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महिलाओं की मददगार बनीं भरमोटी निवासी रीना चंदेल

Sun, 16 Oct 2022 11:54 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Oct 2022 11:54 PM IST
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Bharmoti resident Reena Chandel became the helper of women
Bharmoti resident Reena Chandel became the helper of women
नादौन (हमीरपुर)। उपमंडल नादौन की ग्राम पंचायत भरमोटी के गांव भरमोटी खुर्द की रीना चंदेल ने स्वरोजगार की दिशा में उत्कृष्ट कार्य कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई है। वह न केवल खुद बल्कि अपने साथ क्षेत्र की करीब 70 महिलाओं की आर्थिकी भी मजबूत कर रही हैं। रीना चंदेल स्वयं सहायता समूह के माध्यम से पपीता, आंवले, अदरक की बर्फी, आंवले के लड्डू, अचार, बड़ियां और चटनी बनाकर प्रतिमाह 80 से 90 हजार रुपये कमा रही हैं। रीना चंदेल पहले पंजाब में कॉलेज प्रवक्ता के पद पर तैनात थीं। लेकिन, पारिवारिक समस्याओं के चलते उन्हें नौकरी छोड़कर घर आना पड़ा। इसके बाद उन्होंने अपने पति के साथ एक कॉलेज खोला। लेकिन, कॉलेज भी सुचारु रूप नहीं चल पाया। इसके बावजूद महिला ने हिम्मत नहीं हारी और आत्मनिर्भर बनने के लिए घर पर उपलब्ध स्वदेशी वस्तुओं से स्वादिष्ट पकवान बनाना शुरू किया। उन्होंने न्यू आजीविका स्वयं सहायक समूह का गठन किया। इसमें 70 बेरोजगार महिलाओं को अपने साथ जोड़कर रोजगार उपलब्ध करवाया।
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समूह में महिलाओं की ओर से बनाए पकवान लोगों को भी खूब पसंद आ रहे हैं और अब यह समूह प्रतिमाह 80 से 90 हजार रुपये कमा रहा है। न्यू आजीविका स्वयं सहायता समूह हमीरपुर के अलावा धर्मशाला, मंडी तथा शिमला जैसे बड़े शहरों में भी प्रदर्शनी में स्टाल के माध्यम से अपने हाथ से बनी परंपरागत मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों को सस्ते दाम पर उपलब्ध करवा चुका है। इसके लिए मंडी में लगने वाले सरस मेले व अन्य कई जगहों पर जिला प्रशासन की ओर से उन्हें नकद पुरस्कार, राज्य स्तरीय पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है। रीना चंदेल ने बताया कि समूह की ओर से बनाई जा रही पपीते की बर्फी की मांग देश भर में है।
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उत्पादन बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के तहत उद्योग विभाग की सहायता से गगाल गांव में एक यूनिट भी लगाया जा रहा है। इसमें क्षेत्र के अन्य बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। नौकरी छोड़ने एवं कॉलेज बंद होने के बाद भी हिम्मत न हारकर कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण लिया। अपनी कला को और निखारा और बड़े पैमाने पर उत्पाद बेच रही हैं। अब वह प्रदेश ही नहीं बल्कि प्रदेश के बाहर भी बड़े समारोहों में अपने उत्पाद के स्टाल लगाती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को किसी भी हाल में हार नहीं माननी चाहिए। हमारे चारों ओर आजीविका चलाने के लिए कई प्रकार के साधन उपलब्ध होते हैं।
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