फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Boron, calcium deficiency can occur in plants due to drought

Hamirpur (Himachal) News: सूखे से पौधों में हो सकती है बोरोन, कैल्शियम की कमी

Thu, 16 Mar 2023 11:31 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Mar 2023 11:31 PM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। जिला में सूखे की स्थिति को देखते हुए बागवानी विभाग ने बागवानों को आवश्यक सलाह और सुझाव दिए हैं। विभाग के उपनिदेशक राजेश्वर परमार ने बताया कि पिछले कुछ समय से राज्य के अधिकतर क्षेत्रों में सूखे की स्थिति बनी हुई है। इस स्थिति में नुकसान को कम करने के लिए पौधों के तौलिये में नमी को संरक्षित करने के लिए जैविक पदार्थ जैसे कि सूखी घास एवं धान की पराली इत्यादि का उपयोग किया जा सकता है। सूखे के दौरान पौधों में बोरोन और कैल्शियम की कमी हो सकती है। इस कमी को दूर करने के लिए बोरिक एसिड 0.1 फीसदी एवं कैल्शियम क्लोराइड 0.5 फीसदी का प्रयोग करें।
विज्ञापन

उपनिदेशक ने बताया कि फरवरी-मार्च में तापमान में वृद्धि के कारण गुठलीदार फलों में जल्दी फूल आ रहे हैं और यदि यही स्थिति रहती है तो फलदार पौधे भी जल्दी खिल सकते हैं। सूखे के कारण फलों के नए बागीचों के लिए भी समस्या पैदा हो सकती है। राजेश्वर परमार ने बताया कि पानी की प्रतिस्पर्धा को कम करने के लिए बागीचों को खरपतवार मुक्त की आवश्यकता है। फलदार पौधों के तौलियों की मल्चिंग द्वारा मिट्टी की नमी को बचाया जा सकता है। उन्होंने कीटों के हमलों से बचाव के लिए फल एवं सब्जियों रखने की नियमित निगरानी की सलाह भी दी। उपनिदेशक ने कहा कि तापमान में अचानक वृद्धि के परिणामस्वरूप प्रारंभिक अवस्था में सभी किस्मों में एक समान फूल आ सकते हैं। इसलिए उचित परागण सुनिश्चित करने के लिए मधुमक्खी कालोनियों को चार कालोनी प्रति हैक्टेयर के हिसाब से बागीचों में रखा जाना चाहिए तथा सभी फसलों में जीवन रक्षक सिंचाई करनी चाहिए। आम की फसल में मिलि बग और मैंगो होपर के हमले को रोकने के लिए फल के पेड़ों की निगरानी की जानी चाहिए। कीट आमतौर पर पुष्प और पत्तियों से रस चूस लेते हैं। मैंगो मिलि बग की ऊपर की ओर गति को नियंत्रित करने के लिए आम के पौधों पर चिपचिपा ग्रीस बैंड लगाएं। उपनिदेशक ने बताया कि बागवानों को जागरूक करने के लिए बागवानी विभाग विभिन्न जिलों में खंड और पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता शिविर आयोजित कर रहा है। इन शिविरों में किसानों को फसलों में परागण विधि, मल्चिंग, सूक्ष्म सिंचाई विधि, दवाइयों की स्प्रे और खाद एवं उर्वरक डालने के समय और विधि के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed