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Hamirpur (Himachal) News: मरम्मत करवाने के बाद फिर खराब हुई बायोमीट्रिक मशीनें

Sun, 28 Apr 2024 05:06 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 28 Apr 2024 05:06 PM IST
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शिक्षकों के लिए बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगानी हुई मुश्किल
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जिलाभर के 348 स्कूलों में लगी हैं बायोमीट्रिक मशीनें, 160 नहीं कर रही ढंग से काम
शिक्षकों को हाजिरी लगाने में लग रहा अधिक समय, छात्रों की पढ़ाई हो रही प्रभावित
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में बायोमीट्रिक प्रणाली से हाजिरी लगाना किया है अनिवार्य
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिलेभर के 348 स्कूलों में स्थापित बायोमीट्रिक मशीनों में से 160 मरम्मत के बाद फिर खराब हो गई हैं। इससे स्कूल प्रमुखों को हाजिरी लगाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। मशीनों में नेटवर्क, डाटा अपडेट, बैटरी आदि की मरम्मत करवाने के बाद भी ये ठीक ढंग से कार्य नहीं कर रही हैं। शिक्षकों को स्कूल में बायोमीट्रिक मशीनों के होते हुए भी मैनुअल तरीके से रजिस्टर पर हाजिरी लगानी पड़ रही है।
प्राथमिक शिक्षा संघ के प्रधान नरेश शर्मा, अशोक पठानिया, जीवन कुमार, वरुण ठाकुर, प्रवीण कुमार, विरेंद्र कुमार, ईशा कुमारी, प्रिया ठाकुर आदि ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाना अनिवार्य किया गया है। लेकिन, खराब मशीनों की मरम्मत करवाने के बाद भी इनमें हाजिरी लगाने में 10 मिनट से एक घंटे तक का समय लग रहा है। ऐसे में शिक्षकों को मशीनों की मरम्मत करवाने के लिए बार-बार इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। वहीं, मशीनों की मरम्मत करवाने के लिए उन्हें किसी भी प्रकार की बजट राशि उपलब्ध नहीं करवाई गई है। ऐसे में शिक्षकों को अपनी जेब से खर्च करके मशीनों की मरम्मत करवानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों के खराब होने का सिलसिला जारी है। इससे उन्हें काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षा विभाग से समस्या का समाधान करवाने की मांग की है।
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प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि अधिकांश स्कूलों में खराब मशीनों की मरम्मत करवाई जा चुकी है। वहीं, जिन स्कूलों में मरम्मत होने के बाद भी मशीनें खराब पड़ी हुई हैं। उनमें मेकेनिक भेजकर मशीनों की मरम्मत करवा दी जाएगी ताकि स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों से हाजिरी लगाई जा सके।
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