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डेढ़ माह से नहीं मिली रसोई गैस
Hamirpur
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:33 AM IST
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अवाहदेवी (हमीरपुर)। गैस एजेंसी भोरंज के अंतर्गत अवाहदेवी क्षेत्र में डेढ़ माह से गैस आपूर्ति नहीं हो पाई है। इससे क्षेत्र के लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। लोग गैस सिलेंडर की गाड़ी के इंतजार में रोजाना गैस सिलेंडर उठाकर सड़क में आ रहे हैं। देर शाम तक इंतजार करने के बाद वे मायूस होकर घर लौट रहे हैं। ऐसे में क्षेत्र के लोगों में गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर रोष है।
अवाहदेवी कस्बे के साथ लगती ग्राम पंचायत समीरपुर, बगबाड़ा, चंबोह के गांव खनसन, मतलाना, भुहाना, हयोड़ व अवाहदेवी आदि गांवों के सैकड़ों लोगों को गत डेढ़ माह से गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं हो पाई है। त्योहारी सीजन में लोगों को गैस सिलेंडर न मिलने से खासी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। कई उपभोक्ता खाली गैस सिलेंडरों को दुकानों में छोड़ जाते हैं। इसके बदले दुकानदार को पांच से दस रुपये प्रतिदिन एक सिलेंडर रखने का चार्ज दिया जाता है। कई सिलेंडर गत डेढ़ माह से दुकानों में पड़े हैं। दुकानों में रोजाना गैस सिलेंडरों की बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में एक दुकानदार को इतने सिलेंडरों को संभालना मुश्किल हो रहा है। वहीं गैस उपभोक्ताओं को दुकान में सिलेंडर रखने का रोजाना पांच से 10 रुपये का चार्ज पड़ रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही उनकी पंचायतों में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं की गई तो उन्हें गैस एजेंसी भोरंज में धरना देने को मजबूर होना पड़ेगा।
क्या कहते हैं उपभोक्ता
हयोड़ के आईडी वर्मा का कहना कि पहले हर सप्ताह गैस आती थी। पिछले कुछ समय से महीने में एक बार आती थी, लेकिन इस बार तो डेढ़ माह से क्षेत्र में गैस की गाड़ी नहीं पहुंची है।
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अवाहदेवी के चमन लाल का कहना है कि उनके दोनों गैस सिलेंडर खाली हैं। ऐसे में उनके परिवार को खाना बनाने में मुश्किल हो रही है। मजबूरन लकड़ियां जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है।
रेखा देवी का कहना है कि दिवाली के दिन गैस सिलेंडर खाली होने से मजबूरन लकड़ियां जलाकर पकवान बनाने पड़े। गैस सिलेंडरों की सप्लाई न होने से उनका अधिकतर समय लकड़ियां एकत्रित करने में व्यतीत हो रहा है।
प्रीता देवी का कहना है कि गैस की आपूर्ति न होने से खाना बनाने में कठिनाई हो रही है। लकड़ियों के अभाव में दो वक्त का खाना बनाना मुश्किल हो गया है।
रितु कतना का कहना है कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति न होने से रोजाना दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बच्चों का खाना समय पर नहीं बन रहा है। ऐसे में बच्चे स्कूल के लिए भी लेट हो रहे हैं।
वहीं कमलेश कुमार का कहना है कि गैस सिलेंडरों के अभाव में सुबह की चाय देरी से मिल रही है। इससे दिनचर्या तो प्रभावित हो रही है। साथ ही खाना बनाने की चिंता भी सता रही है।
क्या कहते हैं एजेंसी के मैनेजर
भोरंज गैस एजेंसी के मैनेजर अजय चंदेल का कहना है कि गैस की सप्लाई पीछे से ही कम आ रही है। बुधवार को अवाहदेवी के लिए गाड़ी भेज दी जाएगी ताकि लोगों की समस्या का समाधान हो सके।
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अवाहदेवी कस्बे के साथ लगती ग्राम पंचायत समीरपुर, बगबाड़ा, चंबोह के गांव खनसन, मतलाना, भुहाना, हयोड़ व अवाहदेवी आदि गांवों के सैकड़ों लोगों को गत डेढ़ माह से गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं हो पाई है। त्योहारी सीजन में लोगों को गैस सिलेंडर न मिलने से खासी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है। कई उपभोक्ता खाली गैस सिलेंडरों को दुकानों में छोड़ जाते हैं। इसके बदले दुकानदार को पांच से दस रुपये प्रतिदिन एक सिलेंडर रखने का चार्ज दिया जाता है। कई सिलेंडर गत डेढ़ माह से दुकानों में पड़े हैं। दुकानों में रोजाना गैस सिलेंडरों की बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में एक दुकानदार को इतने सिलेंडरों को संभालना मुश्किल हो रहा है। वहीं गैस उपभोक्ताओं को दुकान में सिलेंडर रखने का रोजाना पांच से 10 रुपये का चार्ज पड़ रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द ही उनकी पंचायतों में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं की गई तो उन्हें गैस एजेंसी भोरंज में धरना देने को मजबूर होना पड़ेगा।
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क्या कहते हैं उपभोक्ता
हयोड़ के आईडी वर्मा का कहना कि पहले हर सप्ताह गैस आती थी। पिछले कुछ समय से महीने में एक बार आती थी, लेकिन इस बार तो डेढ़ माह से क्षेत्र में गैस की गाड़ी नहीं पहुंची है।
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अवाहदेवी के चमन लाल का कहना है कि उनके दोनों गैस सिलेंडर खाली हैं। ऐसे में उनके परिवार को खाना बनाने में मुश्किल हो रही है। मजबूरन लकड़ियां जलाकर खाना बनाना पड़ रहा है।
रेखा देवी का कहना है कि दिवाली के दिन गैस सिलेंडर खाली होने से मजबूरन लकड़ियां जलाकर पकवान बनाने पड़े। गैस सिलेंडरों की सप्लाई न होने से उनका अधिकतर समय लकड़ियां एकत्रित करने में व्यतीत हो रहा है।
प्रीता देवी का कहना है कि गैस की आपूर्ति न होने से खाना बनाने में कठिनाई हो रही है। लकड़ियों के अभाव में दो वक्त का खाना बनाना मुश्किल हो गया है।
रितु कतना का कहना है कि गैस सिलेंडरों की आपूर्ति न होने से रोजाना दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बच्चों का खाना समय पर नहीं बन रहा है। ऐसे में बच्चे स्कूल के लिए भी लेट हो रहे हैं।
वहीं कमलेश कुमार का कहना है कि गैस सिलेंडरों के अभाव में सुबह की चाय देरी से मिल रही है। इससे दिनचर्या तो प्रभावित हो रही है। साथ ही खाना बनाने की चिंता भी सता रही है।
क्या कहते हैं एजेंसी के मैनेजर
भोरंज गैस एजेंसी के मैनेजर अजय चंदेल का कहना है कि गैस की सप्लाई पीछे से ही कम आ रही है। बुधवार को अवाहदेवी के लिए गाड़ी भेज दी जाएगी ताकि लोगों की समस्या का समाधान हो सके।