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एचआरटीसी पर पांच दिवसीय कार्यदिवस की मार
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एचआरटीसी की बस में बैठी सवारियां। जिसमें अधिकतर सीटें खाली हैं।
- फोटो : Hamirpur-HP
=हमीरपुर। कोरोना के बढ़ते मामलों के चलते हिमाचल सरकार के पांच दिवसीय कार्यदिवस के आदेशों ने एचआरटीसी के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया है। शनिवार और रविवार दो दिन हमीरपुर डिपो के सभी लोकल रूट बंद रहे। वहीं, इन दो दिनों में निगम ने जिन लांग रूटों पर बसें चलाईं, उनमें भी इक्का-दुक्का सवारियां मिलीं। जिससे बस का तेल खर्च भी नहीं निकल पाया। कुछेक बसें तो बस अड्डे से बिना सवारियों के रवाना हुईं। राजस्व को पहुंचने वाले भारी नुकसान के कारण आने वाले दिनों में एचआरटीसी के चालकों-परिचालकों के मासिक वेतन पर भी असर पड़ सकता है।
पूर्व में भी लॉकडाउन के कारण कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिला था। सुबह छह बजे शिमला-ठियोग को गई बस अड्डे से बिना सवारियों के ही निकली। हमीरपुर से चंडीगढ़ के लिए भी छह बसें चलाई गई हैं, लेकिन अधिकतर बसों में पांच से 10 ही सवारियां हो पाईं। वहीं, दिल्ली के लिए चलाई गई बसों में भी बहुत ही कम सवारियां थीं।
शनिवार और रविवार दोनों ही दिन सवारियां कम रहीं, जिससे बसों का तेल खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया। एचआरटीसी ने चंडीगढ़, दिल्ली, होशियारपुर, लुधियाना, हरिद्वार रूटों पर शनिवार और रविवार को बसें चलाई थीं। वहीं, निजी बस ऑपरेटरों के भी यही हाल रहे। बस चालक दिनभर सवारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन उनके हाथ निराशा ही लगी। इससे पूर्व शनिवार और रविवार को लांग रूटों पर सवारियां मिल जाती थीं और बसों का तेल खर्च निकल जाता था। डीडीएम विवेक लखनपाल ने कहा कि शनिवार और रविवार सवारियां कम रहीं।
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पूर्व में भी लॉकडाउन के कारण कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिला था। सुबह छह बजे शिमला-ठियोग को गई बस अड्डे से बिना सवारियों के ही निकली। हमीरपुर से चंडीगढ़ के लिए भी छह बसें चलाई गई हैं, लेकिन अधिकतर बसों में पांच से 10 ही सवारियां हो पाईं। वहीं, दिल्ली के लिए चलाई गई बसों में भी बहुत ही कम सवारियां थीं।
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शनिवार और रविवार दोनों ही दिन सवारियां कम रहीं, जिससे बसों का तेल खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया। एचआरटीसी ने चंडीगढ़, दिल्ली, होशियारपुर, लुधियाना, हरिद्वार रूटों पर शनिवार और रविवार को बसें चलाई थीं। वहीं, निजी बस ऑपरेटरों के भी यही हाल रहे। बस चालक दिनभर सवारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन उनके हाथ निराशा ही लगी। इससे पूर्व शनिवार और रविवार को लांग रूटों पर सवारियां मिल जाती थीं और बसों का तेल खर्च निकल जाता था। डीडीएम विवेक लखनपाल ने कहा कि शनिवार और रविवार सवारियां कम रहीं।
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