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डेढ़ घंटा देरी से मिली एंबुलेंस, बीमार महिला हुई परेशान
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सुजानपुर (हमीरपुर)। उपमंडल सुजानपुर की एक बीमार महिला को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेेेशान होना पड़ा। महिला के बेटे ने बताया कि उन्होंने त्वरित स्वास्थ्य सेवा के लिए 108 एंबुुलेंस को फोन किया, लेकिन डेढ़ घंटे के इंतजार के बाद उन्हेें यह सेवा प्राप्त हुई।
राजीव पुत्र प्रीतम चंद ग्राम पंचायत चमयाणा गांव घीरंड ने बताया कि बुधवार रात उनकी माता बीमार थी। आईजीएमसी शिमला में उनका हार्ट का ऑपरेशन हुआ है तो उनको ऑपरेशन के बाद घर भेज दिया था। ऑपरेशन के तीन-चार दिन बाद उनको अचानक रात को उल्टी आने लग पड़ी। जब सुजानपुर अस्पताल में माता को ले गए तो वहां पर उन्होंने इमरजेंसी में एडमिट कर लिया। डॉक्टर ने चेक किया और ईसीजी की और कहा कि इन्हें हमीरपुर हॉस्पिटल ले जाओ। उसके बाद हमीरपुर ले जाने के लिए हमारे पास गाड़ी का प्रबंध नहीं था तो इमरजेंसी 108 नंबर पर कॉल की तो पहले किसी ने कॉल नहीं उठाई। उसके बाद जब कॉल उठाई तो उन्होंने बोला कि अभी हम नहीं जा सकते हैं। अभी हमारी एंबुलेंस जो है वह एक बीमार को लेने जा रही है। डेढ़ घंटे तक अस्पताल के गेट बाहर बैठे रहे। गेट के साथ एंबुलेंस भी खड़ी थी। एकलव्य युवा क्लब जुलानी के प्रधान राजीव ठाकुर ने बताया कि डेढ़ घंटे के बाद उन्हें एंबुलेंस सुविधा मिली। उन्होंने इस बारे में सरकार से जांच करवाने और उचित कार्रवाई की मांग की है।
बीएमओ डॉ. रमेश डोगरा ने बताया कि इस बारे में कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। उन्होंने बताया कि 108 एंबुलेंस स्वास्थ्य विभाग के अधीन नहीं है।
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राजीव पुत्र प्रीतम चंद ग्राम पंचायत चमयाणा गांव घीरंड ने बताया कि बुधवार रात उनकी माता बीमार थी। आईजीएमसी शिमला में उनका हार्ट का ऑपरेशन हुआ है तो उनको ऑपरेशन के बाद घर भेज दिया था। ऑपरेशन के तीन-चार दिन बाद उनको अचानक रात को उल्टी आने लग पड़ी। जब सुजानपुर अस्पताल में माता को ले गए तो वहां पर उन्होंने इमरजेंसी में एडमिट कर लिया। डॉक्टर ने चेक किया और ईसीजी की और कहा कि इन्हें हमीरपुर हॉस्पिटल ले जाओ। उसके बाद हमीरपुर ले जाने के लिए हमारे पास गाड़ी का प्रबंध नहीं था तो इमरजेंसी 108 नंबर पर कॉल की तो पहले किसी ने कॉल नहीं उठाई। उसके बाद जब कॉल उठाई तो उन्होंने बोला कि अभी हम नहीं जा सकते हैं। अभी हमारी एंबुलेंस जो है वह एक बीमार को लेने जा रही है। डेढ़ घंटे तक अस्पताल के गेट बाहर बैठे रहे। गेट के साथ एंबुलेंस भी खड़ी थी। एकलव्य युवा क्लब जुलानी के प्रधान राजीव ठाकुर ने बताया कि डेढ़ घंटे के बाद उन्हें एंबुलेंस सुविधा मिली। उन्होंने इस बारे में सरकार से जांच करवाने और उचित कार्रवाई की मांग की है।
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बीएमओ डॉ. रमेश डोगरा ने बताया कि इस बारे में कोई लिखित शिकायत नहीं आई है। उन्होंने बताया कि 108 एंबुलेंस स्वास्थ्य विभाग के अधीन नहीं है।