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Hamirpur (Himachal) News: आयुष अस्पताल में नहीं हुआ डाटा एंट्री ऑपरेटर नियुक्त
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एक वर्ष बीतने को, अभी तक नहीं हुई किसी की भी नियुक्ति
पर्ची काउंटर पर फार्मासिस्ट ही बनाते हैं पर्ची, लगता है अधिक समय
जिलास्तरीय आयुष अस्पताल में दवाई व पर्ची बनाने में मरीजों को होती है दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रोगी कल्याण समिति की बैठक हुए एक वर्ष होने को है लेकिन आज तक बैठक में लिए गए निर्णय लागू नहीं हो पाए हैं। निर्णय लिया गया था कि पर्ची काउंटर पर एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति की जाएगी लेकिन आज तक उसकी नियुक्ति नहीं हो पाई है। यहां पर फार्मासिस्ट ही पर्ची बनाते हैं और वही दवाइयों का भी वितरण करते हैं। यहां पर दो फार्मासिस्ट हैं। अगर एक अवकाश पर होता है तो एक ही पर्चियां बनाता है और दवाइयां भी देता है। दवाइयों का लेखा-जोखा भी बनाता है। ऐसे में एक अकेले कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिलास्तरीय आयुष अस्पताल में दूरदराज के क्षेत्र से लोग इलाज करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। यहां पर पंचकर्म की बेहतरीन सुविधा मिल रही है। वहीं, अन्य आयुष पद्धति से मिलने वाले इलाज के लिए लोग अपना रुझान दिखा रहे हैं और इस अस्पताल में पहुंच रहे हैं लेकिन जब कर्मचारी ही नहीं होंगे तो कार्य किस तरह से किया जाएगा। मरीजों सुरभि, अभिनव, प्यारचंद, यशवंत कुमार, मीरा देवी, आदि ने कहा कि यहां पर दवाई लेने, पर्ची बनाने में खासी परेशानी होती है। अधिक समय लग जाता है। इस बारे में जिला आयुष अधिकारी डॉ. बृजनंदन ने कहा कि इसके लिए निदेशालय को लिखकर भेजा गया है। वहीं से इस पोस्ट की स्वीकृति होगी और तभी यहां पर नियुक्ति हो सकती है।
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पर्ची काउंटर पर फार्मासिस्ट ही बनाते हैं पर्ची, लगता है अधिक समय
जिलास्तरीय आयुष अस्पताल में दवाई व पर्ची बनाने में मरीजों को होती है दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रोगी कल्याण समिति की बैठक हुए एक वर्ष होने को है लेकिन आज तक बैठक में लिए गए निर्णय लागू नहीं हो पाए हैं। निर्णय लिया गया था कि पर्ची काउंटर पर एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति की जाएगी लेकिन आज तक उसकी नियुक्ति नहीं हो पाई है। यहां पर फार्मासिस्ट ही पर्ची बनाते हैं और वही दवाइयों का भी वितरण करते हैं। यहां पर दो फार्मासिस्ट हैं। अगर एक अवकाश पर होता है तो एक ही पर्चियां बनाता है और दवाइयां भी देता है। दवाइयों का लेखा-जोखा भी बनाता है। ऐसे में एक अकेले कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिलास्तरीय आयुष अस्पताल में दूरदराज के क्षेत्र से लोग इलाज करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। यहां पर पंचकर्म की बेहतरीन सुविधा मिल रही है। वहीं, अन्य आयुष पद्धति से मिलने वाले इलाज के लिए लोग अपना रुझान दिखा रहे हैं और इस अस्पताल में पहुंच रहे हैं लेकिन जब कर्मचारी ही नहीं होंगे तो कार्य किस तरह से किया जाएगा। मरीजों सुरभि, अभिनव, प्यारचंद, यशवंत कुमार, मीरा देवी, आदि ने कहा कि यहां पर दवाई लेने, पर्ची बनाने में खासी परेशानी होती है। अधिक समय लग जाता है। इस बारे में जिला आयुष अधिकारी डॉ. बृजनंदन ने कहा कि इसके लिए निदेशालय को लिखकर भेजा गया है। वहीं से इस पोस्ट की स्वीकृति होगी और तभी यहां पर नियुक्ति हो सकती है।