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Hamirpur (Himachal) News: आईटीआई रैल में कोलीफार्म बैक्टीरिया से पीलिया फैलने की आशंका
Thu, 11 Dec 2025 01:00 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 11 Dec 2025 01:00 AM IST
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आईटीआई संस्थान रैल का भवन। संवाद
रंगस (हमीरपुर)। आईटीआई रैल में एक साथ तीस प्रशिक्षु पीलिया की चपेट में आने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जल शक्ति विभाग की ओर से लिए गए पानी के सैंपल की रिपोर्ट आ गई है। इसमें पानी में कोलीफार्म बैक्टीरिया पाया गया है।
जल शक्ति विभाग ने पानी का सैंपल संस्थान के बोरवेल से लिया है। बोरवेल के साथ सेप्टिक टैंक भी है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि सेप्टिक टैंक से गंदा पानी वोरबेल में मिला है, जिसके चलते पानी दूषित हो गया है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है। यह रिपोर्ट एक या दो दिनों के भीतर आएगी। संस्थान में बीते दो दिनों में तीस प्रशिक्षुओं में पीलिया पाया गया है।
मामले आने के बाद जल शक्ति विभाग ने संस्थान के बोरवैल सहित अन्य पेयजल स्रोतों से सैंपल लिए। इसे जांच के लिए हमीरपुर स्थित विभाग की लैब में भेजा। रिपोर्ट में बोरवेल के पानी में कोलीफार्म बैक्टीरिया पाया गया है। हालांकि बताया जा रहा है कि कोलीफार्म बैक्टीरिया की मात्रा कम है। इतनी कम मात्रा से पीलिया नहीं हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है।
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बॉक्स
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दूसरे दिन किया निरीक्षण
बुधवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आईटीआई रैल का निरीक्षण किया। दूसरे दिन संस्थान में विद्यार्थियों से संवाद किया। टीम में पीएचसी रैल के चिकित्सक डॉ. हितेष सहित अन्य शामिल रहे। दूसरे दिन भी पेयजल स्रोतों की स्थिति जांची गई। प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं व स्टाफ को पानी को अच्छी तरह उबालकर पीने की भी सलाह दी है।
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यह होता है कोलीफार्म बैक्टीरिया
दूषित पानी में मौजूद कोलीफार्म बैक्टीरिया (विशेषकर फेकल कोलीफार्म) से सीधे पीलिया हो सकता है। यह बैक्टीरिया पानी को दूषित करते हैं और हेपेटाइटिस ए और ई जैसे गंभीर लिवर संक्रमण (यकृत संक्रमण) का कारण बनते हैं। इससे पीलिया होता है। साथ ही दस्त, टाइफाइड और उल्टी जैसी समस्याएं भी होती हैं।
कोट
-चार प्रशिक्षुओं के लक्षण के आधार पर सैंपल लिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट भी एक से दो दिनों के भीतर आएगी। -डॉ. राजेश, बीएमओ नादौन
-संस्थान के बोरवेल से सैंपल लिए गए हैं। इसमें कोलीफार्म बैक्टीरिया पाया गया है। हालांकि इसकी मात्रा बहुत कम है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। -अमित चौधरी, एसडीओ, जल शक्ति विभाग, नादौन
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जल शक्ति विभाग ने पानी का सैंपल संस्थान के बोरवेल से लिया है। बोरवेल के साथ सेप्टिक टैंक भी है। आशंका व्यक्त की जा रही है कि सेप्टिक टैंक से गंदा पानी वोरबेल में मिला है, जिसके चलते पानी दूषित हो गया है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी है। यह रिपोर्ट एक या दो दिनों के भीतर आएगी। संस्थान में बीते दो दिनों में तीस प्रशिक्षुओं में पीलिया पाया गया है।
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मामले आने के बाद जल शक्ति विभाग ने संस्थान के बोरवैल सहित अन्य पेयजल स्रोतों से सैंपल लिए। इसे जांच के लिए हमीरपुर स्थित विभाग की लैब में भेजा। रिपोर्ट में बोरवेल के पानी में कोलीफार्म बैक्टीरिया पाया गया है। हालांकि बताया जा रहा है कि कोलीफार्म बैक्टीरिया की मात्रा कम है। इतनी कम मात्रा से पीलिया नहीं हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दूसरे दिन किया निरीक्षण
बुधवार को भी स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आईटीआई रैल का निरीक्षण किया। दूसरे दिन संस्थान में विद्यार्थियों से संवाद किया। टीम में पीएचसी रैल के चिकित्सक डॉ. हितेष सहित अन्य शामिल रहे। दूसरे दिन भी पेयजल स्रोतों की स्थिति जांची गई। प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं व स्टाफ को पानी को अच्छी तरह उबालकर पीने की भी सलाह दी है।
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यह होता है कोलीफार्म बैक्टीरिया
दूषित पानी में मौजूद कोलीफार्म बैक्टीरिया (विशेषकर फेकल कोलीफार्म) से सीधे पीलिया हो सकता है। यह बैक्टीरिया पानी को दूषित करते हैं और हेपेटाइटिस ए और ई जैसे गंभीर लिवर संक्रमण (यकृत संक्रमण) का कारण बनते हैं। इससे पीलिया होता है। साथ ही दस्त, टाइफाइड और उल्टी जैसी समस्याएं भी होती हैं।
कोट
-चार प्रशिक्षुओं के लक्षण के आधार पर सैंपल लिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट भी एक से दो दिनों के भीतर आएगी। -डॉ. राजेश, बीएमओ नादौन
-संस्थान के बोरवेल से सैंपल लिए गए हैं। इसमें कोलीफार्म बैक्टीरिया पाया गया है। हालांकि इसकी मात्रा बहुत कम है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। -अमित चौधरी, एसडीओ, जल शक्ति विभाग, नादौन