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Hamirpur (Himachal) News: 15 स्कूलों में खराब हुई बायोमीट्रिक मशीनें
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नेटवर्क और बैटरी से संबंधित समस्याओं के चलते शिक्षक परेशान
जिले के 348 स्कूलों में स्थापित हैं बायोमीट्रिक मशीनें
बायोमीट्रिक मशीनों के संचालन के लिए विभाग ने दिए हैं कड़े निर्देश
स्मार्ट उपस्थिति एप के साथ बायोमीट्रिक मशीनों से भी लगानी होती है हाजिरी
संंवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले के 15 स्कूलों में मरम्मत के बाद बायोमीट्रिक मशीनें पुन: खराब हो गई हैं। ऐसे में शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग की ओर से जिले के 348 स्कूलों में इन बायोमीट्रिक मशीनों को स्थापित किया गया है ताकि स्कूलों में ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों की हाजिरी लगाई जा सके। लेकिन, मशीनों के खराब होने से ऑनलाइन हाजिरी के साथ डाटा अपडेट नहीं हो पा रहा है। जिससे शिक्षक चाहकर भी ऑनलाइन अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे हैं।
हाल ही में शिक्षा विभाग की ओर से निजी कंपनी के माध्यम से खराब मशीनों में नेटवर्क, डाटा अपडेट, बैटरी आदि की मरम्मत करवाकर स्कूलों में स्थापित करवाया था। मरम्मत करवाने के बाद भी मशीनें ठीक ढंग से कार्य नहीं कर रही हैं। इससे शिक्षकों को हाजिरी लगाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। शिक्षकों को स्कूल में बायोमीट्रिक मशीनों के होते हुए भी मैनुअल तरीके से ऑफलाइन या फिर स्मार्ट उपस्थिति एप व रजिस्टर पर हाजिरी लगानी पड़ रही है।
प्राथमिक शिक्षा संघ के प्रधान नरेश शर्मा, अशोक पठानिया, जीवन कुमार, वरुण ठाकुर, प्रवीण कुमार, विरेंद्र कुमार, ईशा कुमारी, प्रिया ठाकुर आदि ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाना अनिवार्य किया गया है लेकिन, खराब मशीनों की मरम्मत करवाने के बाद भी हाजिरी लगाने में 10 मिनट से एक घंटे तक का समय लग रहा है। ऐसे में शिक्षकों को मशीनों की मरम्मत करवाने के लिए बार-बार इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इनकी मरम्मत करवाने के लिए उन्हें किसी भी प्रकार की बजट राशि उपलब्ध नहीं करवाई गई है। ऐसे में शिक्षकों को अपनी जेब से खर्च करके मशीनों की मरम्मत करवानी पड़ रही है। उन्होंने समस्या का समाधान करवाने की मांग की है। इस बारे में उच्चतर शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अनिल कौशल ने कहा कि अधिकांश स्कूलों में खराब मशीनों की मरम्मत करवाई जा चुकी है। वहीं, जिन स्कूलों में मरम्मत होने के बाद भी मशीनों खराब पड़ी हुई हैं, उनमें मरम्मत करवा दी जाएगी। शिक्षक स्मार्ट उपस्थिति एप के माध्यम से भी हाजिरी लगा सकते हैं।
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जिले के 348 स्कूलों में स्थापित हैं बायोमीट्रिक मशीनें
बायोमीट्रिक मशीनों के संचालन के लिए विभाग ने दिए हैं कड़े निर्देश
स्मार्ट उपस्थिति एप के साथ बायोमीट्रिक मशीनों से भी लगानी होती है हाजिरी
संंवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले के 15 स्कूलों में मरम्मत के बाद बायोमीट्रिक मशीनें पुन: खराब हो गई हैं। ऐसे में शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षा विभाग की ओर से जिले के 348 स्कूलों में इन बायोमीट्रिक मशीनों को स्थापित किया गया है ताकि स्कूलों में ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों की हाजिरी लगाई जा सके। लेकिन, मशीनों के खराब होने से ऑनलाइन हाजिरी के साथ डाटा अपडेट नहीं हो पा रहा है। जिससे शिक्षक चाहकर भी ऑनलाइन अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे हैं।
हाल ही में शिक्षा विभाग की ओर से निजी कंपनी के माध्यम से खराब मशीनों में नेटवर्क, डाटा अपडेट, बैटरी आदि की मरम्मत करवाकर स्कूलों में स्थापित करवाया था। मरम्मत करवाने के बाद भी मशीनें ठीक ढंग से कार्य नहीं कर रही हैं। इससे शिक्षकों को हाजिरी लगाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। शिक्षकों को स्कूल में बायोमीट्रिक मशीनों के होते हुए भी मैनुअल तरीके से ऑफलाइन या फिर स्मार्ट उपस्थिति एप व रजिस्टर पर हाजिरी लगानी पड़ रही है।
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प्राथमिक शिक्षा संघ के प्रधान नरेश शर्मा, अशोक पठानिया, जीवन कुमार, वरुण ठाकुर, प्रवीण कुमार, विरेंद्र कुमार, ईशा कुमारी, प्रिया ठाकुर आदि ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाना अनिवार्य किया गया है लेकिन, खराब मशीनों की मरम्मत करवाने के बाद भी हाजिरी लगाने में 10 मिनट से एक घंटे तक का समय लग रहा है। ऐसे में शिक्षकों को मशीनों की मरम्मत करवाने के लिए बार-बार इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इनकी मरम्मत करवाने के लिए उन्हें किसी भी प्रकार की बजट राशि उपलब्ध नहीं करवाई गई है। ऐसे में शिक्षकों को अपनी जेब से खर्च करके मशीनों की मरम्मत करवानी पड़ रही है। उन्होंने समस्या का समाधान करवाने की मांग की है। इस बारे में उच्चतर शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अनिल कौशल ने कहा कि अधिकांश स्कूलों में खराब मशीनों की मरम्मत करवाई जा चुकी है। वहीं, जिन स्कूलों में मरम्मत होने के बाद भी मशीनों खराब पड़ी हुई हैं, उनमें मरम्मत करवा दी जाएगी। शिक्षक स्मार्ट उपस्थिति एप के माध्यम से भी हाजिरी लगा सकते हैं।
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