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शिक्षा शेरनी का दूध, जो जितना पीयेगा, वो उतना दहाड़ेगा : रेणु
Sun, 26 May 2024 07:24 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 26 May 2024 07:24 AM IST
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कन्या स्कूल हमीरपुर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में एएसपी विजलेंस रेणु शर्मा के साथ स्टाफ और
हमीरपुर। महिलाओं को अपराजिता बनना है तो अपना आत्मविश्वास मजबूत करना पड़ेगा। मजबूत आत्मविश्वास से जीवन में लक्ष्य तय और हासिल किए जा सकते हैं। यह बात शनिवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हमीरपुर में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम में विजिलेंस हमीरपुर की एएसपी रेणु शर्मा ने कही।
उन्होंने छात्राओं को भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीम राव आंबेडकर का स्लोगन बताते हुए कहा कि शिक्षा शेरनी के दूध की तरह है, जो इसे जीतना पीयेगा, वह उतना ही दहाड़ेगा। उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया का सावधानी से कम से कम प्रयोग करने और अधिक से अधिक समय किताबों को पढ़ने में लगाने और कड़ी मेहनत कर लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी करनी चाहिए, ताकि लक्ष्य प्राप्ति में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने छात्राओं को कॅरिअर काउंसलिंग और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में महज परीक्षा में नहीं बल्कि जिंदगी के इम्तिहान में पास होने के काबिल बनें।
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स्कूलों में इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं को विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्रदान करते हैं। समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए, ताकि छात्राओं को सही मार्गदर्शन किया जा सके। -संतोष कुमारी, कार्यकारी प्रधानाचार्य, कन्या स्कूल हमीरपुर
कार्यक्रम के बाद छात्राओं ने रखी अपनी बात
देश को आजाद हुए सात दशक बीत गए, लेकिन अभी भी महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार नहीं मिल सके हैं। नारियों को अपने अधिकारों के प्रति और अधिक जागरूक होने की जरूरत है। -शगुन
अपराजिता मुहिम अच्छी पहल है। इससे महिलाओं में जागरूकता को बल मिलेगा और नारी गरिमा को बरकरार रखने में यह पहल मील का पत्थर साबित होगी। अपने हक के लिए महिलाएं आगे आ सकेंगी। -नैंन्सी
महिला सशक्तिकरण एक अहम मुद्दा है। पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को बराबरी का हक नहीं मिल पा रहा है। किसी की काबिलियत का अंदाजा उसके जेंडर से नहीं, मेधा से होता है। आज हर क्षेत्र में महिलाएं आगे हैं। -अक्षी अटवाल
अपराजिता कार्यक्रम में मुख्यातिथि ने पढ़ाई से लेकर स्वयं सुरक्षा को लेकर विभिन्न जानकारियां दी। छात्राओं को इस प्रकार के कार्यक्रमों में जरूर भाग लेना चाहिए, ताकि उन्हें निडर बनने में सहायता मिल सके। -वसुधा
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उन्होंने छात्राओं को भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. भीम राव आंबेडकर का स्लोगन बताते हुए कहा कि शिक्षा शेरनी के दूध की तरह है, जो इसे जीतना पीयेगा, वह उतना ही दहाड़ेगा। उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया का सावधानी से कम से कम प्रयोग करने और अधिक से अधिक समय किताबों को पढ़ने में लगाने और कड़ी मेहनत कर लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
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उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी करनी चाहिए, ताकि लक्ष्य प्राप्ति में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने छात्राओं को कॅरिअर काउंसलिंग और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में महज परीक्षा में नहीं बल्कि जिंदगी के इम्तिहान में पास होने के काबिल बनें।
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स्कूलों में इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं को विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्रदान करते हैं। समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन होना चाहिए, ताकि छात्राओं को सही मार्गदर्शन किया जा सके। -संतोष कुमारी, कार्यकारी प्रधानाचार्य, कन्या स्कूल हमीरपुर
कार्यक्रम के बाद छात्राओं ने रखी अपनी बात
देश को आजाद हुए सात दशक बीत गए, लेकिन अभी भी महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार नहीं मिल सके हैं। नारियों को अपने अधिकारों के प्रति और अधिक जागरूक होने की जरूरत है। -शगुन
अपराजिता मुहिम अच्छी पहल है। इससे महिलाओं में जागरूकता को बल मिलेगा और नारी गरिमा को बरकरार रखने में यह पहल मील का पत्थर साबित होगी। अपने हक के लिए महिलाएं आगे आ सकेंगी। -नैंन्सी
महिला सशक्तिकरण एक अहम मुद्दा है। पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं को बराबरी का हक नहीं मिल पा रहा है। किसी की काबिलियत का अंदाजा उसके जेंडर से नहीं, मेधा से होता है। आज हर क्षेत्र में महिलाएं आगे हैं। -अक्षी अटवाल
अपराजिता कार्यक्रम में मुख्यातिथि ने पढ़ाई से लेकर स्वयं सुरक्षा को लेकर विभिन्न जानकारियां दी। छात्राओं को इस प्रकार के कार्यक्रमों में जरूर भाग लेना चाहिए, ताकि उन्हें निडर बनने में सहायता मिल सके। -वसुधा

कन्या स्कूल हमीरपुर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में एएसपी विजलेंस रेणु शर्मा के साथ स्टाफ और

कन्या स्कूल हमीरपुर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में एएसपी विजलेंस रेणु शर्मा के साथ स्टाफ और

कन्या स्कूल हमीरपुर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में एएसपी विजलेंस रेणु शर्मा के साथ स्टाफ और

कन्या स्कूल हमीरपुर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में एएसपी विजलेंस रेणु शर्मा के साथ स्टाफ और