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Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज में बीपी की दवाइयां और प्लास्टर खत्म
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हमीरपुर। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह जिले हमीरपुर में स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ रही हैं। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में बीपी की दवाई, छह इंच के प्लास्टर और सॉफ्ट रोल का स्टॉक खत्म हो चुका है। जिस कारण यहां मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल मेंं बीपी के मरीजों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती हैं लेकिन वर्तमान में जिले के सबसे बड़े अस्पताल में बीपी की एमलोडिपाइन दवाई ही उपलब्ध नहीं है। बीपी की दवाई न मिलने पर मरीज आपातकाल में बाहर का रूख कर रहे हैं। वहीं, जो मरीज बाहर महंगे दामों पर दवाइयां खरीदने में असमर्थ हैं वे बिना दवाई के ही घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
अस्पताल की मेडिसन ओपीडी में रोजाना 100 से 150 के बीच मरीज उपचार के लिए आते हैं। हमीरपुर के अलावा ऊना, कांगड़ा और मंडी जिले के मरीज भी यहां उपचार के लिए आते हैं लेकिन दवाइयां न मिलने से मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। बीपी के मरीज सुरेश, पुरुषोत्तम, विजय, कांता देवी और निर्मला आदि ने कहा कि जब रेह काउंटर पर बीपी की दवाई लेने गए तो वहां कहा गया कि बीपी की दवाई वर्तमान में उपलब्ध नहीं है। वहीं, ऑर्थो विभाग में छह इंच का प्लास्टर और सॉफ्ट रोल भी उपलब्ध नहीं है। हालांकि चार इंच का प्लास्टर उपलब्ध है। वहीं, इस बारे जब अस्पताल के कार्यकारी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया।
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मेडिकल कॉलेज के दवा स्टोर में सभी प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं। जल्द ही सभी दवाओं को अस्पताल के लिए जारी किया जाएगा और मरीजों के लिए उपलब्ध करवा जाएगा।
डॉ. अनिल वर्मा, कार्यकारी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी
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अस्पताल मेंं बीपी के मरीजों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती हैं लेकिन वर्तमान में जिले के सबसे बड़े अस्पताल में बीपी की एमलोडिपाइन दवाई ही उपलब्ध नहीं है। बीपी की दवाई न मिलने पर मरीज आपातकाल में बाहर का रूख कर रहे हैं। वहीं, जो मरीज बाहर महंगे दामों पर दवाइयां खरीदने में असमर्थ हैं वे बिना दवाई के ही घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
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अस्पताल की मेडिसन ओपीडी में रोजाना 100 से 150 के बीच मरीज उपचार के लिए आते हैं। हमीरपुर के अलावा ऊना, कांगड़ा और मंडी जिले के मरीज भी यहां उपचार के लिए आते हैं लेकिन दवाइयां न मिलने से मरीजों को जेब ढीली करनी पड़ रही है। बीपी के मरीज सुरेश, पुरुषोत्तम, विजय, कांता देवी और निर्मला आदि ने कहा कि जब रेह काउंटर पर बीपी की दवाई लेने गए तो वहां कहा गया कि बीपी की दवाई वर्तमान में उपलब्ध नहीं है। वहीं, ऑर्थो विभाग में छह इंच का प्लास्टर और सॉफ्ट रोल भी उपलब्ध नहीं है। हालांकि चार इंच का प्लास्टर उपलब्ध है। वहीं, इस बारे जब अस्पताल के कार्यकारी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने मीडिया से बातचीत करने से इनकार कर दिया।
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मेडिकल कॉलेज के दवा स्टोर में सभी प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं। जल्द ही सभी दवाओं को अस्पताल के लिए जारी किया जाएगा और मरीजों के लिए उपलब्ध करवा जाएगा।
डॉ. अनिल वर्मा, कार्यकारी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी