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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Flowers grow on mango trees, this time hope of bountiful harvest

Hamirpur (Himachal) News: आम के पेड़ों पर उगे फूल, इस बार भरपूर फसल की उम्मीद

Tue, 07 Mar 2023 11:58 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Mar 2023 11:58 PM IST
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रंगस (हमीरपुर)। आम के पेड़ों पर इस बार भरपूर फूल आने से बागवानों में खुशी की लहर है। ऑन ईयर होने की वजह से आम के पौधों पर भरपूर अंकुरण है। इससे आम की बंपर फसल होने की पूरी संभावना है। जिले भर में दो एक दर्जन बागवान हैं, जिनके पास आम के बड़े बगीचे हैं। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार किसानों को दोगुनी से भी ज्यादा फसल आने की उम्मीद है। रंगस और आसपास के किसान रमेश चंद, शिवेश, मोहिंद्र सिंह और विजय ठाकुर ने कहा कि इस बार हमारे बगीचे में लगे आम के पेड़ों पर 90 फीसदी के करीब फूल आए हैं जो कि पहले की अपेक्षा कहीं ज्यादा है। इससे जाहिर है कि इस बारे उन्हें आम की अच्छी फसल होने की पूरी संभावना है। लेकिन आमतौर पर कई बार देखा गया है कि फूल आने के समय ही इसमें बीमारी लग जाती हैं जिसकी वजह से फल लगने से पहले ही इसका अंकुर नष्ट हो जाता है। अभी फिलहाल ऐसा देखने मे नहीं आया है लेकिन इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी में कार्यरत पौध रोग विज्ञान के विशेषज्ञ डॉ. कुमुद जरियाल ने कहा कि पिछले वर्ष आम की फसल के लिए ऑफ ईयर था लेकिन इस बार ऑन ईयर है। आमतौर पर इस क्षेत्र आम की फसल के लिए एक साल में ऑफ ईयर होता है। वहीं, दूसरे वर्ष ऑन ईयर होता है। इस बार ऑन ईयर होने की वजह से आम के पौधों पर भरपूर फूल यानी अंकुरण आया है। जिससे अच्छी फसल होने की उम्मीद जगी है।
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रोगों से दूर रखने के लिए करें यह काम
पौध रोग विज्ञान के विशेषज्ञ डॉ. कुमुद जरियाल ने कहा कि आमतौर पर देखा गया है कि आम को फल लगने से पहले ही कई बार सफेद चूरणीय रोग या तेलिया रोग लग जाता है जिसकी वजह से फूल आने के मुताबिक आम की फसल बागवान के हाथ नहीं लगती। इसलिए इसके लिए यदि बागवान अभी से ही कॉपर ऑक्सिक्लोराइड तीन ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से या फिर मैनकोजेब दवाई ढाई ग्राम प्रति लीटर के हिसाब से स्प्रे करना शुरू कर दें। तब दोनों बीमारियों से ही इस फसल को बचाया जा सकता है। इसके लिए किसान 15 दिन के भीतर यदि तीन बार इन दवाइयों की स्प्रे कर दें। वहीं बीमारी लगने की स्थिति में यह दोनों ही दवाइयां 10 दिनों के अंतराल में उपरोक्त मात्रा में ही स्प्रे करने से बीमारी से बचाव किया जा सकता है। क्योंकि यह दोनों ही ब्रॉड स्पेक्ट्रम हैं।
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