{"_id":"651c6707d412f24205091fb4","slug":"chemicals-bought-for-lab-tests-in-veterinary-hospital-have-expired-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1008-10176-2023-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: पशु चिकित्सालय में लैब टेस्ट के लिए खरीदे केमिकल हो गए एक्सपायर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: पशु चिकित्सालय में लैब टेस्ट के लिए खरीदे केमिकल हो गए एक्सपायर
विज्ञापन
भोरंज (हमीरपुर)। पशु चिकित्सालय भोरंज में मवेशियों की विभिन्न बीमारियों का पता लगाने के लिए खरीदे गए केमिकल बिना इस्तेमाल ही एक्सपायर हो गए हैं। पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी यहां लैब तकनीशियन का पद नहीं भरा गया है। हालात ऐसे हैं कि पशुपालकों को पशुओं के टेस्ट कराने के लिए जगह-जगह भटकना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों हेमराज, अजय चंदेल, राकेश कुमार, प्रदीप ठाकुर, रोशन लाल आदि ने कहा कि सब डिवीजन भोरंज के तहत पशु चिकित्सालय भोरंज में पशुओं की बीमारियों की जांच करने के लिए लैब तो बनी है लेकिन लैब तकनीशियन का पद शुरू से ही खाली चल रहा है।
इसका खामियाजा गरीब पशुपालकों को भुगतना पड़ रहा है। वर्ष 2017 में भोरंज में पशु चिकित्सालय लैब के लिए टेंडर हुए थे और लैब का कार्य अब 2023 में पूरा हुआ। लैब के टेंडर के बाद वर्ष 2018 में यहां लैब टेस्ट के लिए लाखों रुपये के केमिकल खरीदे गए थे। लैब तकनीशियन न होने के चलते इनका प्रयोग नहीं हो पाया। केमिकल पशु चिकित्सालय में पड़े-पड़े एक्सपायर हो गए हैं। लैब निर्माण और टेस्ट करने के लिए खरीदे गए केमिकल का पशुपालकों को लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि पशुओं का इलाज करने के लिए उन्हें दूरदराज के अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है।
बयान
पशु चिकित्सालय भोरंज में लैब तो है, लेकिन तकनीशियन का पद खाली चल रहा है। खाली पद के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। लैब तकनीशियन न होने से पशु चिकित्सालय में पशुओं के टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं।
विज्ञापन
-डॉ. सुनील शर्मा, पशु चिकित्सक भोरंज।
लैब टेस्ट में रखे गए कैमिकल एक्सपायर नहीं होते हैं। उनका प्रभाव कम होता है। उन्होंने कहा कि कुछ टेस्ट तकनीशियन न होने के चलते डॉक्टर भी कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि लैब तकनीशियन के खाली पद के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
-डॉ. मनोज कुमार, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग हमीरपुर।
(समाचार: बवीता चंदेल)
विज्ञापन
इसका खामियाजा गरीब पशुपालकों को भुगतना पड़ रहा है। वर्ष 2017 में भोरंज में पशु चिकित्सालय लैब के लिए टेंडर हुए थे और लैब का कार्य अब 2023 में पूरा हुआ। लैब के टेंडर के बाद वर्ष 2018 में यहां लैब टेस्ट के लिए लाखों रुपये के केमिकल खरीदे गए थे। लैब तकनीशियन न होने के चलते इनका प्रयोग नहीं हो पाया। केमिकल पशु चिकित्सालय में पड़े-पड़े एक्सपायर हो गए हैं। लैब निर्माण और टेस्ट करने के लिए खरीदे गए केमिकल का पशुपालकों को लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि पशुओं का इलाज करने के लिए उन्हें दूरदराज के अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है।
विज्ञापन
बयान
पशु चिकित्सालय भोरंज में लैब तो है, लेकिन तकनीशियन का पद खाली चल रहा है। खाली पद के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है। लैब तकनीशियन न होने से पशु चिकित्सालय में पशुओं के टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं।
विज्ञापन
-डॉ. सुनील शर्मा, पशु चिकित्सक भोरंज।
लैब टेस्ट में रखे गए कैमिकल एक्सपायर नहीं होते हैं। उनका प्रभाव कम होता है। उन्होंने कहा कि कुछ टेस्ट तकनीशियन न होने के चलते डॉक्टर भी कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि लैब तकनीशियन के खाली पद के बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया गया है।
-डॉ. मनोज कुमार, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग हमीरपुर।
(समाचार: बवीता चंदेल)