लेकिन सबसे पहले यही जंगल एक-एक करके आग की भेंट चढ़े हैं।
विज्ञापन
ब्यान:
जिो की 70 बीटों पर वन विभाग और दमकल विभाग के कर्मचारी वन संपदा को आग से बचाने में लगे हुए हैं। सबसे अधिक सक्रिय बीटों पर अधिक ध्यान रखा जा रहा है ताकि आग की घटनाओं को कम किया जा सके ।
विज्ञापन
अंकित सिंह डीएफओ हमीरपुर।