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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Bus terminal construction stalled due to search for land

Hamirpur (Himachal) News: जमीन की तलाश में अटका बस अड्डे का निर्माण

Sat, 20 Jun 2026 01:07 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2026 01:07 AM IST
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मैहरे (हमीरपुर)। बड़सर के लोगों का वर्षों पुराना बस अड्डे का सपना एक बार फिर जमीन की तलाश में अटक गया है। सरकार ने बस अड्डे के निर्माण के लिए करीब दो करोड़ रुपये की राशि तो मंजूर कर दी है लेकिन विडंबना यह है कि जिस परियोजना के लिए बजट स्वीकृत हुआ है, उसके लिए अभी तक जमीन ही तय नहीं हो पाई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिना भूमि के बस अड्डे का निर्माण आखिर कैसे और कब होगा। धूमल सरकार में वर्ष 2012 में बस स्टैंड के निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया था। वर्ष 2020 में बस स्टैंड के निर्माण के लिए 24 कनाल भूमि लोगों ने दान दी लेकिन इस जमीन को बस स्टैंड निर्माण के लिए उपयुक्त नहीं माना गया। अब हालात ऐसे बन रहे हैं कि बजट तो उपलब्ध है लेकिन निर्माण के लिए निगम और प्रशासन जमीन ही नहीं तलाश पा रहे हैं।
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सड़क किनारे खड़ी रहती हैं बसें
उपमंडल मुख्यालय होने के बावजूद बड़सर आज भी एक सुव्यवस्थित बस अड्डे से वंचित है। वर्तमान में बसें सड़क किनारे या सीमित स्थानों पर खड़ी की जाती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। बाजार क्षेत्र में जाम और अव्यवस्थित यातायात भी आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में लोगों को उम्मीद थी कि राशि स्वीकृत होने के बाद बस अड्डे के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा लेकिन जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया अब भी फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई है।
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मार्च में परियोजना के लिए दो करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके बाद प्रशासन और संबंधित विभागों ने संभावित स्थलों का निरीक्षण भी किया लेकिन किसी स्थान पर अंतिम मुहर नहीं लग सकी। पूर्व में चिह्नित एक स्थल को विशेषज्ञों ने तकनीकी कारणों से उपयुक्त नहीं माना, जिसके बाद मामला फिर से शुरुआती दौर में पहुंच गया। स्थानीय लोगों रामलाल, रमेश, किशोर का कहना है कि बस अड्डा केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र की बुनियादी जरूरत है। इससे प्रतिदिन सफर करने वाले हजारों यात्रियों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को सुविधा मिलेगी। लोगों का मानना है कि जब तक भूमि चयन को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी, तब तक करोड़ों रुपये की स्वीकृत योजना भी कागजों में ही सिमटी रह सकती है।
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पहले जमीन, फिर निर्माण
परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सबसे बड़ी चुनौती उपयुक्त भूमि को चिह्नित करने की है। भूमि उपलब्ध होने के बाद ही निर्माण एजेंसी आगे की प्रक्रिया शुरू कर सकेगी। ऐसे में अब सभी की निगाहें प्रशासन और परिवहन निगम की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

हिमाचल पथ परिवहन निगम बड़सर में भूमि की तलाश कर रहा है। अभी तक कोई जमीन अंतिम रूप से चिह्नित नहीं हुई है। भूमि चिह्नित होने के बाद निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।

--राहुल कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी हमीरपुर

एचआरटीसी की ओर से अभी तक निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं करवाई गई है। जैसे ही विभाग जमीन उपलब्ध करवाएगा, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। बजट मिल चुका है।
-- डीसी ठाकुर, अधिशाषी अभियंता, लोक निर्माण विभाग बड़सर
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