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हमीरपुर में स्वामित्व योजना के लिए शुरू हुआ ड्रोन सर्वे
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स्वामित्व योजना के लिए ड्रोन से सर्व के कार्य का शुभारंभ करतीं उपायुक्त हमीरपुर देबश्वेता बनिक ?
- फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। आबादी देह क्षेत्रों में लोगों को मालिकाना हक प्रदान करने के लिए जिला हमीरपुर में पायलट आधार पर आरंभ की गई स्वामित्व योजना के कार्यान्वयन के लिए ड्रोन सर्वे मंगलवार से शुरू कर दिया गया। उपायुक्त देबश्वेता बनिक ने तहसील हमीरपुर के गांव कल्लर कटोचां, छत्तर और सुनली में ड्रोन सर्वे का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत जिला हमीरपुर के कुल 1482 आबादी देह गांवों में लोगों को मालिकाना हक प्रदान किए जाएंगे तथा संबंधित मालिकों को संपत्ति कार्ड वितरित किए जाएंगे। देबश्वेता बनिक ने बताया कि जिला का राजस्व अभिलेख तैयार करने के लिए आबादी देह गांवों में भारतीय सर्वेक्षण विभाग की मदद से ड्रोन से व्यापक सर्वे किया जाएगा।
इसके आधार पर राजस्व अभिलेख तैयार होने के बाद लोगों को आबादी देह में उनकी आवासीय संपत्तियों के मालिकाना हक प्रदान किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों से संबंधित विवादों में कमी आएगी तथा मालिकाना हक मिलने के बाद लोग वित्तीय संस्थानों से आसानी से कर्ज ले सकेंगे। इससे ग्राम पंचायतों में विकास योजनाएं बनाने में भी काफी मदद मिलेगी। उपायुक्त ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत प्रत्येक आबादी देह गांव में संपत्तियों की चूना-मार्किंग की जाएगी तथा उसके बाद ड्रोन सर्वे किया जाएगा। ड्रोन की उड़ान से आबादी देह गांव का डिजिटल मानचित्र प्राप्त होगा जो सभी संपत्तियों का सटीक मापन उपलब्ध करवाएगा। यह मानचित्र उपग्रह से प्राप्त होने वाले मानचित्रों से बेहतर एवं सटीक होगा।
देबश्वेता बनिक ने बताया कि हमीरपुर तहसील के गांव कल्लर कटोचां, छत्तर और सुनली में संपत्तियों की चूना-मार्किंग के बाद मंगलवार को ड्रोन सर्वे शुरू कर दिया गया। उन्होंने बताया कि एक ड्रोन प्रत्येक दिन तीन गांवों में सर्वे करेगा। जिले में सर्वे के लिए जल्द ही ड्रोन की संख्या बढ़ाकर आठ कर दी जाएगी, ताकि जिला की सभी तहसीलों में यह कार्य एक साथ पूरा किया जा सके। उपायुक्त ने राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के अलावा सभी पंचायत जनप्रतिनिधियों, स्थानीय टीकादारान और आम लोगों से इस कार्य को आपसी समन्वय के साथ अतिशीघ्र पूरा करने की अपील की है।
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इसके आधार पर राजस्व अभिलेख तैयार होने के बाद लोगों को आबादी देह में उनकी आवासीय संपत्तियों के मालिकाना हक प्रदान किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्तियों से संबंधित विवादों में कमी आएगी तथा मालिकाना हक मिलने के बाद लोग वित्तीय संस्थानों से आसानी से कर्ज ले सकेंगे। इससे ग्राम पंचायतों में विकास योजनाएं बनाने में भी काफी मदद मिलेगी। उपायुक्त ने बताया कि स्वामित्व योजना के तहत प्रत्येक आबादी देह गांव में संपत्तियों की चूना-मार्किंग की जाएगी तथा उसके बाद ड्रोन सर्वे किया जाएगा। ड्रोन की उड़ान से आबादी देह गांव का डिजिटल मानचित्र प्राप्त होगा जो सभी संपत्तियों का सटीक मापन उपलब्ध करवाएगा। यह मानचित्र उपग्रह से प्राप्त होने वाले मानचित्रों से बेहतर एवं सटीक होगा।
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देबश्वेता बनिक ने बताया कि हमीरपुर तहसील के गांव कल्लर कटोचां, छत्तर और सुनली में संपत्तियों की चूना-मार्किंग के बाद मंगलवार को ड्रोन सर्वे शुरू कर दिया गया। उन्होंने बताया कि एक ड्रोन प्रत्येक दिन तीन गांवों में सर्वे करेगा। जिले में सर्वे के लिए जल्द ही ड्रोन की संख्या बढ़ाकर आठ कर दी जाएगी, ताकि जिला की सभी तहसीलों में यह कार्य एक साथ पूरा किया जा सके। उपायुक्त ने राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के अलावा सभी पंचायत जनप्रतिनिधियों, स्थानीय टीकादारान और आम लोगों से इस कार्य को आपसी समन्वय के साथ अतिशीघ्र पूरा करने की अपील की है।
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