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केंद्र ने रोका 2014 से पहले के प्रोजेक्टों का फंड
ब्यूरो, अमर उजाला, हमीरपुर
Updated Tue, 17 Jan 2017 12:14 AM IST
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- फोटो : प्रतिकात्मक तस्वीर
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भारत सरकार ने 2014 से पहले की परियोजनाओं की फंडिंग रोक दी है। योजना आयोग को बंद कर नीति आयोग के गठन का तर्क देेकर पुरानी परियोजनाओं को बजट देने से इंकार कर दिया है। केंद्र सरकार की ना से अब प्रदेश समेत हमीरपुर में चल रही बड़ी योजनाओं को झटका लगने वाला है। उपमंडल नादौन में निर्माणाधीन प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण सिंचाई योजना के निर्माण के लिए भी बजट देने के लिए केंद्र ने हाथ खींच लिए हैं।
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90 और 10 फीसदी अनुपात पर केंद्र व राज्य के आपसी सहयोग से उपमंडल नादौन में बनने वाली इस सिंचाई योजना का कार्य बजट के अभाव में लटक गया है। 156 करोड़ से बनने वाली मध्यम सिंचाई परियोजना का कार्य 2011 में शुरू हुआ। तय शर्तों के मुताबिक परियोजना कार्य मार्च 2016 में पूरा होना था। लेकिन बजट ने इस प्रोजेक्ट की राह में रोड़े अटका दिए हैं।
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इस परियोजना के पूरा होने से उपमंडल नादौन की 2980 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होनी थी। वहीं तय नियमों के अनुसार केंद्र सरकार से 90 फीसदी सब्सिडी हासिल करने के लिए पहले प्रदेश सरकार को परियोजना का 50 फीसदी कार्य अपने खर्च पर पूरा करना था। इसके चलते राज्य सरकार अभी तक इस परियोजना पर 50 फीसदी से अधिक यानी 79 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। हालांकि अब केंद्र से फंडिंग नहीं मिल रही। इसी तरह शहर की पेयजल स्कीम का कार्य भी बजट के अभाव में लटक गया है।
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पेयजल योजना को भी नहीं मिला बजट
2012 में हमीरपुर शहर के लिए केंद्र सरकार से स्वीकृत इंप्रूवमेंट एंड रि-मॉडलिंग ऑफ लिफ्ट वाटर सप्लाई स्कीम के लिए भी बजट नहीं मिला है। 64 करोड़ की इस योजना से शहर और साथ लगती पंचायतों में करीब 12 उठाऊ पेयजल टैंकों का निर्माण होना है। बजट के अभाव में योजना अधर में लटकी है।
आईपीएच विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके सोढी ने बताया कि 90-10 के अनुपात में बनने वाली इस सिंचाई योजना पर राज्य सरकार 79 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। अभी तक केंद्र सरकार से कोई बजट नहीं मिला है। इसके चलते निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 2014 से पहले की परियोजनाओं को बजट देने से इंकार कर दिया है।