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हमीरपुर में कोरोना के मरीज न हों रेफर, नहीं तो कांग्रेस करेगी आंदोलन
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हमीरपुर। जिला कांग्रेस कमेटी हमीरपुर ने ऊना से कोरोना मरीजों को हमीरपुर रेफर करने का कड़ा विरोध किया है। जिला कांग्रेस ने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को एक ज्ञापन भेज इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि अगर सरकार ने यह फैसला न बदला तो कांग्रेस कमेटी जनता के साथ आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र जार, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य सुरेश कुमार, पूर्व विधायक एवं कांग्रेस उपाध्यक्ष अनिता वर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप पठानिया, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता दीपक शर्मा, महासचिव सुनील शर्मा, सचिव बलविंद्र सिंह बबलू और कमल पठानिया ने ऊना के मरीजों को हमीरपुर रेफर करने का कड़ा विरोध किया है।
कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि हमीरपुर जिला अभी तक कोरोना मुक्त है। जिले में कोरोना का एक भी मरीज नहीं है। लेकिन, जिला प्रशासन और प्रदेेश सरकार ने राधा स्वामी सत्संग व्यास चैरिटेबल अस्पताल भोटा को आईसोलेशन सेंटर बना दिया है। जिसके बाद ऊना से कोरोना मरीजों को हमीरपुर लाने का क्रम शुरू हो गया है। कांग्रेस ने हैरानी जताई कि जब हमीरपुर में कोरोना के सैंपल टेस्ट करने की सुविधा नहीं है और न ही मरीजों को मेडिकल कॉलेज में रखा जा रहा है तो भोटा सत्संग भवन में मरीजों का उपचार कैसे होगा। भोटा अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ के ठहरने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। चिकित्सकों को एक होटल में ठहराया जा रहा है। मेडिकल स्टाफ को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अस्पताल में उपचार के लिए लगे स्टाफ को भी संक्रमण का खतरा है। इसलिए मुख्यमंत्री हमीरपुर में किसी दूसरे जिले के कोरोना मरीजों को रेफर न करे। कांग्रेस ने मांग उठाई है कि जो जिस जिले का मरीज है, उसे उसी जिले के आईसोलेशन सेंटर में रखा जाए ताकि, अन्य जिला के लोग राहत की सांस ले सकें।
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कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि हमीरपुर जिला अभी तक कोरोना मुक्त है। जिले में कोरोना का एक भी मरीज नहीं है। लेकिन, जिला प्रशासन और प्रदेेश सरकार ने राधा स्वामी सत्संग व्यास चैरिटेबल अस्पताल भोटा को आईसोलेशन सेंटर बना दिया है। जिसके बाद ऊना से कोरोना मरीजों को हमीरपुर लाने का क्रम शुरू हो गया है। कांग्रेस ने हैरानी जताई कि जब हमीरपुर में कोरोना के सैंपल टेस्ट करने की सुविधा नहीं है और न ही मरीजों को मेडिकल कॉलेज में रखा जा रहा है तो भोटा सत्संग भवन में मरीजों का उपचार कैसे होगा। भोटा अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों और पैरा मेडिकल स्टाफ के ठहरने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। चिकित्सकों को एक होटल में ठहराया जा रहा है। मेडिकल स्टाफ को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। अस्पताल में उपचार के लिए लगे स्टाफ को भी संक्रमण का खतरा है। इसलिए मुख्यमंत्री हमीरपुर में किसी दूसरे जिले के कोरोना मरीजों को रेफर न करे। कांग्रेस ने मांग उठाई है कि जो जिस जिले का मरीज है, उसे उसी जिले के आईसोलेशन सेंटर में रखा जाए ताकि, अन्य जिला के लोग राहत की सांस ले सकें।
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