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Hamirpur (Himachal) News: अपात्र कामगारों पर गिरी गाज, पांच ने एफआईआर के डर से लौटाई धनराशि
Tue, 19 Aug 2025 07:49 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 19 Aug 2025 07:49 AM IST
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हमीरपुर। भवन निर्माण एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड में हुए गड़बड़झाले अब खुलकर सामने आ रहे हैं। बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर ने सोमवार को बताया कि एफआईआर दर्ज होने के डर से पांच अपात्र कामगारों ने योजनाओं से प्राप्त धनराशि वापस लौटा दी है। इनसे दो लाख रुपये से अधिक राशि की वसूली हुई है।
पत्रकार वार्ता में कंवर ने कहा कि अप्रैल 2021 से अक्तूबर 2022 तक महज डेढ़ वर्षों में हजारों अपात्र लोगों का पंजीकरण कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया गया। खासकर वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कुछ महीनों में ही प्रदेश में 70 हजार श्रमिकों को पंजीकृत किया गया और इस दौरान 171.61 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ बांटे गए।
जांच में सामने आया है कि अब तक प्रदेश भर में 1495 ऐसे लोग चिन्हित हुए हैं, जिन्होंने गलत तरीके से योजनाओं का लाभ उठाया। इन पर एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। कंवर ने साफ किया कि इस घोटाले में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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ई-केवाईसी व फिजिकल वेरिफिकेशन के आदेश
उन्होंने बताया कि सभी जिलों के श्रम कल्याण अधिकारियों को छह माह के भीतर कामगारों की ई-केवाईसी हिम परिवार पोर्टल के माध्यम से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को, यानी महीने के आठ दिन, फील्ड में जाकर श्रमिकों की फिजिकल वेरिफिकेशन भी की जाएगी।
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पत्रकार वार्ता में कंवर ने कहा कि अप्रैल 2021 से अक्तूबर 2022 तक महज डेढ़ वर्षों में हजारों अपात्र लोगों का पंजीकरण कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाया गया। खासकर वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कुछ महीनों में ही प्रदेश में 70 हजार श्रमिकों को पंजीकृत किया गया और इस दौरान 171.61 करोड़ रुपये के वित्तीय लाभ बांटे गए।
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जांच में सामने आया है कि अब तक प्रदेश भर में 1495 ऐसे लोग चिन्हित हुए हैं, जिन्होंने गलत तरीके से योजनाओं का लाभ उठाया। इन पर एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। कंवर ने साफ किया कि इस घोटाले में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्हें नोटिस भेजे जाएंगे और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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ई-केवाईसी व फिजिकल वेरिफिकेशन के आदेश
उन्होंने बताया कि सभी जिलों के श्रम कल्याण अधिकारियों को छह माह के भीतर कामगारों की ई-केवाईसी हिम परिवार पोर्टल के माध्यम से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को, यानी महीने के आठ दिन, फील्ड में जाकर श्रमिकों की फिजिकल वेरिफिकेशन भी की जाएगी।