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Himachal News: महापंचायत में सरकार के खिलाफ कर्मचारियों का शंखनाद, बोले- बिजली बोर्ड को खत्म नहीं होंगे देंगे

Tue, 11 Feb 2025 09:27 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर Published by: Krishan Singh Updated Tue, 11 Feb 2025 09:27 PM IST
सार

कमेटी की ओर से हीरालाल सहित अन्य वक्ताओं ने प्रदेश सरकार की युक्तिकरण व केंद्रीयकरण के नाम पर शुरू की गई पद समाप्ति की मुहिम को एकतरफा करार देते हुए इसे बंद करने की मांग की। 

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Electricity board employees held a mahapanchayat in Hamirpur
बिजली बोर्ड कर्मियों ने हमीरपुर में की महापंचायत। - फोटो : संवाद

विस्तार

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मांगों को लेकर बिजली बोर्ड कर्मियों, पेंशनरों और आउटसोर्स कर्मियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हमीरपुर के टाउन हाल में महापंचायत से कर्मचारियों और पेंशनरों ने मांगों को लेकर शंखनाद कर दिया है। महापंचायत में बिजली बोर्ड कर्मचारी और पेंशनर संघ के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। भीड़ इतनी थी कि टाउन हाल के बाहर कुर्सियां लगानी पड़ीं। पंचायत में करीब 1,000 प्रतिभागी मौजूद रहे।

संयुक्त संघर्ष समिति कर्मचारी, अभियंता एवं पेंशनर जिला हमीरपुर की ओर से महापंचायत सुबह 11:00 बजे से शुरू हुई। समिति के सहसंयोजक हीरा लाल वर्मा ने कहा कि जिस राजा की इंसानियत खत्म हो जाती है, उसका पतन निश्चित है। बोर्ड को खत्म करने की साजिश सफल नहीं होगी। कोई भी बिजली बोर्ड को खत्म नहीं कर सकता है। विधायकों के लिए पेंशन का प्रावधान है तो कर्मचारियों के लिए क्यों नहीं।
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पंचायत में बिजली बोर्ड के ढांचे के साथ की जा रही छेड़छाड़ का विरोध किया गया। संयोजक लोकश ठाकुर ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण बिजली बोर्ड का घाटा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों का करीब 200 करोड़ रुपये से अधिक बिल बकाया है, जो बिजली यूनिट आठ रुपये में तैयार होती है, उसे एक रुपये देना कैसे संभव है। यही कारण है कि बोर्ड का घाटा लगातार बढ़ रहा है।
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चंद्र सिंह मंदयाल, कुलदीप खरवाड़ा ने कहा कि बिजली बोर्ड में जहां पहले 43 हजार पद होते थे, अब मात्र 13 हजार रह गए हैं। नए पदों को भरा नहीं जा रहा है। युक्तिकरण के नाम पर पदों को समाप्त किया जा रहा है। बोर्ड को निजी हाथों में देने की साजिश हो रही है। आउटसोर्स के करीब 81 ड्राइवरों को निकाला गया।

टाउन हाल से गांधी चौक तक निकाली रैली
टाउन हाल में करीब एक बजे महापंचायत समाप्त हुई। इसके बाद बोर्ड कर्मियों, पेंशनरों और आउटसोर्स कर्मियों ने गांधी चौक तक रैली निकाली। रैली के दौरान मुख्य बाजार में करीब आधा घंटे से अधिक समय तक जाम लगा रहा। अगली महापंचायत 18 फरवरी को जिला ऊना में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
 

ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
1. बिजली बोर्ड में पुरानी पेंशन बहाल की जाए
2. बिजली बोर्ड में युक्तिकरण के नाम पर 706 सरप्लस पदों को बहाल किया जाए और नई भर्तियां शुरू की जाए।
3. बिजली कर्मचारियों व अभियंता के साथ जून 2010 में हुए समझौते को लागू करते हुए छेड़छाड़ नहीं की जा सकती
4. बिजली बोर्ड़ पेंशनरों के सेवानिवृत्ति के लाभ और पेंशन की बकाया राशि की अदायगी शीघ्र की जाए।
5. बिजली बोर्ड में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए और भविष्य में आउटसोर्स भर्ती बंद की जाए। 
6. बिजली बोर्ड में सबस्टेशन व पावर हाउस की ऑपेरशन एंड मेंटेनेंस आउटसोर्सिंग बंद की जाए।

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