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बच्चे की मौत मामले में एसडीएम और वन विभाग से मांगी रिपोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Thu, 13 Oct 2016 10:54 PM IST
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उपमंडल बड़सर की ग्राम पंचायत झंझयाणी के कमलेडी गांव का अशोक कुमार चार माह से न्याय के लिए विभिन्न विभागों के चक्कर काट रहा है। सड़क निर्माण के समय अशोक कुमार के बेटे की मौत हो थी, लेकिन पंचायत, राजस्व विभाग तथा बिजली बोर्ड मुकर रहे हैं। अशोक कुमार ने उपायुक्त हमीरपुर को शिकायत कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
अशोक कुमार ने शिकायत में बताया कि 6 जून को बेटे अभिनव कुमार (9) की करंट लगने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पंचायत प्रधान द्वारा जेसीबी के माध्यम से खसरा नं 226 व 234 में सड़क का निर्माण शुरू किया जो कि रास्ता राज्य सरकार के अधीन है।
काम करते समय रास्ते में जेसीबी से सर्विस वायर टूट गई। इसी रास्ते से उसका बेटा जा रहा था कि करंट की चपेट में आ गया। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में मौसम के कारण सर्विस वायर टूटना बताया जबकि उस दिन मौसम बिल्कुल साफ था। उसने आरटीआई के माध्यम से जानकारी जुटाई, लेकिन पंचायत प्रधान से लेकर बिजली बोर्ड तथा वन विभाग के कर्मचारी भी मुकर गए।
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उन्होंने बताया कि रास्ते में उखाड़े गए पेड़ों के ठूंठ अभी तक मौजूद हैं। अशोक कुमार ने इसकी वीडियोग्राफी भी की है। बेटेे की मौत की रिपोर्ट लेने के लिए बिजली बोर्ड का कर्मचारी घर पर आया। उसकी रिकार्डिंग भी मौजूद है, लेकिन बोर्ड द्वारा जांच रिपोर्ट की बात तो दूर मुआवजा तक नहीं दिया गया।
राजस्व विभाग की भूमि बिना अनुमति उखाड़ दी गई, लेकिन पटवारी व तहसील अधिकारी आरटीआई सूचना रिपोर्ट में अनभिज्ञता जता रहे हैं और तथ्यों को छुपा रहे हैं। उन्होंने उपायुक्त से बेटे की मौत में जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उपायुक्त मदन चौहान ने एसडीएम बड़सर, वन विभाग तथा अन्य सबंधित विभागों से इस मामले की रिपोर्ट मांगी है।
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अशोक कुमार ने शिकायत में बताया कि 6 जून को बेटे अभिनव कुमार (9) की करंट लगने से मौत हो गई। उन्होंने बताया कि पंचायत प्रधान द्वारा जेसीबी के माध्यम से खसरा नं 226 व 234 में सड़क का निर्माण शुरू किया जो कि रास्ता राज्य सरकार के अधीन है।
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काम करते समय रास्ते में जेसीबी से सर्विस वायर टूट गई। इसी रास्ते से उसका बेटा जा रहा था कि करंट की चपेट में आ गया। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में मौसम के कारण सर्विस वायर टूटना बताया जबकि उस दिन मौसम बिल्कुल साफ था। उसने आरटीआई के माध्यम से जानकारी जुटाई, लेकिन पंचायत प्रधान से लेकर बिजली बोर्ड तथा वन विभाग के कर्मचारी भी मुकर गए।
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उन्होंने बताया कि रास्ते में उखाड़े गए पेड़ों के ठूंठ अभी तक मौजूद हैं। अशोक कुमार ने इसकी वीडियोग्राफी भी की है। बेटेे की मौत की रिपोर्ट लेने के लिए बिजली बोर्ड का कर्मचारी घर पर आया। उसकी रिकार्डिंग भी मौजूद है, लेकिन बोर्ड द्वारा जांच रिपोर्ट की बात तो दूर मुआवजा तक नहीं दिया गया।
राजस्व विभाग की भूमि बिना अनुमति उखाड़ दी गई, लेकिन पटवारी व तहसील अधिकारी आरटीआई सूचना रिपोर्ट में अनभिज्ञता जता रहे हैं और तथ्यों को छुपा रहे हैं। उन्होंने उपायुक्त से बेटे की मौत में जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उपायुक्त मदन चौहान ने एसडीएम बड़सर, वन विभाग तथा अन्य सबंधित विभागों से इस मामले की रिपोर्ट मांगी है।