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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Committee formed for fire prevention in NIT Hamirpur

Hamirpur (Himachal) News: एनआईटी हमीरपुर में आग से बचाव के लिए कमेटी गठित

Sun, 23 Jun 2024 05:46 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Jun 2024 05:46 PM IST
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कमेटी परिसर के जंगल में आग न लगने का निकालेगी तोड़
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पाइन नीडल के प्रयोग को लेकर लिए जाएंगे सुझाव

संस्थान के एनर्जी स्टडी सेंटर के साथ मिलकर होगा कार्य

संवाद न्यूज एजेंसी

हमीरपुर। एनआईटी हमीरपुर परिसर के जंगल में आग की घटनाओं से बचाव के लिए स्थायी कदम उठाए जाएंगे। दो से तीन वर्ग किलोमीटर तक फैले एनआईटी हमीरपुर के कैंपस के जंगल में हजारों चीड़ के पेड़ हैं। जंगल में आए दिन आग की घटनाएं सामने के बाद एनआईटी हमीरपुर प्रबंधन ने समस्या के स्थायी समाधान का निर्णय लिया है। इस कड़ी में एनआईटी हमीरपुर में चीड़ की सूखी पत्तियों से आग न लगे, इसके लिए एक कमेटी गठित की गई है।

कमेटी कैंपस में बिखरी सूखी चीड़ की पत्तियों की समस्या के समाधान के साथ इसके इस्तेमाल के लिए सुझाव देगी। अकसर आग लगने की घटनाएं सूखी चीड़ की पत्तियों की वजह से सामने आती हैं। जरा सी आग को भी यह पत्तियां पकड़ लेती हैं। ऐसे में इन पत्तियों से बॉयो फ्यूल तैयार करने और फायर ब्रिक (ईंधन की ईंटें) बनाने का कार्य किया जाएगा। एनआईटी हमीरपुर के एनर्जी स्टडी सेंटर में इस पर पिछले कुछ सालों से अध्ययन भी चल रहा है। अब बाकायदा इसके लिए कमेटी भी गठित की गई है। यह कमेटी सूखी पाइन नीडल के इस्तेमाल के साथ कैंपस के सौंदर्यीकरण को लेकर भी सुझाव देगी। पाइन नीडल के बजाय कैंपस के जंगल में अन्य कौन से पौधे लगाए जा सकते हैं, इस पर विचार किया जाएगा। कमेटी की रिपोर्ट मिलने के बाद संस्थान प्रबंधन समस्या के स्थायी समाधान पर निर्णय लेगा।
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आईआईटी मंडी में चल रहा प्रोजेक्ट

एनआईटी मंडी में पाइन नीडल से ईंधन की ईंटें बनाने का प्रोजेक्ट संचालित किया जा रहा है। एनआईटी हमीरपुर के विशेषज्ञ इस योजना को लागू करने से पहले आईआईटी मंडी के विशेषज्ञ से विचार-विमर्श करेंगे। फायर ब्रिक (ईंधन की ईंटे) तैयार करने के इस प्रोजेक्ट की लागत समेत अन्य पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
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कोट
एनआईटी हमीरपुर की रजिस्ट्रार अर्चना नानोटी ने कहा कि चीड़ के पेड़ों की सूखी पत्तियां जल्द आग पकड़ लेती हैं। समस्या के स्थायी समाधान के लिए कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी चीड़ की सूखी पत्तियों के इस्तेमाल का सुझाव देगी। इसके अलावा कैंपस के सौंदर्यीकरण और अन्य पौधों के विकल्पों पर कमेटी अपनी राय संस्थान प्रबंधन को सौंपेगी।
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