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गांधी चौक पर क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे एबीवीपी कार्यकर्ता
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एबीवीपी कार्यकर्ता गांधी पर क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे।
- फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय की एबीवीपी इकाई के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को गांधी चौक पर क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी। 27 दिसंबर से प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय की एबीवीपी इकाई का आंदोलन लगातार जारी है, जिसके तहत यह क्रमिक हड़ताल गांधी चौक पर की जा रही है।
विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कहा कि लंबे समय से वाइस चांसलर के बिना ही तकनीकी विश्वविद्यालय चल रहा है। प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय की एबीवीपी इकाई अध्यक्ष महेश भारद्वाज ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की जाएंगी तो एबीवीपी के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का घेराव करने को विवश होंगे।
लंबे समय से छात्र हित में मांगों को लेकर आंदोलन किए जा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है। प्रदेश तकनीकी शिक्षा मंत्री से लेकर राज्यपाल तक वह अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंप चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि तकनीकी विश्वविद्यालय एक सरकारी विश्वविद्यालय है, बावजूद इसके यहां पर निजी विश्वविद्यालय के अपेक्षाकृत पढ़ाई महंगी है। पिछले कुछ सालों में अत्यधिक फीस बढ़ोतरी की गई है जिस वजह से आम विद्यार्थियों के लिए यहां पर पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। महेश भारद्वाज ने कहा कि तकनीकी विश्वविद्यालय को प्रदेश सरकार की तरफ से ग्रांट भी नहीं दी जा रही है।
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विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कहा कि लंबे समय से वाइस चांसलर के बिना ही तकनीकी विश्वविद्यालय चल रहा है। प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय की एबीवीपी इकाई अध्यक्ष महेश भारद्वाज ने कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की जाएंगी तो एबीवीपी के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का घेराव करने को विवश होंगे।
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लंबे समय से छात्र हित में मांगों को लेकर आंदोलन किए जा रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है। प्रदेश तकनीकी शिक्षा मंत्री से लेकर राज्यपाल तक वह अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंप चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि तकनीकी विश्वविद्यालय एक सरकारी विश्वविद्यालय है, बावजूद इसके यहां पर निजी विश्वविद्यालय के अपेक्षाकृत पढ़ाई महंगी है। पिछले कुछ सालों में अत्यधिक फीस बढ़ोतरी की गई है जिस वजह से आम विद्यार्थियों के लिए यहां पर पढ़ाई करना मुश्किल हो गया है। महेश भारद्वाज ने कहा कि तकनीकी विश्वविद्यालय को प्रदेश सरकार की तरफ से ग्रांट भी नहीं दी जा रही है।
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