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हर में बिना चैनलाइजेशन के बह रहे नाले, बरसात में हादसों का खतरा
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हमीरपुर। नगर परिषद क्षेत्र हमीरपुर में बिना चैनलाइजेशन के बह रहे नाले हादसों को न्योता दे रहे हैं। इन नालों का एक तो चैनलाइजेशन नहीं हुआ है और दूसरा इनके समीप हुए कई निर्माण कार्यों को बरसात में खतरा पैदा हो सकता है।
जिला कांगड़ा में नाले में आई बाढ़ से इसके किनारे बसे लोगों को जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। हमीरपुर में भी वार्ड दो का अणु की ओर से आता नाला बिना चैनलाइजेशन के है। अगर बारिश ज्यादा हो जाए तो यह ओवरफ्लो होकर दिशाहीन बहने लगता है। बीते वर्ष भी इसका पानी नाले के साथ बने मकानों में घुस गया था। जबकि वर्तमान में भी नाले की गाद और मिट्टी सड़क पर पसरी हुई है।
इसके अलावा वार्ड आठ में मौजूद नाले में मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। नाले में मिट्टी के ढेर होने के कारण इसके ओवरफ्लो होकर बहने का खतरा है। बस अड्डा हमीरपुर के सामने खोखों के पास निकासी नालियां नहीं बनी है। यहां पुरानी नालियों को उखाड़ा गया है, लेकिन नई नालियों का निर्माण नहीं हुआ है। बारिश होने पर यहां तालाब बन जाता है और पानी सड़क पर बहता है। वार्ड दो में भी अणु की ओर जाते हुए सड़क किनारे नालियां क्षतिग्रस्त हैं। बरसात में यहां पानी जमा हो जाता है। भारी बरसात होने पर बिना चैनलाइजेशन के बह रहे नाले हादसों का कारण बन सकते हैं। इस संबंध में नगर परिषद हमीरपुर के कार्यकारी अधिकारी केएल ठाकुर ने कहा कि सरकार ने शहर के सभी नालों के चैनलाइजेशन की योजना बनाई है। इसकी प्रपोजल नगर परिषद ने लोक निर्माण विभाग को भेज दी है। लोगों से अपील है कि नालों के किनारे न जाएं और इनके करीब कोई निर्माण भी न करें।
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जिला कांगड़ा में नाले में आई बाढ़ से इसके किनारे बसे लोगों को जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। हमीरपुर में भी वार्ड दो का अणु की ओर से आता नाला बिना चैनलाइजेशन के है। अगर बारिश ज्यादा हो जाए तो यह ओवरफ्लो होकर दिशाहीन बहने लगता है। बीते वर्ष भी इसका पानी नाले के साथ बने मकानों में घुस गया था। जबकि वर्तमान में भी नाले की गाद और मिट्टी सड़क पर पसरी हुई है।
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इसके अलावा वार्ड आठ में मौजूद नाले में मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। नाले में मिट्टी के ढेर होने के कारण इसके ओवरफ्लो होकर बहने का खतरा है। बस अड्डा हमीरपुर के सामने खोखों के पास निकासी नालियां नहीं बनी है। यहां पुरानी नालियों को उखाड़ा गया है, लेकिन नई नालियों का निर्माण नहीं हुआ है। बारिश होने पर यहां तालाब बन जाता है और पानी सड़क पर बहता है। वार्ड दो में भी अणु की ओर जाते हुए सड़क किनारे नालियां क्षतिग्रस्त हैं। बरसात में यहां पानी जमा हो जाता है। भारी बरसात होने पर बिना चैनलाइजेशन के बह रहे नाले हादसों का कारण बन सकते हैं। इस संबंध में नगर परिषद हमीरपुर के कार्यकारी अधिकारी केएल ठाकुर ने कहा कि सरकार ने शहर के सभी नालों के चैनलाइजेशन की योजना बनाई है। इसकी प्रपोजल नगर परिषद ने लोक निर्माण विभाग को भेज दी है। लोगों से अपील है कि नालों के किनारे न जाएं और इनके करीब कोई निर्माण भी न करें।
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