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Hamirpur (Himachal) News: चार नए श्रम कोड लागू करने के विरोध में सीटू निकालेगी रैली
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मजदूरों के लिए बनाए गए नए लेबर कोड को निरस्त करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। सीटू के अखिल भारतीय आह्वान पर 18 जुलाई को हमीरपुर जिले में विशाल रैली निकाली जाएगी। सीटू के जिला सचिव जोगिंदर कुमार ने कहा कि नई मोदी सरकार ने जो 100 दिन का एजेंडा तय किया है उसमें चार नए श्रम कोड लागू करने जा रही है, जो मजदूरों के लिए गुलामी का फंदा है। मजदूरों ने लंबी लड़ाई और कुर्बानी के बाद इन्हें हासिल किया है। सुरक्षा के अधिकार को खत्म करने की साजिश है। इन चार नए लेबर कोड को लागू करने से देश के 74 फीसदी मजदूर सामाजिक सुरक्षा व 70 फीसदी उद्योग कानून के दायरे से ही बाहर हो जाएंगे। नए लेबर कोड में हड़ताल करने पर मजदूरों को वैसे ही सख्त सजा का प्रावधान है। जैसे ट्रांसपोर्ट मालिकों व ड्राइवरों के लिए दुर्घटना की स्थिति में मोटर व्हीकल एक्ट में किया गया है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को काम के लिए समय सीमा आठ घंटे से बढ़कर 12 घंटे करने की अधिसूचना जारी हो चुकी है। मोदी सरकार की इन मजदूर, राष्ट्र और जनता विरोधी फैसले के खिलाफ 18 जुलाई को पूरे देश भर में सीटू प्रदर्शन करेगी और उसी कड़ी में हमीरपुर में भी प्रदर्शन किया जाएगा। सीटू ने मांग की है कि मजदूरों के लिए बनाए गए नए लेबर कोड को निरस्त किया जाना चाहिए। नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन को खत्म करने, सार्वजनिक उपक्रमों की सेवाओं के निजीकरण को बंद करने, सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 26000 रुपये प्रति माह करने की मांग की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। सीटू के अखिल भारतीय आह्वान पर 18 जुलाई को हमीरपुर जिले में विशाल रैली निकाली जाएगी। सीटू के जिला सचिव जोगिंदर कुमार ने कहा कि नई मोदी सरकार ने जो 100 दिन का एजेंडा तय किया है उसमें चार नए श्रम कोड लागू करने जा रही है, जो मजदूरों के लिए गुलामी का फंदा है। मजदूरों ने लंबी लड़ाई और कुर्बानी के बाद इन्हें हासिल किया है। सुरक्षा के अधिकार को खत्म करने की साजिश है। इन चार नए लेबर कोड को लागू करने से देश के 74 फीसदी मजदूर सामाजिक सुरक्षा व 70 फीसदी उद्योग कानून के दायरे से ही बाहर हो जाएंगे। नए लेबर कोड में हड़ताल करने पर मजदूरों को वैसे ही सख्त सजा का प्रावधान है। जैसे ट्रांसपोर्ट मालिकों व ड्राइवरों के लिए दुर्घटना की स्थिति में मोटर व्हीकल एक्ट में किया गया है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को काम के लिए समय सीमा आठ घंटे से बढ़कर 12 घंटे करने की अधिसूचना जारी हो चुकी है। मोदी सरकार की इन मजदूर, राष्ट्र और जनता विरोधी फैसले के खिलाफ 18 जुलाई को पूरे देश भर में सीटू प्रदर्शन करेगी और उसी कड़ी में हमीरपुर में भी प्रदर्शन किया जाएगा। सीटू ने मांग की है कि मजदूरों के लिए बनाए गए नए लेबर कोड को निरस्त किया जाना चाहिए। नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन को खत्म करने, सार्वजनिक उपक्रमों की सेवाओं के निजीकरण को बंद करने, सभी श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 26000 रुपये प्रति माह करने की मांग की है।