डिडवीं टिक्कर (हमीरपुर)। अग्निपथ योजना के विरोध में सीटू के राष्ट्रीय सचिव कश्मीर सिंह ठाकुर की अगुवाई में टिक्कर में वीरवार को एक रोष रैली निकाली गई। इस दौरान अग्निपथ योजना का विरोध किया गया। कश्मीर सिंह ने कहा कि हाल ही में मोदी सरकार की ओर से तानाशाही तरीके से देश की सुरक्षा को ताक में रखकर अनुबंध के आधार पर सेना की भर्ती प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। महज चार साल के लिए बिना पेंशन व अन्य लाभ के ही अब सैनिकों से सेवाएं ली जाएंगी और सेवानिवृत्त कर दिया जाएगा। मोदी सरकार की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि इससे बचने वाले पैसों से सेना की अन्य आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा। यह सरासर गलत है।
मोदी सरकार ने रक्षा उत्पादन जैसे वाहन, गोला बारूद, अन्य हथियार और साजोसामान बनाने के कारखानों को देशी-विदेशी निजी कंपनियों के हवाले करने का फैसला कर लिया है। इससे रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता निजी हाथों में चली जाएगी। जबकि, वास्तविकता में मोदी सरकार ने अपने चहेते इकलौते पूंजीपति को ही 29 खरब से ज्यादा रुपयों की मदद की है। यह राशि देश के रक्षा बजट से कई गुना ज्यादा है। खासकर गरीबों के बच्चों के लिए एकमात्र सरकारी नौकरी का सहारा फौज ही था, जिसे भी अब ठेके पर दिया जा रहा है। मोदी सरकार हर तरह के रोजगार को नाम मात्र वेतन पर ठेका व्यवस्था में तबदील कर रही है। सीटू इसके विरोध में ग्रामीण स्तर पर अभियान और आंदोलन शुरू करेगी। जब तक अग्निपथ योजना को वापस नहीं लिया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा।