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Hamirpur (Himachal) News: पंचायतों में सियासी टकराव पर ब्रेक, प्रशासनिक कामकाज भी होगा सुगम
Thu, 10 Jul 2025 01:05 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 10 Jul 2025 01:05 AM IST
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हमीरपुर। जिले के विकास खंडों के पुनर्सीमांकन से अब पंचायत समितियों की प्रशासनिक व्यवस्था पहले से कहीं अधिक सरल और प्रभावी हो गई है। अब प्रत्येक विकास खंड को एक ही विधानसभा क्षेत्र तक सीमित कर दिया है। इससे पंचायत समितियों के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव में क्षेत्रवाद की राजनीति को भी विराम लगने की उम्मीद है।
इसके साथ ही पंचायत समितियों की बैठकों में विभागीय अधिकारियों और विधायकों की रिपोर्टिंग की उलझनों से छुटकारा मिलेगा। हालांकि, कुछ पंचायतों के लिए खंड विकास कार्यालय की दूरी बढ़ने से असुविधा हो सकती है, लेकिन विकास योजनाओं की रफ्तार और विभागीय समन्वय के दृष्टिगत यह कदम लाभकारी माना जा रहा है।
बीते मंगलवार को जारी अधिसूचना में भोरंज, हमीरपुर, सुजानपुर और बमसन ब्लॉक में बदलाव किया गया है। पुनर्सीमांकन के तहत बमसन ब्लॉक की 12 से अधिक पंचायतों को भोरंज ब्लॉक में शामिल किया गया है। जबकि बमसन ब्लॉक का कार्यालय टौणीदेवी में है, जो इन पंचायतों के लिए भौगोलिक दृष्टि से अधिक समीप पड़ता है। इस बदलाव को लेकर क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधि पूर्व में विरोध दर्ज करवा चुके हैं।
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अब गैरहाजिरी पर लगाम, जवाबदेही भी तय
अब तक पंचायत समिति की बैठकों में विभिन्न विभागों के अधिकारी अक्सर गैरहाजिर रहते थे, विशेषकर वे अधिकारी जो दूसरे विधानसभा क्षेत्रों से संबंध रखते थे। अब जब विकास खंडों को एक विधानसभा क्षेत्र में सीमित किया गया है तो जवाबदेही तय करने और बैठक में उपस्थिति सुनिश्चित करवाने में भी प्रशासन को सुविधा होगी।
पंचायत प्रतिनिधियों ने किया स्वागत
भोरंज (हमीरपुर)। भोरंज ब्लॉक के कई पंचायत प्रतिनिधियों ने पुनर्सीमांकन के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे विधायक सुरेश कुमार का दूरदर्शी कदम बताया है। कंज्यान पंचायत के प्रधान संदीप चौहान, बधानी के प्रधान विनोद ठाकुर, चंबोह के उपप्रधान महेंद्र, बजरोह के प्रधान ओंकार, दारी के प्रधान कुशल, बगवाड़ा के प्रधान देश राज सहित कई अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि यह कदम लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और विधानसभा क्षेत्रीय सीमाओं के बीच समन्वय स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और आम जनता को सरकारी सेवाओं और विकास योजनाओं का लाभ उठाने में अधिक सुविधा मिलेगी।
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इसके साथ ही पंचायत समितियों की बैठकों में विभागीय अधिकारियों और विधायकों की रिपोर्टिंग की उलझनों से छुटकारा मिलेगा। हालांकि, कुछ पंचायतों के लिए खंड विकास कार्यालय की दूरी बढ़ने से असुविधा हो सकती है, लेकिन विकास योजनाओं की रफ्तार और विभागीय समन्वय के दृष्टिगत यह कदम लाभकारी माना जा रहा है।
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बीते मंगलवार को जारी अधिसूचना में भोरंज, हमीरपुर, सुजानपुर और बमसन ब्लॉक में बदलाव किया गया है। पुनर्सीमांकन के तहत बमसन ब्लॉक की 12 से अधिक पंचायतों को भोरंज ब्लॉक में शामिल किया गया है। जबकि बमसन ब्लॉक का कार्यालय टौणीदेवी में है, जो इन पंचायतों के लिए भौगोलिक दृष्टि से अधिक समीप पड़ता है। इस बदलाव को लेकर क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधि पूर्व में विरोध दर्ज करवा चुके हैं।
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अब गैरहाजिरी पर लगाम, जवाबदेही भी तय
अब तक पंचायत समिति की बैठकों में विभिन्न विभागों के अधिकारी अक्सर गैरहाजिर रहते थे, विशेषकर वे अधिकारी जो दूसरे विधानसभा क्षेत्रों से संबंध रखते थे। अब जब विकास खंडों को एक विधानसभा क्षेत्र में सीमित किया गया है तो जवाबदेही तय करने और बैठक में उपस्थिति सुनिश्चित करवाने में भी प्रशासन को सुविधा होगी।
पंचायत प्रतिनिधियों ने किया स्वागत
भोरंज (हमीरपुर)। भोरंज ब्लॉक के कई पंचायत प्रतिनिधियों ने पुनर्सीमांकन के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे विधायक सुरेश कुमार का दूरदर्शी कदम बताया है। कंज्यान पंचायत के प्रधान संदीप चौहान, बधानी के प्रधान विनोद ठाकुर, चंबोह के उपप्रधान महेंद्र, बजरोह के प्रधान ओंकार, दारी के प्रधान कुशल, बगवाड़ा के प्रधान देश राज सहित कई अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि यह कदम लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग और विधानसभा क्षेत्रीय सीमाओं के बीच समन्वय स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और आम जनता को सरकारी सेवाओं और विकास योजनाओं का लाभ उठाने में अधिक सुविधा मिलेगी।