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आयुर्वेद चिकित्सकों से सरकार ने किया धोखा
Hamirpur
Updated Mon, 27 Oct 2014 05:32 AM IST
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नादौन (हमीरपुर)। प्रदेश सरकार आयुर्वेदिक चिकित्सकों के साथ धोखा करके पिछली सरकार के किए कार्यों का श्रेय लेने का प्रयास कर रही है। पत्रकार वार्ता में भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद के सदस्य डा. अशोक शर्मा ने कहा कि कुछ चाटुकार स्वार्थ साधने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सकों के हितों को दरकिनार करके मुख्यमंत्री के समक्ष झूठा गुणगान कर रहे हैं। इसे सहन नहीं किया जाएगा। जिन अनुबंध चिकित्सकों का 25 प्रतिशत वेतन बढ़ाने की बात कही जा रही है, उन्हें तो पूर्व धूमल सरकार ने 18 सितंबर 2012 को मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लेकर स्वास्थ्य विभाग के बराबर वेतन भत्ते देने का निर्णय लिया था। इसे वर्तमान सरकार ने रद्द करके केवल मात्र 3700 रुपये का लाभ इन अधिकारियों को दिया है। पूर्व सरकार के निर्णय के अनुसार इन अधिकारियों को 11 हजार रुपये का लाभ मिलना था। राजीव गांधी पीजी आयुर्वेदिक कॉलेज पपरोला में कार्यरत प्राध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 62 साल करने पर उन्होंने कहा कि भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद ने प्राध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने के निर्देश दिए हैं। इन्हें वर्तमान सरकार ने अभी तक लागू नहीं किया है।
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