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नमाज अदा कर हर्षोल्लास से मनाया ईद उल फितर का पर्व
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रंगस/हमीरपुर। जिलाभर में शुक्रवार को ईद उल फितर का त्योहार कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत धूमधाम से मनाया गया। हमीरपुर के अलावा उपमंडल नादौन की ग्राम पंचायत रंगस के गांव बनह में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हुए हर्षोल्लास से ईद उल फितर का त्योहार मनाया।
समुदाय के स्थानीय लोगों में जान मोहम्मद, इलमदीन, इस्लामदीन, रफीक मोहम्मद, मुनीर हुसैन, शकीना तथा रजिया आदि ने बताया कि इस रमजान के महीने में उन्होंने 30 दिन तक रोजे (उपवास) रखे थे। उसमें वह सभी सुबह 4.00 बजे से पहले नहा लेते हैं और तरावही नवाज अदा करने के बाद ही कुछ खाते पीते हैं। फिर रात को 9.00 बजे के बाद दोबारा फिर नमाज अदा करते हैं और भोजन ग्रहण करते हैं। बीच में सारा दिन पानी तक भी नहीं पीते हैं।
ऐसे 30 दिन तक रोजे रखे जाते हैं। फिर उससे अगले दिन यानी शुक्रवार के दिन ईद उल फितर का त्योहार मनाया। इस मौके पर किसी ने खीर तो किसी ने सेवइयां तथा मिठाई खाकर त्योहार को मनाया। इसलिए तो आज की ईद को मीठी ईद के नाम से भी जाना जाता है। परंपरा के अनुसार इस दिन सभी लोग मस्जिद में इकट्ठे होकर सामूहिक तौर पर नमाज अदा करते थे। फिर एक दूसरे के गले लगकर एक दूसरे को ईद उल फितर की मुबारकबाद देते थे, लेकिन इस बार कोविड-19 की वजह से लगे लॉकडाउन तथा कोरोना कर्फ्यू के चलते सभी ने अपने अपने घरों पर ही नमाज अदा की तथा दूर से ही अथवा मोबाइल फोन के माध्यम से ही एक दूसरे को मुबारकबाद दी।
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उधर, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष जीदीन और मुस्लिम कल्याण बोर्ड के सचिव जमील खान ने बताया कि समुदाय के सभी लोगों ने अपने-अपने घरों पर रहकर नमाज अदा की और धूमधाम से त्योहार मनाया।
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समुदाय के स्थानीय लोगों में जान मोहम्मद, इलमदीन, इस्लामदीन, रफीक मोहम्मद, मुनीर हुसैन, शकीना तथा रजिया आदि ने बताया कि इस रमजान के महीने में उन्होंने 30 दिन तक रोजे (उपवास) रखे थे। उसमें वह सभी सुबह 4.00 बजे से पहले नहा लेते हैं और तरावही नवाज अदा करने के बाद ही कुछ खाते पीते हैं। फिर रात को 9.00 बजे के बाद दोबारा फिर नमाज अदा करते हैं और भोजन ग्रहण करते हैं। बीच में सारा दिन पानी तक भी नहीं पीते हैं।
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ऐसे 30 दिन तक रोजे रखे जाते हैं। फिर उससे अगले दिन यानी शुक्रवार के दिन ईद उल फितर का त्योहार मनाया। इस मौके पर किसी ने खीर तो किसी ने सेवइयां तथा मिठाई खाकर त्योहार को मनाया। इसलिए तो आज की ईद को मीठी ईद के नाम से भी जाना जाता है। परंपरा के अनुसार इस दिन सभी लोग मस्जिद में इकट्ठे होकर सामूहिक तौर पर नमाज अदा करते थे। फिर एक दूसरे के गले लगकर एक दूसरे को ईद उल फितर की मुबारकबाद देते थे, लेकिन इस बार कोविड-19 की वजह से लगे लॉकडाउन तथा कोरोना कर्फ्यू के चलते सभी ने अपने अपने घरों पर ही नमाज अदा की तथा दूर से ही अथवा मोबाइल फोन के माध्यम से ही एक दूसरे को मुबारकबाद दी।
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उधर, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष जीदीन और मुस्लिम कल्याण बोर्ड के सचिव जमील खान ने बताया कि समुदाय के सभी लोगों ने अपने-अपने घरों पर रहकर नमाज अदा की और धूमधाम से त्योहार मनाया।