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बाबा बालक नाथ मंदिर ट्रस्ट में कार्यरत कर्मचारी होंगे ट्रांसफर
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बिझड़ी (हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में गड़बड़झाले का मामला उजागर होने के बाद लंबे समय से ट्रस्ट में कार्यरत कर्मचारियों को इधर से उधर करने की तैयारी हो गई है। मंदिर ट्रस्ट के अधीन बाबा बालक नाथ डिग्री कॉलेज, संस्कृत कॉलेज, वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चकमोह में कार्यरत कर्मचारियों को बाबा बालक नाथ मंदिर में ड्यूटी पर लगाया जाता रहा है। अच्छी खासी सैलरी इन कर्मचारियों को बाबा के खजाने से दी जाती है।
अब ट्रस्ट के लिपिक पर सोना-चांदी की गड़बड़ी को लेकर मामला उजागर हुआ है। इसी के चलते मंदिर ट्रस्ट की कमिश्नर डीसी हमीरपुर ने सीधे-सीधे एक लिपिक को बीते दिन बर्खास्त कर दिया है। लिपिक पर आरोप है कि बाबा बालक नाथ ट्रस्ट में लिपिक के पद पर तैनात था तो उसने रजिस्टर से छेड़छाड़ कर सोना चांदी के रिकॉर्ड में गड़बड़ी की है। एक मामला 2016-17 का है, जिसमें ट्रस्ट के लॉकर में एक बंडल में ज्यादा सोना पाया गया है जबकि उसे रजिस्टर में कम दिखाया गया है। जबकि, दूसरा मामला अक्तूबर 2020 का है, जिसमें लिपिक की ओर से रजिस्टर में छेड़छाड़ कर मौजूदा सोने की मात्रा को कम दर्शाया गया है।
जांच पूरी होने तक डीसी हमीरपुर देवश्वेता बनिक ने उसे निलंबित करने के आदेश किए हैं। जबकि उपायुक्त ने ट्रस्ट की जितनी भी शाखाएं हैं उनमें कर्मचारियों को इधर से उधर ट्रांसफर करने का ऑर्डर दे दिए हैं। हर वर्ष बाबा बालक नाथ मंदिर में करोड़ों का चढ़ावा चढ़ता है और बाबा के खजाने की अपनी संपत्ति भी 50 से 60 करोड़ रुपये तक है। यह पहली बार नहीं है कि मंदिर ट्रस्ट के किसी कर्मचारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
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इससे पहले भी कई बार गड़बड़ी हुई है। मामला उजागर होना इस बात की गवाही देता है कि मंदिर ट्रस्ट में भ्रष्टाचार आज का नहीं है, पहले भी होता रहा है। मंदिर अधिकारी अजय कुमार ने कहा कि संबंधित लिपिक को मंदिर ट्रस्ट की कमिश्नर डीसी हमीरपुर ने बर्खास्त कर दिया है और बाकी ब्रांच के कर्मचारियों को भी इधर से उधर किया जा रहा है, जिससे की पारदर्शिता बनी रहे और मंदिर अधिकारी की ओर से भी सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपनी ड्यूटी का पूरी निष्ठा व ईमानदारी से निर्वहन करें।
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अब ट्रस्ट के लिपिक पर सोना-चांदी की गड़बड़ी को लेकर मामला उजागर हुआ है। इसी के चलते मंदिर ट्रस्ट की कमिश्नर डीसी हमीरपुर ने सीधे-सीधे एक लिपिक को बीते दिन बर्खास्त कर दिया है। लिपिक पर आरोप है कि बाबा बालक नाथ ट्रस्ट में लिपिक के पद पर तैनात था तो उसने रजिस्टर से छेड़छाड़ कर सोना चांदी के रिकॉर्ड में गड़बड़ी की है। एक मामला 2016-17 का है, जिसमें ट्रस्ट के लॉकर में एक बंडल में ज्यादा सोना पाया गया है जबकि उसे रजिस्टर में कम दिखाया गया है। जबकि, दूसरा मामला अक्तूबर 2020 का है, जिसमें लिपिक की ओर से रजिस्टर में छेड़छाड़ कर मौजूदा सोने की मात्रा को कम दर्शाया गया है।
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जांच पूरी होने तक डीसी हमीरपुर देवश्वेता बनिक ने उसे निलंबित करने के आदेश किए हैं। जबकि उपायुक्त ने ट्रस्ट की जितनी भी शाखाएं हैं उनमें कर्मचारियों को इधर से उधर ट्रांसफर करने का ऑर्डर दे दिए हैं। हर वर्ष बाबा बालक नाथ मंदिर में करोड़ों का चढ़ावा चढ़ता है और बाबा के खजाने की अपनी संपत्ति भी 50 से 60 करोड़ रुपये तक है। यह पहली बार नहीं है कि मंदिर ट्रस्ट के किसी कर्मचारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
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इससे पहले भी कई बार गड़बड़ी हुई है। मामला उजागर होना इस बात की गवाही देता है कि मंदिर ट्रस्ट में भ्रष्टाचार आज का नहीं है, पहले भी होता रहा है। मंदिर अधिकारी अजय कुमार ने कहा कि संबंधित लिपिक को मंदिर ट्रस्ट की कमिश्नर डीसी हमीरपुर ने बर्खास्त कर दिया है और बाकी ब्रांच के कर्मचारियों को भी इधर से उधर किया जा रहा है, जिससे की पारदर्शिता बनी रहे और मंदिर अधिकारी की ओर से भी सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अपनी ड्यूटी का पूरी निष्ठा व ईमानदारी से निर्वहन करें।