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Hamirpur (Himachal) News: चंद्रगहण के चलते आज अवाहदेवी माता मंदिर के कपाट रहेंगे बंद
Sun, 07 Sep 2025 01:48 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 07 Sep 2025 01:48 AM IST
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अवाहदेवी माता मंदिर
अवाहदेवी (हमीरपुर)। रविवार सात सितंबर को लगने वाला चंद्रग्रहण का असर प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दिखाई देगा। परंपरा के अनुसार इस अवधि में अवाहदेवी माता मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेंगे।
वहीं, सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध में दर्शन की व्यवस्था यथावत जारी रहेगी। अवाहदेवी माता मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित मोतीलाल शर्मा ने बताया कि ग्रहण का सूतक रविवार दोपहर 12:57 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। इसी कारण मंदिर के कपाट दोपहर लगभग 1:00 बजे बंद कर दिए जाएंगे। रविवार मध्यरात्रि 1:26 बजे चंद्रग्रहण समाप्त होगा।
इसके उपरांत सोमवार आठ सितंबर को प्रातःकालीन आरती के बाद कपाट पुनः खोले जाएंगे और श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति होगी। धार्मिक परंपराओं के अनुसार ग्रहणकाल में मंदिर के द्वार बंद रखना शास्त्रसम्मत है। इसके बाद विशेष शुद्धिकरण प्रक्रिया भी की जाती है।
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वहीं, दूसरी ओर सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध मंदिर में ग्रहण के दौरान भी श्रद्धालुओं के लिए दर्शन खुले रहेंगे। मंदिर अधिकारी संदीप चंदेल ने बताया कि यहां पर कपाट बंद नहीं किए जाएंगे। भक्त अपने आराध्य के दर्शन-पूजन कर सकेंगे।
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वहीं, सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध में दर्शन की व्यवस्था यथावत जारी रहेगी। अवाहदेवी माता मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित मोतीलाल शर्मा ने बताया कि ग्रहण का सूतक रविवार दोपहर 12:57 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। इसी कारण मंदिर के कपाट दोपहर लगभग 1:00 बजे बंद कर दिए जाएंगे। रविवार मध्यरात्रि 1:26 बजे चंद्रग्रहण समाप्त होगा।
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इसके उपरांत सोमवार आठ सितंबर को प्रातःकालीन आरती के बाद कपाट पुनः खोले जाएंगे और श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति होगी। धार्मिक परंपराओं के अनुसार ग्रहणकाल में मंदिर के द्वार बंद रखना शास्त्रसम्मत है। इसके बाद विशेष शुद्धिकरण प्रक्रिया भी की जाती है।
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वहीं, दूसरी ओर सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ दियोटसिद्ध मंदिर में ग्रहण के दौरान भी श्रद्धालुओं के लिए दर्शन खुले रहेंगे। मंदिर अधिकारी संदीप चंदेल ने बताया कि यहां पर कपाट बंद नहीं किए जाएंगे। भक्त अपने आराध्य के दर्शन-पूजन कर सकेंगे।