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Hamirpur (Himachal) News: 13 महीने में तीसरी बार फैला डायरिया, उच्च स्तरीय जांच के लिए बनाई कमेटी
Wed, 13 Mar 2024 06:20 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 13 Mar 2024 06:20 AM IST
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हमीरपुर। जिला हमीरपुर 13 महीने के बीच तीसरी बार डायरिया फैलने के मामले की अब विस्तृत जांच होगी। डायरिया फैलने के कारणों की जांच के लिए स्वास्थ्य निदेशालय ने उच्च स्तरीय रैपिड रिस्पांस टीम गठित कर दी है। यह टीम मंगलवार को फील्ड में उतर गई हैं। टीम ने मंगलवार को टौणी देवी नागरिक अस्पताल में मरीजों से बातचीत करने सहित प्रभावित क्षेत्रों से पानी के सैंपल भी लिए हैं।
बता दें कि जिला में इससे पहले भी डायरिया के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में विभाग ने इस बार कारणों की जांच के लिए प्रदेश स्तर पर ही कमेटी का गठन कर दिया है। सीएम सुक्खू के गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन के रंगस में जनवरी 2023 में करीब 1000 लोग डायरिया की चपेट में आए थे। इसके बाद टौणीदेवी में अब दूसरी बार डायरिया फैला है। टौणीदेवी के ही सराहकड़ क्षेत्र में पीलिया की चपेट में 100 के करीब लोग आए थे। जल जनित रोगों के लगातार फैलने पर अब विभाग ने गंभीर कदम उठाए है।
स्वास्थ्य विभाग ने पांच सदस्यीय आरआरटी (रैपिड रिस्पॉन्स टीम) गठित कर जांच तेज कर दी है। रैपिड रिस्पॉन्स टीम में स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. यशवंत रांटा, आईजीएमसी शिमला के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. किरण मोकटा, आईजीएमसी शिमला के डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन से डॉ. अनुराग तथा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के लैब टेक्नीशियन परीक्षित को शामिल किया गया है। रैपिड रिस्पॉन्स टीम प्रभावित क्षेत्रों में जाकर जांच कर रही है। टीम ने विभिन्न जगहों से पानी के सैंपल लिए हैं।
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जिला स्वास्थ्य विभाग ने स्टूल के सैंपल टांडा भेजे
जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र के मरीजों के स्टूल के सैंपल भी जांच के लिए मेडिकल कॉलेज टांडा में भेजे हैं। इस सैंपल की रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि आखिर बीमारी का कारण क्या है। इससे पहले विभाग सोमवार को पानी के सैंपल विभिन्न जगहों से ले चुका है और मंगलवार को चार सेंपल क्षेत्र से लिए गए है। इन सैंपल को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में जांच के लिए भेजा गया है। अभी रिपोर्ट आना बाकी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर डॉ. आरके अग्निहोत्री का कहना है कि मामले में टीमें फील्ड में जांच में जुटी है। रैपिड रिस्पांस टीम भी जांच कर रही है। लोगों को सलाह है कि पानी उबाल कर ही पीएं और ज्यादा दिक्कत होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।
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बता दें कि जिला में इससे पहले भी डायरिया के मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में विभाग ने इस बार कारणों की जांच के लिए प्रदेश स्तर पर ही कमेटी का गठन कर दिया है। सीएम सुक्खू के गृह विधानसभा क्षेत्र नादौन के रंगस में जनवरी 2023 में करीब 1000 लोग डायरिया की चपेट में आए थे। इसके बाद टौणीदेवी में अब दूसरी बार डायरिया फैला है। टौणीदेवी के ही सराहकड़ क्षेत्र में पीलिया की चपेट में 100 के करीब लोग आए थे। जल जनित रोगों के लगातार फैलने पर अब विभाग ने गंभीर कदम उठाए है।
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स्वास्थ्य विभाग ने पांच सदस्यीय आरआरटी (रैपिड रिस्पॉन्स टीम) गठित कर जांच तेज कर दी है। रैपिड रिस्पॉन्स टीम में स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. यशवंत रांटा, आईजीएमसी शिमला के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. किरण मोकटा, आईजीएमसी शिमला के डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन से डॉ. अनुराग तथा हमीरपुर मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के लैब टेक्नीशियन परीक्षित को शामिल किया गया है। रैपिड रिस्पॉन्स टीम प्रभावित क्षेत्रों में जाकर जांच कर रही है। टीम ने विभिन्न जगहों से पानी के सैंपल लिए हैं।
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जिला स्वास्थ्य विभाग ने स्टूल के सैंपल टांडा भेजे
जिला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र के मरीजों के स्टूल के सैंपल भी जांच के लिए मेडिकल कॉलेज टांडा में भेजे हैं। इस सैंपल की रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि आखिर बीमारी का कारण क्या है। इससे पहले विभाग सोमवार को पानी के सैंपल विभिन्न जगहों से ले चुका है और मंगलवार को चार सेंपल क्षेत्र से लिए गए है। इन सैंपल को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में जांच के लिए भेजा गया है। अभी रिपोर्ट आना बाकी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर डॉ. आरके अग्निहोत्री का कहना है कि मामले में टीमें फील्ड में जांच में जुटी है। रैपिड रिस्पांस टीम भी जांच कर रही है। लोगों को सलाह है कि पानी उबाल कर ही पीएं और ज्यादा दिक्कत होने पर चिकित्सक से संपर्क करें।