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जन आक्रोश के चलते मेले में आने की हिम्मत नहीं जुटा पाए सीएम : राणा
Mon, 02 Mar 2026 01:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 02 Mar 2026 01:11 AM IST
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सुजानपुर (हमीरपुर)। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने राष्ट्र स्तरीय होली उत्सव सुजानपुर के शुभारंभ में मुख्यमंत्री सुक्खू के शामिल न होने पर टिप्पणी की है।
मीडिया को दिए बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री जनता के गुस्से और आक्रोश से इतने भयभीत हैं कि स्वयं सुजानपुर आकर मेले का उद्घाटन करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को आगे कर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक बदहाली, बढ़ती बेरोजगारी और सरकार की विफल नीतियों से जनता पहले ही परेशान है, इसलिए मुख्यमंत्री को अपनी फजीहत का डर सताने लगा है। यही कारण है कि सदियों पुरानी आस्था और परंपरा से जुड़े इस आयोजन में आने से उन्होंने दूरी बना ली।
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उन्होंने कहा कि निमंत्रण कार्ड में अपना नाम तक छपवाना इस बात का संकेत है कि मुख्यमंत्री को अपनी ही लोकप्रियता पर भरोसा नहीं रहा, लेकिन अपने मित्रों और चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए उन्होंने मेले की परंपराओं तक को तोड़ दिया, जिससे साफ हो गया कि सरकार के लिए जनता नहीं, बल्कि अपने करीबी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष सुजानपुर और आसपास के छोटे व्यापारी मेले में स्टॉल लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, लेकिन इस बार सरकार ने उन्हें हटाकर पूरे आयोजन का व्यापारीकरण कर दिया और ठेके अपने करीबियों को सौंप दिए।
हताशा में हैं राजेंद्र राणा : विवेक
कहा, अपनी खिसकती जमीन देख झूठ का सहारा ले रहे पूर्व विधायक
संवाद न्यूज एजेंसी
सुजानपुर (हमीरपुर)। कांग्रेस नेता विवेक कटोच ने कहा कि पूर्व विधायक राजेंद्र राणा की ओर से मुख्यमंत्री सुक्खू के दौरे पर की गई टिप्पणी उनकी राजनीतिक बौखलाहट और हताशा का प्रतीक है।
मीडिया को दिए बयान में विवेक कटोच ने कहा कि जो व्यक्ति जनता के विश्वास के साथ दगा कर अपनी कुर्सी गंवा बैठे, वह अब ऐसी बयानबाजी कर अपनी प्रासंगिकता बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने राणा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू वह मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने प्रदेश की सबसे भीषण आपदा के दौरान खुद आधी रात को कुल्लू और मंडी की सड़कों पर उतरकर लोगों की जान बचाई।
उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री प्रकृति के रौद्र रूप से नहीं डरा, वह राणा की प्रायोजित नारेबाजी से क्या डरेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का दौरा घबराहट नहीं, बल्कि एक अति महत्वपूर्ण बैठक की व्यस्तता के कारण स्थगित हुआ है। इसे मैदान छोड़कर भागना कहना राजेन्द्र राणा की संकुचित मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सुजानपुर की जनता भली-भांति जानती है कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने विकास योजनाओं के लिए सुजानपुर विधानसभा को प्राथमिकता दी है। राजेंद्र राणा का बयान केवल मीडिया में बने रहने की एक नाकाम कोशिश है। जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सुजानपुर आएंगे और विकास की नई इबारत लिखेंगे, जिससे विरोधियों के मुंह अपने आप बंद हो जाएंगे।
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मीडिया को दिए बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री जनता के गुस्से और आक्रोश से इतने भयभीत हैं कि स्वयं सुजानपुर आकर मेले का उद्घाटन करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को आगे कर दिया।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश की आर्थिक बदहाली, बढ़ती बेरोजगारी और सरकार की विफल नीतियों से जनता पहले ही परेशान है, इसलिए मुख्यमंत्री को अपनी फजीहत का डर सताने लगा है। यही कारण है कि सदियों पुरानी आस्था और परंपरा से जुड़े इस आयोजन में आने से उन्होंने दूरी बना ली।
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उन्होंने कहा कि निमंत्रण कार्ड में अपना नाम तक छपवाना इस बात का संकेत है कि मुख्यमंत्री को अपनी ही लोकप्रियता पर भरोसा नहीं रहा, लेकिन अपने मित्रों और चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए उन्होंने मेले की परंपराओं तक को तोड़ दिया, जिससे साफ हो गया कि सरकार के लिए जनता नहीं, बल्कि अपने करीबी ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि हर वर्ष सुजानपुर और आसपास के छोटे व्यापारी मेले में स्टॉल लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, लेकिन इस बार सरकार ने उन्हें हटाकर पूरे आयोजन का व्यापारीकरण कर दिया और ठेके अपने करीबियों को सौंप दिए।
हताशा में हैं राजेंद्र राणा : विवेक
कहा, अपनी खिसकती जमीन देख झूठ का सहारा ले रहे पूर्व विधायक
संवाद न्यूज एजेंसी
सुजानपुर (हमीरपुर)। कांग्रेस नेता विवेक कटोच ने कहा कि पूर्व विधायक राजेंद्र राणा की ओर से मुख्यमंत्री सुक्खू के दौरे पर की गई टिप्पणी उनकी राजनीतिक बौखलाहट और हताशा का प्रतीक है।
मीडिया को दिए बयान में विवेक कटोच ने कहा कि जो व्यक्ति जनता के विश्वास के साथ दगा कर अपनी कुर्सी गंवा बैठे, वह अब ऐसी बयानबाजी कर अपनी प्रासंगिकता बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने राणा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू वह मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने प्रदेश की सबसे भीषण आपदा के दौरान खुद आधी रात को कुल्लू और मंडी की सड़कों पर उतरकर लोगों की जान बचाई।
उन्होंने कहा कि जो मुख्यमंत्री प्रकृति के रौद्र रूप से नहीं डरा, वह राणा की प्रायोजित नारेबाजी से क्या डरेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का दौरा घबराहट नहीं, बल्कि एक अति महत्वपूर्ण बैठक की व्यस्तता के कारण स्थगित हुआ है। इसे मैदान छोड़कर भागना कहना राजेन्द्र राणा की संकुचित मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि सुजानपुर की जनता भली-भांति जानती है कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने विकास योजनाओं के लिए सुजानपुर विधानसभा को प्राथमिकता दी है। राजेंद्र राणा का बयान केवल मीडिया में बने रहने की एक नाकाम कोशिश है। जल्द ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सुजानपुर आएंगे और विकास की नई इबारत लिखेंगे, जिससे विरोधियों के मुंह अपने आप बंद हो जाएंगे।