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Hamirpur (Himachal) News: संतुलित भोजन और व्यायाम बचाएगा गठिया रोग से
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संवाद न्यूज एजेंसी हमीरपुर। अगर आपके जोड़ों में दर्द है और यह दर्द कई हफ्तों से ठीक नहीं हुआ है तो यह लक्षण गठिया रोग के हो सकते हैं। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में मुख्यत: दो प्रकार के गठिया के मरीज आते हैं। ऑस्टियो अर्थराइटिस गठिया के रोजाना 15 से 20 केस आते हैं। वहीं, रूमेटाइड गठिया के चार से पांच मरीज आते हैं। अन्य चार सिविल अस्पताल टौणीदेवी, भोरंज, नादौन, बड़सर अस्पताल में गठिया के चार से पांच केस आते हैं। ऑस्टियो अर्थराइटिस सबसे आम प्रकार का गठिया है। यह गठिया रोग सबसे आम रूप में गिना जाता है। ऐसी अवस्था में व्यक्ति के जोड़ों में दर्द और सूजन के साथ-साथ हिलने की गति पर भी असर पड़ता है।
ऑस्टियो अर्थराइटिस जोड़ों के कार्टिलेज पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और धीरे-धीरे कार्टिलेज टूटना शुरू हो जाते हैं। रूमेटाइड अर्थराइटिस गठिया एक ऑटोइम्यून बीमारी है। यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, जोड़ों और अपने स्वयं के उतकों पर हमला करती है। गठिया रोग से बचाव के लिए व्यक्ति को अपना वजन कम करना चाहिए। नियमित रूप से व्यायाम करते रहना चाहिए। सुबह जल्दी उठना चाहिए और एक लंबी सैर, सुबह की धूप लेना, ज्यादा देर तक एक ही जगह पर न बैठें, बीच-बीच में थोड़ा जरूर टहलने से गठिया से बचा जा सकता है। विश्वभर में 12 अक्तूबर को विश्व गठिया दिवस मनाया जाएगा। अर्थराइटिस गठिया एक, उससे अधिक या संयुक्त जोड़ों की सूजन को दर्शाता है। यह रोग घुटनों में दर्द और अकड़न पैदा कर देता है और आमतौर पर बुजुर्ग वर्ग में पाया जाता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं के भीतर यह शिकायत ज्यादा देखने को मिलती है, खासतौर से वह जिनका वजन ज्यादा हो।
इसकी शुरुआत शरीर के किसी भी जोड़ से हो सकती है और समय के साथ-साथ यह शरीर के बाकी जोड़ों को भी प्रभावित कर सकता है। जब व्यक्ति को गठिया रोग जैसी बीमारी होती है तो ऐसे समय में कार्टिलेज की मात्रा में कमी हो जाती है, जिस वजह से एक हड्डी दूसरी हड्डी से रगड़ती है और कुछ परेशानियां उत्पन्न हो जाती हैं। वहीं, परिवार में किसी व्यक्ति में गठिया रोग की शिकायत पाई जा रही है तो संभावना होती है कि यह बीमारी अन्य व्यक्तियों में भी पाई जाए। मोटापा भी गठिया रोग होने की संभावनाएं बढ़ा सकता है। गठिया के कारण जोड़ों में दर्द रहता है। जब जोड़ों में दर्द कुछ दिन या हफ्तों में ठीक न हो और चलते-फिरते या उठते बैठते दर्द होने लगे तो किसी अच्छे चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
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यूरिक एसिड, सूजन, खून की कमी से भी होता है गठिया
यूरिक एसिड, सूजन, खून की कमी आदि के कारण भी गठिया होता है। इस बारे में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि गठिया कई प्रकार का होता है और इसका इलाज ऑर्थो और मेडिसिन दोनों विभागों में किया जाता है।
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ऑस्टियो अर्थराइटिस जोड़ों के कार्टिलेज पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और धीरे-धीरे कार्टिलेज टूटना शुरू हो जाते हैं। रूमेटाइड अर्थराइटिस गठिया एक ऑटोइम्यून बीमारी है। यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, जोड़ों और अपने स्वयं के उतकों पर हमला करती है। गठिया रोग से बचाव के लिए व्यक्ति को अपना वजन कम करना चाहिए। नियमित रूप से व्यायाम करते रहना चाहिए। सुबह जल्दी उठना चाहिए और एक लंबी सैर, सुबह की धूप लेना, ज्यादा देर तक एक ही जगह पर न बैठें, बीच-बीच में थोड़ा जरूर टहलने से गठिया से बचा जा सकता है। विश्वभर में 12 अक्तूबर को विश्व गठिया दिवस मनाया जाएगा। अर्थराइटिस गठिया एक, उससे अधिक या संयुक्त जोड़ों की सूजन को दर्शाता है। यह रोग घुटनों में दर्द और अकड़न पैदा कर देता है और आमतौर पर बुजुर्ग वर्ग में पाया जाता है। पुरुषों की तुलना में महिलाओं के भीतर यह शिकायत ज्यादा देखने को मिलती है, खासतौर से वह जिनका वजन ज्यादा हो।
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इसकी शुरुआत शरीर के किसी भी जोड़ से हो सकती है और समय के साथ-साथ यह शरीर के बाकी जोड़ों को भी प्रभावित कर सकता है। जब व्यक्ति को गठिया रोग जैसी बीमारी होती है तो ऐसे समय में कार्टिलेज की मात्रा में कमी हो जाती है, जिस वजह से एक हड्डी दूसरी हड्डी से रगड़ती है और कुछ परेशानियां उत्पन्न हो जाती हैं। वहीं, परिवार में किसी व्यक्ति में गठिया रोग की शिकायत पाई जा रही है तो संभावना होती है कि यह बीमारी अन्य व्यक्तियों में भी पाई जाए। मोटापा भी गठिया रोग होने की संभावनाएं बढ़ा सकता है। गठिया के कारण जोड़ों में दर्द रहता है। जब जोड़ों में दर्द कुछ दिन या हफ्तों में ठीक न हो और चलते-फिरते या उठते बैठते दर्द होने लगे तो किसी अच्छे चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
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यूरिक एसिड, सूजन, खून की कमी से भी होता है गठिया
यूरिक एसिड, सूजन, खून की कमी आदि के कारण भी गठिया होता है। इस बारे में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि गठिया कई प्रकार का होता है और इसका इलाज ऑर्थो और मेडिसिन दोनों विभागों में किया जाता है।