{"_id":"6abd654010f713041c06b26e","slug":"anurag-discussed-the-education-bill-in-goa-hamirpur-hp-news-r-399-1-sml1005-532204-2026-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: शिक्षा विधेयक पर अनुराग ने गोवा में की चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: शिक्षा विधेयक पर अनुराग ने गोवा में की चर्चा
Thu, 01 Oct 2026 01:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 01 Oct 2026 01:08 AM IST
विज्ञापन
हमीरपुर। पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एवं लोकसभा सांसद अनुराग सिंह ठाकुर बुधवार को विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 पर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के गोवा अध्ययन दौरे में शामिल हुए।
इस दौरान समिति ने विधेयक के प्रावधानों को लेकर शिक्षा, वित्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और रक्षा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया। गोवा सरकार, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गोवा और गोवा विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने समिति के समक्ष सुझाव रखे।
इसके अलावा महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, सी-डैक पुणे और भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। बैठक में शिक्षा मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों ने विधेयक से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
विज्ञापन
बाद के सत्र में उच्च शिक्षा के वित्तीय पहलुओं पर चर्चा हुई। समिति ने वित्तीय सेवा विभाग, रक्षा उत्पादन विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी सुझाव लिए। अध्ययन दौरे का उद्देश्य प्रस्तावित विधेयक पर विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों से सुझाव प्राप्त करना रहा।
विज्ञापन
इस दौरान समिति ने विधेयक के प्रावधानों को लेकर शिक्षा, वित्त, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और रक्षा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों के साथ विचार-विमर्श किया। गोवा सरकार, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गोवा और गोवा विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने समिति के समक्ष सुझाव रखे।
विज्ञापन
इसके अलावा महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, सी-डैक पुणे और भारतीय भू-चुंबकत्व संस्थान के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। बैठक में शिक्षा मंत्रालय, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारियों ने विधेयक से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
विज्ञापन
बाद के सत्र में उच्च शिक्षा के वित्तीय पहलुओं पर चर्चा हुई। समिति ने वित्तीय सेवा विभाग, रक्षा उत्पादन विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी सुझाव लिए। अध्ययन दौरे का उद्देश्य प्रस्तावित विधेयक पर विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों से सुझाव प्राप्त करना रहा।