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निजी स्कूलों में बस किराये के नाम पर लूट
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Tue, 26 Apr 2016 10:49 PM IST
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निजी स्कूलों में बस किराये के नाम पर अभिभावकों को लूटा जा रहा है। मनमाने तरीके से प्रति वर्ष 10 से 15 फीसदी बस किराये में बढ़ोतरी की जा रही है। इतना ही नहीं अभिभावकों से छह माह का बस किराया भी एडवांस में एक ही बार लिया जा रहा है। ऐसे में अभिभावकों की जेब पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इस कारण अभिभावकों ने परिवहन विभाग से बस किराया निर्धारित करने की मांग की है।
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डेढ़ से दो किलोमीटर सफर के लिए बच्चों से डेढ़ से दो हजार रुपये प्रति माह फीस वसूली जा रही है। छह माह का बस किराया एडवांस में जमा किया जा रहा है जिससे अभिभावकों की जेबों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। अभिभावकों में नरेश कुमार, सुनील कुमार, कश्मीर सिंह आदि की मानें तो स्कूल प्रबंधन हर साल 10 से 15 फीसदी बस किराये में बढ़ोतरी कर रहा है।
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ऊपर से छह माह का एडवांस किराये की शर्त ने बच्चों को स्कूल बस में सफर करवाना और भी मुश्किल कर दिया है। उन्होंने क्षेत्रीय परिवहन विभाग से मांग की कि स्कूल बसों का किराया प्रति किलोमीटर निर्धारित किया जाए। साथ ही छह माह का एडवांस किराया जमा करवाने की शर्त को भी हटाया जाए। नियमों की अवहेलना करने वाले स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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उधर, आरटीओ विक्रम महाजन का कहना है कि समस्या हाल ही में मेरे ध्यान में आई है। अगर ऐसा है तो इसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।