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Hamirpur (Himachal) News: प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाई का स्तर परखेगा सर्वे, नौनिहालों की होगी टेस्टिंग
Tue, 19 Aug 2025 07:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 19 Aug 2025 07:44 AM IST
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हमीरपुर। जिले के प्राथमिक स्कूलों में अब पढ़ाई की गुणवत्ता को लेकर विशेष सर्वे किया जाएगा। इस सर्वे के तहत खासतौर पर प्री-प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ रहे नौनिहालों के टेस्ट होंगे। टेस्ट के नतीजों के आधार पर स्कूल स्तर पर चल रहे शैक्षणिक अभियानों का मूल्यांकन किया जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर अगले शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नई योजनाएं तैयार की जाएंगी ताकि बच्चों की सीखने की क्षमता को और निखारा जा सके।
जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, टेस्ट खंड स्तर पर जेबीटी शिक्षक अभिभावकों की मौजूदगी में लेंगे। इसके बाद प्रत्येक स्कूल का रिकॉर्ड तैयार कर जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान, गौना करौर को भेजा जाएगा, जहां से इनकी मॉनिटरिंग होगी। फिलहाल जिले के 406 प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित हो रही हैं। यहां नौनिहालों को निपुण भारत मिशन, समग्र शिक्षा अभियान, बाल वाटिका, बाला फीचर, मैजिक बॉक्स, जादुई पिटारा, ऑनलाइन मोबाइल लर्निंग और खेल-खेल में गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है।
विभाग का मानना है कि इन कार्यक्रमों से बच्चों के पंचकोषीय विकास (शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक और बौद्धिक) में सुधार हुआ है। अब सर्वे से यह आकलन होगा कि अभियान कितने प्रभावी साबित हुए हैं।
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प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाई का स्तर जांचने के लिए टेस्ट लिए जाएंगे। टेस्ट के परिणाम के बाद स्कूल स्तर पर संचालित अभियानों की रिपोर्ट तैयार होगी। जिसके आंकलन के बाद आगामी समय में नए अभियानों को शुरू किया जाएगा। -भवानी सिंह, जिला समन्वयक, प्री-प्राइमरी
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जिला शिक्षा विभाग के अनुसार, टेस्ट खंड स्तर पर जेबीटी शिक्षक अभिभावकों की मौजूदगी में लेंगे। इसके बाद प्रत्येक स्कूल का रिकॉर्ड तैयार कर जिला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान, गौना करौर को भेजा जाएगा, जहां से इनकी मॉनिटरिंग होगी। फिलहाल जिले के 406 प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाएं संचालित हो रही हैं। यहां नौनिहालों को निपुण भारत मिशन, समग्र शिक्षा अभियान, बाल वाटिका, बाला फीचर, मैजिक बॉक्स, जादुई पिटारा, ऑनलाइन मोबाइल लर्निंग और खेल-खेल में गतिविधियों के माध्यम से पढ़ाया जा रहा है।
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विभाग का मानना है कि इन कार्यक्रमों से बच्चों के पंचकोषीय विकास (शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, भावनात्मक और बौद्धिक) में सुधार हुआ है। अब सर्वे से यह आकलन होगा कि अभियान कितने प्रभावी साबित हुए हैं।
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प्राथमिक स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षाओं में पढ़ाई का स्तर जांचने के लिए टेस्ट लिए जाएंगे। टेस्ट के परिणाम के बाद स्कूल स्तर पर संचालित अभियानों की रिपोर्ट तैयार होगी। जिसके आंकलन के बाद आगामी समय में नए अभियानों को शुरू किया जाएगा। -भवानी सिंह, जिला समन्वयक, प्री-प्राइमरी