{"_id":"68d4566d1c15574d9202c6cb","slug":"dont-kill-snakes-they-have-special-importance-in-nature-birbal-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-167788-2025-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांपों को मारे नहीं, इनका प्रकृति में विशेष महत्व : बीरबल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांपों को मारे नहीं, इनका प्रकृति में विशेष महत्व : बीरबल
Thu, 25 Sep 2025 04:37 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 25 Sep 2025 04:37 AM IST
विज्ञापन
आईटीआई सुजानपुर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में मुख्यातिथि के साथ आईटीआई प्रशिक्षु व अन्य। स्
सुजानपुर(हमीरपुर)। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सुजानपुर में जिला स्तरीय अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बीरबल वर्मा ने कहा कि सर्पदंश के मामलों में उचित देखभाल और प्रबंधन से स्नेक बाइट की रोकथाम कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि सांपों का प्रकृति में विशेष महत्व है। इन्हें मारे नहीं, क्योंकि सांप प्राकृतिक कीट नियंत्रक के रूप में कार्य करते हैं और चूहों, कीड़ों एवं अन्य छोटे जानवरों की आबादी को नियंत्रित करते हैं, जो फसल की क्षति तथा बीमारियों के प्रसार को रोकते हैं। इसके अलावा चिकित्सा अनुसंधान दवाओं और एंटी वेनम के विकास में सहायक होता है और अन्य पक्षियों के भोजन का स्रोत भी है।
सर्पदंश की घटना पर मरीज को तुरंत लिटा दें और जिस अंग को डसा है उस अंग को स्थिर कर उसे किसी लकड़ी या कठोर वस्तु की सहायता से और रस्सी से बांध दें, ताकि अंग हिले ढुले नहीं। मरीज को सीधा लैटाकर जल्दी अस्पताल भेजें और अस्पताल में मरीज को एंटी स्नेक वेनम जितना जल्दी लगेगा, उतना ही जहर कम फैलेगा।
विज्ञापन
मरीज को झाड़ फूंक के लिए कहीं भी न लेकर जाएं, इससे कोई फायदा नहीं होता है। चिकित्सक द्वारा निर्देशों का पालन करके सुरक्षित रहें और सुरक्षित जीवन शैली अपनाएं। इस मौके पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य आतिश वर्मा, वर्ग अनुदेशक विजय कुमार, अनिल, अंजना कुमारी सहित अन्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सांपों का प्रकृति में विशेष महत्व है। इन्हें मारे नहीं, क्योंकि सांप प्राकृतिक कीट नियंत्रक के रूप में कार्य करते हैं और चूहों, कीड़ों एवं अन्य छोटे जानवरों की आबादी को नियंत्रित करते हैं, जो फसल की क्षति तथा बीमारियों के प्रसार को रोकते हैं। इसके अलावा चिकित्सा अनुसंधान दवाओं और एंटी वेनम के विकास में सहायक होता है और अन्य पक्षियों के भोजन का स्रोत भी है।
विज्ञापन
सर्पदंश की घटना पर मरीज को तुरंत लिटा दें और जिस अंग को डसा है उस अंग को स्थिर कर उसे किसी लकड़ी या कठोर वस्तु की सहायता से और रस्सी से बांध दें, ताकि अंग हिले ढुले नहीं। मरीज को सीधा लैटाकर जल्दी अस्पताल भेजें और अस्पताल में मरीज को एंटी स्नेक वेनम जितना जल्दी लगेगा, उतना ही जहर कम फैलेगा।
विज्ञापन
मरीज को झाड़ फूंक के लिए कहीं भी न लेकर जाएं, इससे कोई फायदा नहीं होता है। चिकित्सक द्वारा निर्देशों का पालन करके सुरक्षित रहें और सुरक्षित जीवन शैली अपनाएं। इस मौके पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य आतिश वर्मा, वर्ग अनुदेशक विजय कुमार, अनिल, अंजना कुमारी सहित अन्य मौजूद रहे।