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क्वारंटीन सेंटर के लिए पैदल एक से दूसरी जगह भटकता रहा दिल्ली से लौटा व्यक्ति
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नादौन (हमीरपुर)। प्रदेश सरकार राज्य को कोरोना मुक्त करने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है वहीं, सरकारी अधिकारी धरातल पर सूचना का सही आदान-प्रदान न होने से बाहर से आने वाले लोगों को गुमराह कर रहे हैं। बाहर से आ रहे लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मामला नादौन क्षेत्र की बेहरड़ पंचायत से जुड़ा है। यहां एक व्यक्ति बुधवार सुबह दिल्ली से लौटा था। उसने नियमानुसार आशा वर्कर, पंचायत सचिव व अन्य लोगों को समय पर उसके आने के बारे में सूचित कर दिया। लेकिन, उसे पंचायत के निकट ही किसी क्वांटीन सेंटर में रखने के बजाय इधर-उधर भेजते रहे।
पंचायत सचिव के कहने पर उसे करीब 12 किलोमीटर दूर कांगू में बनाए गए एक क्वारंटीन सेंटर में भेजा गया। थके हारे पहुंचे इस व्यक्ति को प्रशासन कोई वाहन उपलब्ध नहीं करवा पाया और उसे पैदल ही 12 किलोमीटर की दूरी तय कर के कांगू पहुंचना पड़ा। जैसे ही वह कांगू सेंटर में पहुंचा तो कुछ समय के लिए उसकी परेशानी तब बढ़ गई जब वहां उसे यह कह कर रखने से इंकार कर दिया गया कि आपको जनसूह स्कूल में क्वारंटीन सेंटर में ही रुकना पड़ेगा। जोकि वहां से करीब 10 किलोमीटर दूर है। बाद में उसे कांगू में ही रोक लिया गया। इसके बाद उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से उसे वापस धनेटा पहुंचाया गया। कांगू पंचायत प्रधान अश्वनी कटोच ने उसे अपना वाहन भेज कर धनेटा पहुंचाया। हैरानी की बात तो यह है कि सुरक्षा की दृष्टि से कैसे इस व्यक्ति को अकेले इस तरह भेजना उचित था। इस संबंध में पंचायत सचिव सुनील कुमार ने बताया कि एक उच्च अधिकारी के निर्देश पर ही इस व्यक्ति को कांगू भेजा गया। सर्कल अधिकारी चरणजीत ने बताया कि उन्हें बाद में इसका पता चला। वहीं एसडीएम नादौन विजय कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही व्यक्ति को धनेटा भेज दिया गया है। वहीं तहसीलदार नादौन को मामले की छानबीन करने का निर्देश दिया गया है।
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पंचायत सचिव के कहने पर उसे करीब 12 किलोमीटर दूर कांगू में बनाए गए एक क्वारंटीन सेंटर में भेजा गया। थके हारे पहुंचे इस व्यक्ति को प्रशासन कोई वाहन उपलब्ध नहीं करवा पाया और उसे पैदल ही 12 किलोमीटर की दूरी तय कर के कांगू पहुंचना पड़ा। जैसे ही वह कांगू सेंटर में पहुंचा तो कुछ समय के लिए उसकी परेशानी तब बढ़ गई जब वहां उसे यह कह कर रखने से इंकार कर दिया गया कि आपको जनसूह स्कूल में क्वारंटीन सेंटर में ही रुकना पड़ेगा। जोकि वहां से करीब 10 किलोमीटर दूर है। बाद में उसे कांगू में ही रोक लिया गया। इसके बाद उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से उसे वापस धनेटा पहुंचाया गया। कांगू पंचायत प्रधान अश्वनी कटोच ने उसे अपना वाहन भेज कर धनेटा पहुंचाया। हैरानी की बात तो यह है कि सुरक्षा की दृष्टि से कैसे इस व्यक्ति को अकेले इस तरह भेजना उचित था। इस संबंध में पंचायत सचिव सुनील कुमार ने बताया कि एक उच्च अधिकारी के निर्देश पर ही इस व्यक्ति को कांगू भेजा गया। सर्कल अधिकारी चरणजीत ने बताया कि उन्हें बाद में इसका पता चला। वहीं एसडीएम नादौन विजय कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही व्यक्ति को धनेटा भेज दिया गया है। वहीं तहसीलदार नादौन को मामले की छानबीन करने का निर्देश दिया गया है।
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